विक्रम मिसरी (Vikram Misri) जुलाई 2024 से भारत के 35वें विदेश सचिव हैं. उन्हें दिसंबर 2021 में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में बतौर उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया था. वे विदेश सेवा (Foreign Service) के एक अधिकारी हैं और उन्होंने 11 दिसंबर तक चीन में राजदूत (Ambassador to China) के रूप में कार्य किया. प्रदीप कुमार रावत ने उनसे पदभार ग्रहण किया.
विरक्रम मिसरी की जन्म 7 नवंबर 1964 (Vikram Misri Date of Birth) को श्रीनगर में हुआ था. उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से स्नातक करने से पहले सिंधिया स्कूल में पढ़ाई की. उनके पास MBA की डिग्री भी है. सिविल सेवा में आने से पहले, उन्होंने तीन साल तक विज्ञापन और विज्ञापन फिल्म निर्माण में काम किया था (Misri Education).
उन्होंने डॉली मिसरी से शादी की है (Misri Married to Dolly Misri) और उनके दो बच्चे हैं. वह अंग्रेजी, हिंदी और कश्मीरी में धाराप्रवाह हैं और उन्हें फ्रेंच का भी ज्ञान है.
भारतीय विदेश सेवा के 1989 बैच के विक्रम मिसरी ने म्यांमार और स्पेन में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया है (1989 Batch IFS Officer). 2019 में, उन्हें बीजिंग में राजदूत के रूप में नियुक्त किया गया और भारत-चीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण अवधि के दौरान सेवा की. जून 2020 में गालवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के हिंसक संघर्ष के बाद मिसरी चीन के साथ हुई कई वार्ताओं का हिस्सा थे. उन्होंने विदेश मंत्रालय में, प्रधान मंत्री कार्यालय में, और यूरोप, अफ्रीका, एशिया और उत्तरी अमेरिका में कई भारतीय मिशनों में काम किया है.
वह 2012 से 2014 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निजी सचिव थे और 2014 में नरेंद्र मोदी के पदभार संभालने के बाद इस पद पर बने रहे. मिसरी ने मई से जुलाई 2014 तक पीएम मोदी के निजी सचिव के रूप में कार्य किया. 1997 में, वह तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदर कुमार गुजराल के निजी सचिव थे (Important Facts About Vikram Misri)
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने व्हाइट हाउस पहुंचकर मार्को रुबियो के साथ मुलाकात की. इस दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे. सर्जियो गोर ने विक्रम मिस्री का व्हाइट हाउस में स्वागत किया.
ईरान में जारी जंग के बीच अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारत को लेकर सक्रियता अचानक बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत में राजदूत सर्जियो गोर को डिनर पर बुलाया है.
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के निधन पर नई दिल्ली में ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए. अली खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में मृत्यु हुई थी. इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है. भारत ने इस दुःखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कूटनीतिक माध्यम से अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं. विदेश सचिव का यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के निधन पर नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचकर, शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए. खामेनेई की 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में मौत हो गई थी.
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के निधन पर नई दिल्ली में स्थित ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए. खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में हुआ था. इस दर्दनाक घटना के बाद भारत ने ईरान के साथ अपनी कूटनीतिक संवेदनशीलता और सम्मान को दर्शाया है. ऐसे समय में भारत का यह कदम दोनों देशों के बीच स्थिरता बनाए रखने की एक महत्वपूर्ण कोशिश माना जा रहा है.
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग को लेकर दिए गए बयान पर चर्चा तेज हो गई. मर्ज ने कहा कि भारत-जर्मनी सहयोग से भारत की रूस पर निर्भरता घटेगी. इस पर विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारत की रक्षा खरीद नीति को राष्ट्रीय हित आधारित बताते हुए स्थिति स्पष्ट की.
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात तिआनजिन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई. मिसरी के अनुसार वार्ता में इस बात पर जोर दिया गया कि भारत और चीन प्रतिस्पर्धी नहीं बल्कि साझेदार बनें. दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि मतभेदों को विवाद में न बदला जाए और स्थिर, मैत्रीपूर्ण संबंध दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के लिए लाभकारी होंगे.
PM Modi China Visit LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तिआनजिन पहुंच गए हैं. वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात करेंगे.
Nepal क्यों जा रहे India Foreign Secretary Vikram Misri? PM KP Oli के भारत दौरे को लेकर हलचल
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी रविवार को नेपाल में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली से मुलाकात करेंगे. दो दिवसीय काठमांडू यात्रा के दौरान वह कनेक्टिविटी, विकास सहयोग और आपसी हितों पर चर्चा करेंगे. यह दौरा नेपाल-भारत साझेदारी को आगे बढ़ाने और प्रधानमंत्री ओली की संभावित भारत यात्रा की तैयारी से जुड़ा अहम कदम माना जा रहा है.
बैठक के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने समिति को संबोधित करते हुए सीजफायर समेत कई अहम मुद्दों पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा, 'ट्रंप ने सीजफायर के बीच में आने के लिए हमसे कोई अनुमति नहीं ली थी, वो आना चाहते थे, इसलिए आ गए.'
रक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक में विदेश सचिव ने ट्रंप के भारत-पाकिस्तान मध्यस्थता दावे को खारिज किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि सीजफायर द्विपक्षीय बातचीत से हुआ था. पाकिस्तान की ओर से परमाणु हमले की कोई धमकी नहीं मिली और यह संघर्ष पारंपरिक युद्ध तक सीमित रहा.
भारतीय सेना के आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन 'सिंदूर' को लेकर पाकिस्तान को सूचित करने की बात पर विवाद बढ़ गया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल उठाए हैं, और इसे "अपराध" बताया है. संसद की संसदीय समिति में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई, जहां विदेश सचिव ने बयान का संदर्भ स्पष्ट किया.
विदेश सचिव ने आज संसद की स्टैंडिंग कमिटी ऑन एक्सटर्नल अफेयर्स को ऑपरेशन पर जानकारी दी. इस बैठक में शशि थरूर समेत सभी सदस्य शामिल हुए. स्टैंडिंग कमिटी के चेयर पर्सन ने बताया कि ऑपरेशन पर सरकार का क्या रुख है और कूटनैतिक तौर पर क्या फैसले लिए गए हैं.
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री संसदीय समिति को 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत-पाकिस्तान तनाव के विषय पर जानकारी दे रहे हैं. इस जानकारी में बताया गया कि पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ किस प्रकार जवाबी कार्रवाई की योजना तैयार हुई और उसे अंजाम दिया गया.
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संसद की स्थायी समिति को पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर और भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य ठहराव पर विस्तृत जानकारी दी. कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीमा पार तनाव, इस्लामाबाद के साथ राजनीतिक स्थिति, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई.
विदेश सचिव विक्रम मिसरी भारत-पाकिस्तान के हालिया सैन्य टकराव, ऑपरेशन सिंदूर, और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए हुए समझौते पर संसदीय कमेटी को जानकारी देंगे. साथ ही सरकार ने आतंकवाद से निपटने के लिए सात सांसदों के डेलिगेशन को विदेश यात्रा भेजने का भी फैसला किया है, और उन प्रतिनिधिमंडल को भी विदेश सचिव द्वारा बाद में जानकारी दी जाएगी.
सर्वदलीय सांसदों के 7 डिलिगेशन अलग-अलग देशों की यात्रा पर जाएंगे. इससे पहले विक्रम मिसरी दो चरणों में सांसदों को ब्रीफ करेंगे. संसद भवन में पहले चरण की बीफ्रिंग 20 मई को होगी जबकि दूसरी चरण की ब्रीफिंग 23 मई को होगी.
विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री भारतीय सांसदों के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान के संदर्भ में भारत का पक्ष रखने के लिए ब्रीफ करेंगे. यह ब्रीफिंग 20 और 23 मई को संसद भवन में दो चरणों में होगी जिसका उद्देश्य वैश्विक मंच पर पाकिस्तान को बेनकाब करना है. इस प्रयास का एक लक्ष्य यह दिखाना है कि 'पाकिस्तान के मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष समेत सभी लोग साथ खड़े हैं.' देखें...
भारत ने सात मई को पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के नौ ठिकानों को निशाना बनाया था, जिसमें मुरिदके, कोटली, महमून जोया, सवाई नाला, सरजाल, भिंबर, कोटली गुलपुर और बहावलपुर शामिल थे. इनमें से चार पाकिस्तान में जबकि पांच पीओके में थे. मुरिदके में लश्कर का हेडक्वार्टर और बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का ठिकाना था.
आज दोपहर 12 बजे होने वाली डीजीएमओ स्तर की वार्ता के दौरान दोनों देशों द्वारा युद्धविराम की शर्तों को मजबूती दिए जाने की उम्मीद है.