scorecardresearch
 

कनाडा पहुंचते ही कातिल बना पति, चाकू से गोदकर कर दी थी पत्नी की हत्या, कोर्ट ने सुनाया फैसला

भारत से कनाडा पहुंचने के महज छह दिन बाद एक पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से चाकू मारकर हत्या कर दी. करीब दो साल पहले पत्नी ही बेहतर भविष्य और बेटी की पढ़ाई के लिए कनाडा आई थी और उसी ने पति का वीजा स्पॉन्सर कराया था.

Advertisement
X
पत्नी के शरीर पर मिले सात गहरे घाव
पत्नी के शरीर पर मिले सात गहरे घाव

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एबॉट्सफोर्ड से एक दिल दहला देने वाले घरेलू हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. भारतीय मूल के 51 वर्षीय जगप्रीत सिंह को अपनी पत्नी 41 वर्षीय बलविंदर कौर की हत्या का दोषी करार दिया गया है. अदालत ने उसे सेकेंड-डिग्री मर्डर का दोषी माना है और उसकी यह दलील पूरी तरह खारिज कर दी कि उसने गुस्से और अचानक हुए उकसावे में यह वारदात की थी.

जगप्रीत सिंह 9 मार्च 2024 को भारत से कनाडा पहुंचा था और सिर्फ छह दिन बाद, 15 मार्च 2024 को उसने अपनी पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी.

पत्नी ने ही कराया था कनाडा आने का इंतजाम

अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, बलविंदर कौर साल 2022 में कनाडा आई थीं. उनकी बेटी वहां विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रही थी और उसकी मदद के लिए वह कनाडा शिफ्ट हुई थीं. बाद में उन्होंने ही अपने पति के कनाडा आने के लिए वीजा की प्रक्रिया पूरी कराई थी.

जगप्रीत सिंह के कनाडा पहुंचने के बाद वह एबॉट्सफोर्ड स्थित वाग्नर ड्राइव पर बने घर के बेसमेंट सुइट में पत्नी के साथ रहने लगा लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही दिनों में यह रिश्ता खौफनाक अंजाम तक पहुंच जाएगा.

हत्या वाली रात क्या हुआ?

Advertisement

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 15 मार्च 2024 की शाम पति-पत्नी पहले एक गुरुद्वारे गए और उसके बाद एक मॉल पहुंचे. दोनों रात करीब 9:30 बजे उबर से घर लौटे. जांच में सामने आया कि घर लौटने के करीब एक घंटे के अंदर ही बलविंदर कौर पर जानलेवा हमला किया गया.

रात 10:38 बजे एक पड़ोसी किसी काम से बेसमेंट पहुंचा. वहां उसने बलविंदर कौर को खून से लथपथ फर्श पर पड़ा देखा. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के अंदर केवल पति-पत्नी ही मौजूद थे. पुलिस ने घटनास्थल से ही जगप्रीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया.

पत्नी के शरीर पर मिले सात गहरे घाव

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बलविंदर कौर के गर्दन और सीने पर सात गहरे चाकू के घाव थे. अत्यधिक खून बहने की वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

अदालत में क्या बोला आरोपी?

सुनवाई के दौरान जगप्रीत सिंह ने यह स्वीकार किया कि पत्नी की मौत उसके हाथों हुई, लेकिन उसने हत्या का इरादा होने से इनकार किया. उसने अदालत में दावा किया कि पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था और पहले उसकी पत्नी ने ही चाकू उठाकर उस पर हमला करने की कोशिश की. उसने कहा कि वह केवल चाकू छीनने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान गलती से चाकू पत्नी के पेट में लग गया.

Advertisement

आरोपी ने यह भी कहा कि इसके बाद क्या हुआ, उसे कुछ याद नहीं है. उसने अदालत से अनुरोध किया कि उसे हत्या नहीं बल्कि मैनस्लॉटर (गैर-इरादतन हत्या) का दोषी माना जाए क्योंकि घटना अचानक हुए उकसावे के कारण हुई थी.

अदालत ने क्यों खारिज कर दी दलील?

ब्रिटिश कोलंबिया सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एंड्रिया ऑरमिस्टन ने आरोपी की दलीलों को पूरी तरह खारिज कर दिया. अपने फैसले में जज ने कहा कि जगप्रीत सिंह की गवाही "अविश्वसनीय और भरोसे के लायक नहीं" है. अदालत ने माना कि आरोपी ने घटना से पहले हुए विवाद, पत्नी के कथित हमले और बाद में याददाश्त खोने जैसी अहम बातों पर भरोसेमंद और सुसंगत बयान नहीं दिए.

जज ने कहा कि मुकदमे में पेश किए गए सभी सबूत साफ तौर पर बताते हैं कि आरोपी की ओर से हत्या के इरादे पर कोई उचित संदेह पैदा नहीं होता. यह भी साबित नहीं हुआ कि पत्नी ने उसे इस तरह उकसाया था कि वह अचानक अपना मानसिक संतुलन खो बैठा हो.

पत्नी पहले से थी डरी हुई

सुनवाई के दौरान अदालत के सामने ऐसे बयान भी पेश किए गए, जिनसे पता चला कि बलविंदर कौर अपने पति के कनाडा आने को लेकर चिंतित और डरी हुई थीं. अदालती फैसले के मुताबिक, बलविंदर कौर ने अपनी मौत से पहले कुछ लोगों से कहा था कि वह नहीं चाहती थीं कि जगप्रीत सिंह कनाडा आए. अदालत ने इन बयानों को भी मामले की परिस्थितियों के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में माना.

Advertisement

आगे क्या होगा?

अदालत ने जगप्रीत सिंह को सेकेंड-डिग्री मर्डर का दोषी करार दे दिया है. हालांकि अभी सजा का ऐलान नहीं किया गया है. ब्रिटिश कोलंबिया प्रॉसिक्यूशन सर्विस के मुताबिक, मामले की अगली सुनवाई 19 अक्टूबर को होगी. इस दौरान अदालत में आरोपी की मनोवैज्ञानिक (साइकेट्रिक) जांच रिपोर्ट पूरी होने की पुष्टि की जाएगी, जिसके बाद सजा पर आगे की प्रक्रिया तय होगी.

क्या होता है सेकेंड-डिग्री मर्डर?

सेकेंड-डिग्री मर्डर वह कानूनी श्रेणी है जिसमें किसी व्यक्ति की हत्या जानबूझकर की जाती है, लेकिन उसकी पहले से कोई योजना या साजिश नहीं होती. यह अक्सर अचानक गुस्से, झगड़े या भावनात्मक स्थिति में किया गया अपराध होता है, जहां आरोपी को अपने काम के गंभीर परिणामों का अंदाज़ा होता है लेकिन वह सोच-समझकर हत्या की योजना नहीं बनाता. इसे फर्स्ट-डिग्री मर्डर से कम गंभीर माना जाता है, लेकिन फिर भी यह एक गंभीर अपराध है जिसकी सजा आमतौर पर लंबी जेल अवधि या आजीवन कारावास तक हो सकती है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement