अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दो अहम बयानों को लेकर हलचल है. एक तरफ उन्होंने अमेरिकी नागरिकों को 5000 डॉलर का डिविडेंड देने का वादा किया है, तो दूसरी तरफ उन्होंने कहा है कि ईरान युद्ध की वजह से बढ़ी तेल की कीमतें मिडटर्म चुनाव तक शायद कम नहीं होंगी. दोनों बयान अमेरिका की राजनीति और अर्थव्यवस्था से जुड़े बड़े मुद्दे हैं.
ट्रंप ने कहा कि अगर रिपब्लिकन पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों जीत जाती है, तो वे अमेरिका की जबरदस्त आर्थिक सफलता की वजह से हर वयस्क नागरिक को 5000 डॉलर (₹4.2 लाख रुपये) का डिविडेंड देंगे. उन्होंने इसकी तुलना उस तरीके से की जैसे कोई सफल कंपनी अपने शेयरधारकों को कैश डिस्ट्रिब्यूशन देती है.
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पिछले साल उन्होंने सेना के जवानों को 1776 डॉलर दिए थे, जबकि असल आंकड़ा 1775 था. उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद इसमें एक डॉलर जोड़कर इसे 1776 कर दिया था, ताकि यह अमेरिका की आजादी के साल से जुड़ जाए.
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इसी बीच ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान युद्ध की वजह से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और इनके मिडटर्म चुनाव से पहले नीचे आने की उम्मीद कम है. अंतरराष्ट्रीय ब्रेंट क्रूड की कीमत तीन प्रतिशत से ज्यादा उछलकर जुलाई के बाद पहली बार 100 डॉलर के पार चली गई है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच हमले और तेज हो गए हैं.
डलास में रिपब्लिकन मिडटर्म कन्वेंशन जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि चुनाव के तुरंत बाद तेल की कीमतें नीचे गिरने लगेंगी, हालांकि इसमें मिडटर्म से थोड़ा ज्यादा वक्त लग सकता है. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद ईरान आखिरकार पीछे हट जाएगा, क्योंकि वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा. गौरतलब है कि यह युद्ध अब अपने सातवें महीने में पहुंच चुका है, जबकि शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि यह कुछ ही हफ्तों में खत्म हो जाएगा.