अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को 48 घंटे का समय दिया था. ट्रंप ने अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट नहीं खुला, तो अमेरिका भारी तबाही मचाएगा. ट्रंप की डेडलाइन करीब आ रही है और दुनिया भर की नजरें ईरान पर जमी हैं. इस बीच अमेरिका में भारत को लेकर एक्टिविटी भी अचानक तेज हो गई है.
भारतीय वायु सेना के प्रमुख अमर प्रीत सिंह अमेरिका में हैं. भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी वॉशिंगटन डीसी में ही हैं और ईरान पर डेडलाइन खत्म होने के कुछ घंटे पहले राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनके डिनर का कार्यक्रम निर्धारित है. अगले ही दिन यानी 8 अप्रैल को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी तीन दिन के दौरे पर अमेरिका पहुंचेंगे.
भारतीय वायु सेना प्रमुख अमेरिका में
ऐसे समय में, जब पश्चिम एशिया में लड़ाई चल रही है, भारत के वायु सेना प्रमुख एपी सिंह अमेरिका में हैं. एयर चीफ मार्शल एपी सिंह अमेरिका दौरे के दौरान अमेरिका के रक्षा अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. वायु सेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के भी एक साल पूरे हो रहे हैं और अमेरिकी वायु सेना ईरान के खिलाफ हवाई हमले कर रही है, जटिल अभियान अंजाम दे रही है.
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अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने इस दौरे का स्वागत किया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से वायु सेना प्रमुख के साथ तस्वीरें पोस्ट कर उन्होंने कहा है कि यह यात्रा भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने, दोनों देशों की वायु सेना में बढ़ता सहयोग बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. भारत और अमेरिका ने हाल ही में सैन्य सहयोग और मजबूत करने, तकनीक साझा करने और संयुक्त उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई थी.
8 अप्रैल को वॉशिंगटन पहुंचेंगे विक्रम मिस्री
वायु सेना प्रमुख एपी सिंह और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर वॉशिंगटन में ही हैं. और अब भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी वॉशिंगटन पहुंच रहे हैं. विदेश मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक विदेश सचिव विक्रम मिस्री 8 से 10 अप्रैल तक अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में रहेंगे. इस दौरान वह अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा, व्यापार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे.
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विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विक्रम मिस्री का यह दौरा भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के दायरे की समीक्षा करने और प्रमुख क्षेत्रों में जारी सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर देगा. गौरतलब है कि विदेश सचिव का यह अमेरिका दौरा विदेश मंत्री की वॉशिंगटन डीसी यात्रा के बाद हो रही है. विदेश मंत्री एस जयशंकर फरवरी में ही अमेरिका दौरे पर गए थे. विदेश सचिव के इस दौरे को दोनों देशों के बीच नियमित उच्चस्तरीय संवाद की परंपरा से जुड़ा बताया जा रहा है.