अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की कोशिश में हैं. ट्रंप ने कहा है कि वह इस साल किम से मिलना चाहते हैं और दोनों के बीच रिश्ते 'बहुत अच्छे' हैं. लेकिन प्योंगयांग से जो जवाब आया है, उससे साफ है कि इस मुलाकात की राह आसान नहीं होगी.
किम की ताकतवर बहन किम यो जोंग ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप और किम के बीच व्यक्तिगत रिश्ते अच्छे हो सकते हैं, लेकिन इससे उत्तर कोरिया की सुरक्षा और सैन्य नीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने अमेरिका की नीतियों को अब भी दुश्मनी जैसा बताया.
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ट्रंप ने इसी हफ्ते अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाली संयुक्त सैन्य एक्सरसाइज को कम करने का फैसला किया था. उन्होंने इसे उत्तर कोरिया के लिए 'शत्रुतापूर्ण' बताया. इसके बाद बुधवार को ट्रंप ने किम से इसी साल मुलाकात की उम्मीद जताई.
सैन्य अभ्यास कम करना समझौते के लिए पर्याप्त नहीं!
अमेरिका की तरफ से भी कहा गया है कि वह उत्तर कोरिया के साथ बिना किसी शर्त के बातचीत के लिए तैयार है. लेकिन किम यो जोंग ने साफ संकेत दिया कि सिर्फ सैन्य अभ्यास कम करना किसी बड़े समझौते के लिए पर्याप्त नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका इन कदमों को 'सद्भावना' के तौर पर पेश करता है तो उसे मनचाहा जवाब नहीं मिलेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रंप और किम के बीच हाल में कोई संपर्क नहीं हुआ है.
इसी बीच दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने गुरुवार को अपने पूर्वी तट से करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागीं. विश्लेषकों का मानना है कि यह अमेरिका-दक्षिण कोरिया की सैन्य गतिविधियों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन हो सकता है.
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अमेरिका से बड़ी रियायत की कोशिश में उत्तर कोरिया
जानकारों के मुताबिक, उत्तर कोरिया बातचीत के लिए दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं करना चाहता, लेकिन वह अमेरिका से बड़ी रियायतें चाहता है. इनमें उत्तर कोरिया के खिलाफ शत्रुतापूर्ण नीतियों में बदलाव और परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिकी नीति में नरमी शामिल हो सकती है.
ट्रंप और किम के बीच 2018 और 2019 में ऐतिहासिक मुलाकातें हुई थीं, लेकिन परमाणु हथियारों को लेकर बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी थी. अब दोनों के बीच फिर बातचीत की संभावना बन रही है, लेकिन किम यो जोंग के सख्त रुख ने साफ कर दिया है कि प्योंगयांग इस बार अपनी शर्तों के बिना आगे बढ़ने को तैयार नहीं है.