फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में सवार 174 यात्रियों के लिए उड़ान के दौरान कुछ सेकंड बेहद डरावने रहे. भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने इस संकट के बीच विमान को संभालने में अहम भूमिका निभाई. 30 हजार फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर 30 सेकंड तक विमान के साथ क्या हुआ, अब फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म Flightradar24 से मिले नए और ज्यादा विस्तृत आंकड़ों से इसकी तस्वीर सामने आई है.
आजतक की OSINT टीम ने इन आंकड़ों का विश्लेषण किया और 3D विजुअलाइजेशन के जरिए उस भयानक मंजर को क्रमवार री-क्रिएट किया है। इसमें कुछ ही सेकंड के भीतर विमान की ऊंचाई, रफ्तार और दिशा में हुए बेहद बड़े बदलाव दिखाई देते हैं.
30 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर शुरू हुआ घटनाक्रम
भारतीय समय के मुताबिक सुबह 10:51:48 बजे विमान FZ1073 करीब 387 नॉट्स, यानी लगभग 717 किलोमीटर प्रति घंटे की ग्राउंड स्पीड से उड़ रहा था. इसके करीब 50 सेकंड बाद, 10:52:38 बजे विमान की ग्राउंड स्पीड बढ़कर 598 नॉट्स, यानी लगभग 1,108 किलोमीटर प्रति घंटे हो गई. यानी इसकी ग्राउंड स्पीड में करीब 391 किलोमीटर प्रति घंटे का इजाफा हुआ.
इसी दौरान विमान ने अचानक अपनी दिशा बदल दी. उसने करीब 135 डिग्री का टर्न लिया और पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर जाने लगा.
18 सेकंड तक गायब रहा ट्रैकिंग डेटा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच करीब 18 सेकंड तक विमान की ट्रैकिंग का डेटा नहीं मिला. जब सिग्नल वापस आया तो विमान तेजी से नीचे आ रहा था. 10:52:07 बजे विमान करीब 30,875 फीट की ऊंचाई पर था. सिर्फ 29 सेकंड बाद, 10:52:36 बजे यह सीधे करीब 16,750 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गया. यानी सिर्फ 29 सेकंड में विमान करीब 14,125 फीट, यानी करीब 4.3 किलोमीटर नीचे आ गया.
हर सेकंड करीब 487 फीट नीचे आया विमान
विमान के नीचे आने की औसत रफ्तार करीब 487 फीट प्रति सेकंड रही. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि प्लेन के नीचे आने की रफ्तार 535 किमी/घंटा थी. सिर्फ आधे मिनट से भी कम वक्त में विमान करीब 4.3 किलोमीटर नीचे आ गया. इस गिरावट को समझने के लिए आजतक की टीम ने 3D तस्वीर में ऊंची इमारतों और पहाड़ों से जोड़कर दिखाया गया है.
इसी औसत रफ्तार से अगर विमान नीचे आता तो बुर्ज खलीफा जितनी ऊंचाई की दूरी करीब 5.6 सेकंड में तय हो जाती. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की 182 मीटर ऊंचाई करीब 1.2 सेकंड में पार हो जाती. वहीं माउंट एवरेस्ट की 8,848 मीटर ऊंचाई के बराबर दूरी तय करने में करीब 59.5 सेकंड लगते.
यानी सिर्फ 29 सेकंड में FZ1073 जितना नीचे आया, वह पांच से ज्यादा बुर्ज खलीफा की ऊंचाई के बराबर है.

32,600 फीट प्रति मिनट तक पहुंची नीचे आने की रफ्तार
करीब 10 सेकंड तक विमान के नीचे आने की रफ्तार लगभग 32,600 फीट प्रति मिनट दर्ज हुई. यह फ्लाइट ट्रैकिंग सिस्टम में दिखाई देने वाली सबसे ज्यादा रफ्तार है. इसका मतलब यह भी हो सकता है कि विमान असल में इससे भी तेज नीचे आया हो. Flightradar24 ने इस पूरे घटनाक्रम को तेजी से नीचे आना, तेजी से ऊपर जाना और फिर दोबारा नीचे आना बताया है.

नीचे आने के बाद फिर तेजी से चढ़ा विमान
विमान करीब 16,600 फीट की ऊंचाई पर सबसे नीचे पहुंचा. इसी दौरान उसने पश्चिम से उत्तर-पूर्व की ओर करीब 135 डिग्री का टर्न लिया. इसके बाद विमान ऊपर जाने लगा.
आंकड़ों के मुताबिक, विमान ने एक मिनट से भी कम समय में करीब 5,000 फीट की ऊंचाई हासिल की. इसके बाद वह फिर नीचे आया और 15,000 फीट से भी कम ऊंचाई पर पहुंच गया.
आजतक की 3D तस्वीर में विमान के रास्ते, तेजी से नीचे आने, फिर ऊपर जाने और उसके बाद यू-टर्न लेने का पूरा क्रम दिखाया गया है. तस्वीर में विमान का इस्तेमाल किया गया चिह्न सिर्फ समझाने के लिए है. असल उड़ान Boeing 737 MAX से हुई थी.
आखिर विमान के साथ क्या हुआ?
इन आंकड़ों से यह जरूर पता चलता है कि उस दौरान विमान के साथ क्या हुआ, लेकिन इससे यह साफ नहीं होता कि कॉकपिट में उस वक्त क्या चल रहा था या विमान अचानक इतनी तेजी से नीचे क्यों आने लगा. इसका सही जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिलेगा. जांच करने वाली टीम विमान की हालत, मौके से मिले सबूत, फ्लाइट रिकॉर्डर, कॉकपिट से जुड़े आंकड़े और चश्मदीदों की जानकारी देखेगी.
फिलहाल सामने आए आंकड़े 30 हजार फीट से ज्यादा की ऊंचाई पर FZ1073 के उन करीब 30 सेकंड की तस्वीर दिखाते हैं, जब विमान तेजी से नीचे आया, अचानक दिशा बदली, फिर ऊपर गया और दोबारा नीचे आ गया. इस मुश्किल वक्त में विमान को वापस काबू में लाने के लिए चालक दल ने क्या कदम उठाए, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी.