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'यूक्रेन को अब नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए...', रूसी रिफाइनरियों पर हमले को लेकर जेलेंस्की पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की पर निशाना साधते हुए यूक्रेन में नया राष्ट्रपति चुनने की बात कही है. इस बयान से दोनों नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं.

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ज़ेलेंस्की पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति. (Photo: Reuters)
ज़ेलेंस्की पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति. (Photo: Reuters)

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 'अब यूक्रेन को नया राष्ट्रपति चुन लेना चाहिए'. ट्रंप यूक्रेन के रूस पर हमलों से नाराज हैं. उनका आरोप है कि जेलेंस्की के पास रूस के साथ समझौता करने के कई मौके थे, लेकिन उन्होंने हर बार इन्हें गंवा दिया.

दरअसल, ट्रंप यूक्रेन के रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमलों से नाराज हैं. उनका कहना है कि इन हमलों का असर दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस यूक्रेन पर लगातार हमले कर रहा है. दूसरी ओर, रूस से डीजल खरीदने के अमेरिकी फैसले पर भी विवाद हो रहा है.

'ऐसा नेता चाहिए जो समझौता कर सके'

ट्रंप ने जेलेंस्की को रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमला न करने की सलाह दी थी. उनका कहना है कि ऐसे हमलों का असर दुनिया भर में ईंधन की कीमतों पर पड़ सकता है. ट्रंप की नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि जेलेंस्की रूस के साथ समझौता करने के कई मौके गंवा चुके हैं. अब उन्होंने यूक्रेन में ऐसा नया राष्ट्रपति चुनने की बात कही है, जो रूस के साथ समझौता कर सके.

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रूस के हमले में 20 लोगों की मौत

यूक्रेन पर रूस के हमले लगातार जारी हैं. शनिवार को जापोरिज्जिया इलाके में रूसी हवाई हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 18 लोग घायल हुए हैं. रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर भी मिसाइल हमला किया. इस हमले में चार लोग घायल हुए. रूस के हमलों में शहरों के साथ ऊर्जा से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया जा रहा है.

रूस से डीजल खरीदेगा अमेरिका

ट्रंप ने शुक्रवार को रूस से डीजल खरीदने के समझौते का ऐलान किया था. उन्होंने कहा कि रूस अमेरिका को  3 लाख टन से ज्यादा डीजल देगा. इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और आगे भी बड़ी मात्रा में डीजल की आपूर्ति की जाएगी. इस फैसले से यूक्रेन नाराज है. उसकी चिंता है कि रूस को डीजल बेचने से होने वाली कमाई युद्ध जारी रखने में मदद कर सकती है. यह फैसला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि अमेरिका पहले रूस पर दबाव बनाने के लिए प्रतिबंधों का समर्थन करता रहा है.

यूरोप के कुछ देशों ने भी इस समझौते पर चिंता जताई है. स्वीडन ने कहा कि ऊर्जा से होने वाली कमाई रूस के युद्ध खर्च में अहम भूमिका निभाती है. जर्मनी ने भी रूस पर लगे प्रतिबंध जारी रखने की बात कही है.

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इस पूरे विवाद में ट्रंप का रुख साफ है. वह चाहते हैं कि यूक्रेन रूस के साथ समझौता करे. वहीं, जेलेंस्की का कहना है कि रूस पर दबाव कम करने से उसके हमले रुकने के बजाय और बढ़ सकते हैं. दोनों नेताओं के बीच यही मतभेद अब खुलकर सामने आ रहा है.

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