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453KM पियर, 359KM वायाडक्ट और 32 पुल तैयार... फुल स्पीड में बुलेट ट्रेन का काम

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है. पियर, वायाडक्ट, ट्रैक, इलेक्ट्रिफिकेशन, ब्रिज और टनल का काम अहम चरण पार कर चुका है. सूरत से वापी के बीच 100 किलोमीटर के रूट पर अगस्त 2027 से बुलेट ट्रेन का पहला रन शुरू हो सकता है.

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बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेज गति से आगे बढ़ रहा है और 453 किमी पियर्स, 359 किमी वायाडक्ट और 32 पुल बनकर तैयार हैं. (Photo: X/@nhsrcl)
बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट तेज गति से आगे बढ़ रहा है और 453 किमी पियर्स, 359 किमी वायाडक्ट और 32 पुल बनकर तैयार हैं. (Photo: X/@nhsrcl)

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए अगस्त 2027 एक बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है. इस दौरान सूरत और वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर के रूट पर बुलेट ट्रेन का पहला ऑपरेशनल रन शुरू होने की उम्मीद है. पूरा 508 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर दिसंबर 2029 तक पूरा करने का टारगेट है.

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) अपने सोशल मीडिया हैंडल्स और यूट्यूब चैनल के ​जरिए समय-समय पर इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट की प्रगति से जुड़ी जानकारी देता रहता है. NHSRCL ने हाल ही में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के जुलाई 2026 की प्रोग्रेस अपडेट जारी की है. एजेंसी के मुताबिक, वायाडक्ट, ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिफिकेशन, ब्रिज और टनल से जुड़े काम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

508 KM लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई 508 किलोमीटर है. यह मुंबई और अहमदाबाद को जोड़ेगा और इसके रास्ते में महाराष्ट्र, गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में कुल 12 स्टेशन होंगे. पूरे अलाइनमेंट का करीब 90% हिस्सा एलिवेटेड होगा. इसके अलावा कॉरिडोर में टनल, ब्रिज और स्टेशन से जुड़े निर्माण कार्य भी शामिल हैं.

453 किमी में पियर का काम पूरा

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NHSRCL की जुलाई प्रोग्रेस रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 453 किलोमीटर हिस्से में पियर का निर्माण पूरा हो चुका है. वहीं, 359 किलोमीटर में वायाडक्ट का निर्माण किया जा चुका है. एजेंसी ने इसे परियोजना की लगातार हो रही प्रगति का संकेत बताया है. ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो 215 किलोमीटर में आरसी ट्रैक बेड का निर्माण पूरा हो गया है. इसके अलावा 91 किलोमीटर में ट्रैक स्लैब बिछाने और सीएएम इंजेक्शन का काम पूरा किया जा चुका है.

200 KM ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन

हाई-स्पीड ट्रेन संचालन के लिए इलेक्ट्रिफिकेशन का काम भी तेजी से चल रहा है. करीब 200 किलोमीटर के हिस्से में 9,000 से ज्यादा ओवरहेड कैटेनरी इक्विपमेंट यानी OHE मास्ट लगाए जा चुके हैं. इन्हीं के जरिए हाई-स्पीड ट्रेनों को बिजली की आपूर्ति करने वाला ओवरहेड ट्रैक्शन सिस्टम तैयार किया जाएगा. इसके अलावा करीब 297 किलोमीटर के अलाइनमेंट पर नॉइज बैरियर लगाए जा चुके हैं. इनका उद्देश्य तेज गति से चलने वाली ट्रेनों के शोर को आसपास के इलाकों तक पहुंचने से कम करना है.

17 रिवर और 15 स्टील ब्रिज पूरे

प्रोजेक्ट के तहत अब तक 17 रिवर ब्रिज और 15 स्टील ब्रिज का निर्माण पूरा हो चुका है. महाराष्ट्र में चार माउंटेन टनल की खुदाई भी पूरी हो गई है. इसके अलावा न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) के जरिए करीब 5 किलोमीटर सुरंग निर्माण का काम पूरा किया जा चुका है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले कहा था कि अगस्त 2027 में हाई-स्पीड रेल की पहली ऑपरेशनल रन शुरू हो सकती है. शुरुआती चरण में यह सेवा करीब 100 किलोमीटर लंबे सूरत-वापी सेक्शन पर चलने की योजना है. इसके बाद कॉरिडोर को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा. वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद और ठाणे-अहमदाबाद जैसे हिस्सों के बाद अंतिम चरण में मुंबई-अहमदाबाद के पूरे सेक्शन को ऑपरेशनल किया जाएगा.

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1.58 घंटे में मुंबई से अहमदाबाद

पूरा कॉरिडोर तैयार होने के बाद बुलेट ट्रेन की मैक्सिमम ऑपरेशनल स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है. रेल मंत्री के मुताबिक, चार स्टॉप के साथ मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर करीब 1 घंटे 58 मिनट में पूरा किया जा सकेगा. अगर ट्रेन सभी 12 स्टेशनों पर रुकेगी, तो यात्रा का समय करीब 2 घंटे 17 मिनट रहने का अनुमान है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के पूरी तरह तैयार होने का अगला बड़ा लक्ष्य दिसंबर 2029 है.

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