दिल्ली में बीजेपी नेता राघव चड्ढा के नाम को वोटर लिस्ट में जोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ किया कि भाजपा के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 26 अगस्त को फॉर्म 6 भरकर राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया था.
यह आवेदन 2 सितंबर को पूरी प्रक्रिया के बाद मंजूर किया गया. आम आदमी पार्टी ने इस पूरे मामले पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि चड्ढा का नाम पिछले दरवाजे से जोड़ा गया है.
दिल्ली सीईओ दफ्तर के मुताबिक, रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के अनुसार राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 26 अगस्त को एसी-39 यानी राजिंदर नगर सीट के लिए फॉर्म 6 के जरिए आवेदन दिया था. इस आवेदन का नंबर U05039D6N2608261200000 बताया गया है.
दफ्तर ने कहा कि इस आवेदन को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने सात दिन की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी होने के बाद मंजूरी दी. यानी आवेदन मिलने के बाद उसे तुरंत मंजूर नहीं किया गया, बल्कि नियम के मुताबिक तय समय तक इंतजार किया गया. सीईओ दफ्तर ने यह भी कहा कि यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के तय नियमों के हिसाब से ही पूरी की गई है.
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हालांकि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग की इस सफाई को मानने से इनकार कर दिया है. पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि चड्ढा का नाम पिछले दरवाजे से जोड़ा गया है और इस पर सवाल उठाया कि कहीं इसमें राजनीतिक दबाव तो शामिल नहीं था. ढांडा ने मांग की कि चड्ढा का फॉर्म 6 सार्वजनिक किया जाए ताकि आम नागरिकों की तरह ही लोग इस पर आपत्ति दर्ज करा सकें.
ढांडा का कहना है कि 1 सितंबर से 7 सितंबर के बीच राजिंदर नगर में मिले किसी भी फॉर्म 6 में चड्ढा का नाम शामिल नहीं था. उन्होंने यह भी सवाल किया कि जब ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सिर्फ 746 नाम थे और फाइनल लिस्ट अभी जारी ही नहीं हुई थी, तो चड्ढा का नाम 747वीं एंट्री के तौर पर कैसे आ गया.
इस पर सीईओ दफ्तर ने सफाई दी कि चुनाव आयोग के नियमों के तहत जिस भी योग्य व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, वह जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म 6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है.
दफ्तर ने चुनाव आयोग के 14 मई के दिशानिर्देशों का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के दौरान जो भी नए नाम जोड़े जाते हैं, उन्हें ड्राफ्ट लिस्ट की आखिरी एंट्री के आगे क्रम से सीरियल नंबर दिया जाता है.