संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में भारतीय कैप्टन पर हुए हमले को 'आतंकी हमला' बताया है. UAE के अटॉर्नी जनरल के बयान के मुताबिक, ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर विमान के कॉकपिट में मौजूद 'क्रैश एक्स' से हमला किया और इसके बाद फ्लाइट पर कंट्रोल करने की कोशिश की.
घटना के समय फ्लाइट में 174 यात्री सवार थे. हमले के बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हस्तक्षेप किया और को-पायलट को काबू में किया. इस बीच UAE के वरिष्ठ राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने भी X पर पोस्ट कर इस घटना को 'खतरनाक आतंकी कृत्य' बताया. उन्होंने भारतीय पायलट की तारीफ करते हुए लिखा कि फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मछार ने संभावित आपदा के सामने साहस और जिम्मेदारी का परिचय दिया. उन्होंने पायलट के पेशेवर रवैये की प्रशंसा करते हुए उन्हें 'सच्चा हीरो' बताया.

सऊदी अरब के सरकारी मीडिया आउटलेट अल-अरबिया ने को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में की है. जांच से परिचित तीन अन्य लोगों ने भी एसोसिएटेड प्रेस (AP) से उसकी पहचान की पुष्टि की है. इनमें खाड़ी क्षेत्र के एक राजनयिक और एक पश्चिमी राजनयिक भी शामिल हैं. अल-हम्मामी की पहचान सामने आने के बाद उसके अतीत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, कट्टरपंथी विचारों का होने के शक में ओमान में उसे पहले विमान उड़ाने से रोक दिया गया था. बाद में उसने फ्लाईदुबई जॉइन की. हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि फ्लाईदुबई में भर्ती से पहले उसकी कितनी गहराई से जांच हुई थी और एयरलाइन को उसके पिछले रिकॉर्ड के बारे में कितनी जानकारी थी. एक क्षेत्रीय अधिकारी ने AP को बताया कि ओमान एयर में फ्लाइंग ड्यूटी से हटाए जाने के बाद अल-हम्मामी को एयरलाइन में प्रशासनिक जिम्मेदारी दी गई थी. अधिकारी के मुताबिक, अल-हम्मामी का जन्म UAE में हुआ था और उसकी मां सीरियाई हैं.
ओमान एअर और रॉयल एअर मार्को में भी कर चुका था काम
जानकारी के मुताबिक, फ्लाईदुबई से पहले अल-हम्मामी रॉयल एअर मार्को में भी काम कर चुका था. अब उसकी ऑनलाइन एक्टिविटी को भी जांच के दायरे में लिया गया है. AP के अनुसार, उससे जुड़ा माना जा रहा एक सोशल मीडिया अकाउंट फ्लाइट वाले दिन तक एक्टिव था और बाद में डिलीट कर दिया गया. हमाम अल-हम्मामी के नाम से मौजूद एक लिंक्डइन (LinkedIn) प्रोफाइल भी अब हटा लिया गया है.

इस प्रोफाइल के मुताबिक, उसने ओमान एअर (Oman Air) में सात साल तक काम किया और जून 2025 में रॉयल एअर मार्को जॉइन किया. उसने जनवरी 2026 में मोरक्को की इस एयरलाइन को छोड़ दिया था. हालांकि प्रोफाइल में फ्लाईदुबई का जिक्र नहीं था और आजतक/India Today स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर सका कि यह प्रोफाइल 30 सितंबर की घटना में शामिल को-पायलट का ही था.
हालांकि यह टाइमलाइन फ्लाईदुबई में उसके कथित कार्यकाल से काफी हद तक मेल खाती है. उसके एक सहयोगी ने इजरायल के चैनल 16 को बताया कि उसने करीब आठ महीने पहले एयरलाइन जॉइन की थी. इस हिसाब से उसकी जॉइनिंग फरवरी 2026 के आसपास हुई होगी.
सोशल मीडिया अकाउंट पर अल-जवाहिरी की तस्वीर का दावा
अल-हम्मामी के एक सहयोगी ने उसे 'बेहद कट्टर' बताते हुए दावा किया कि वह अक्सर नमाज पढ़ता था और महिलाओं से हाथ नहीं मिलाता था. टाइम्स ऑफ इजरायल ने भी इन जानकारियों को रिपोर्ट किया है. LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उसने ब्रिटेन की बकिंघमशायर न्यू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी के एक सूत्र ने पुष्टि की कि अल-हम्मामी नाम के एक व्यक्ति ने 2023 में वहां एविएशन मैनेजमेंट का तीन वर्षीय कोर्स पूरा किया था. CNN के मुताबिक, उस LinkedIn प्रोफाइल पर केवल दो पोस्ट थे और दोनों घटना वाले दिन बुधवार को प्रकाशित हुए थे. हालांकि ये पोस्ट पहले से शेड्यूल किए गए हो सकते हैं.
पहली पोस्ट में कई वीडियो क्लिप थे. इनमें Boeing 737 Max का कॉकपिट और दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इजरायली एयरलाइन El Al का एक विमान दिखाई देने का दावा किया गया. एक अन्य कॉकपिट वीडियो में फ्लाइट नंबर OMA624 और 11 अक्टूबर 2023 की तारीख दिखाई गई थी. यह वह समय था जब अल-हम्मामी कथित तौर पर Oman Air में काम कर रहा था.

रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो के आखिर में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी की तस्वीर थी. प्रोफाइल से जुड़े एक अन्य वीडियो में 2009 के आत्मघाती हमले के लिए जिम्मेदार अल-कायदा सदस्य हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीर होने की बात कही गई है.
दूसरी LinkedIn पोस्ट में AI से बनाई गई एक तस्वीर थी, जिसमें मक्का, मदीना और यरुशलम को दिखाया गया था. जांचकर्ता अब अल-हम्मामी की पृष्ठभूमि और उसके संभावित चरमपंथी संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं.