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'फैक्ट्री क्लोजर... ED रेड का डर! E20 पर सच बताने से डर रहीं वाहन कंपनियां', बोले केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि, E20 पेट्रोल मामले में वाहन निर्माता कंपनियों पर सरकार का दबाव है. केजरीवाल ने कहा कि, उन्होंने हाल ही में देश की 29 कंपनियों को पत्र लिखकर जवाब मांगा था. जिसमें से 9 कंपनियों ने इस मुद्दे पर उनसे खुलकर बातचीत की.

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अरविंद केजरीवाल 1 अगस्त को दिल्ली में E20 के खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान किया है. Photo: Screengrab
अरविंद केजरीवाल 1 अगस्त को दिल्ली में E20 के खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान किया है. Photo: Screengrab

देश में E20 पेट्रोल को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर कंपनियां खुलकर कुछ नहीं बोल रही हैं. केजरीवाल का आरोप है कि कंपनियों पर केंद्र सरकार का दबाव है, इसलिए वे इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से बच रही हैं.

आज बुधवार को अरविंद केजरीवाल ने प्रेस वार्ता में कहा कि, उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर दो सवाल पूछे थे. पहला, क्या 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों में E20 पेट्रोल सुरक्षित है. दूसरा, अगर E20 पेट्रोल की वजह से इंजन, फ्यूल सिस्टम या माइलेज पर असर पड़ता है तो क्या कंपनियां उसकी मरम्मत का खर्च उठाएंगी या ग्राहकों को मुआवजा देंगी.

'लिखित जवाब नहीं दिया, फोन पर हुई बात'

केजरीवाल ने दावा किया कि किसी भी कंपनी ने उन्हें लिखित जवाब नहीं दिया. हालांकि, उनके मुताबिक 9 कंपनियों के अधिकारियों ने फोन पर बताया कि 2023 से पहले बनी गाड़ियों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से इंजन, फ्यूल सिस्टम और माइलेज पर असर पड़ सकता है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियां इस बात को सार्वजनिक रूप से लिखित में देने को तैयार नहीं हैं.

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उन्होंने आरोप लगाया कि, सरकार द्वारा वाहन कंपनियों पर फैक्ट्री बंद कराने और ED की रेड की धमकी दी जा रही है. अगर कंपनियां लिखित में यह स्वीकार कर लें कि E20 से गाड़ियों को नुकसान हो सकता है, तो भविष्य में उपभोक्ता मुआवजे की मांग कर सकते हैं. इसी वजह से कंपनियां लिखित जवाब देने से बच रही हैं.

केंद्र सरकार पर भी लगाए आरोप

AAP प्रमुख ने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार चाहती है कि वाहन निर्माता कंपनियां यह कहें कि E20 पेट्रोल पुरानी गाड़ियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने सवाल उठाया कि देश में 2023 से पहले बनी करीब 30 करोड़ गाड़ियां हैं, जिनमें लगभग 22 करोड़ दोपहिया और 8 करोड़ चारपहिया वाहन शामिल हैं. उनका कहना है कि अगर E20 से इन वाहनों पर असर पड़ता है, तो बड़ी संख्या में वाहन मालिक प्रभावित हो सकते हैं.

केजरीवाल का कहना है कि, इथेनॉल पेट्रोल से महंगा है और इसकी कैलोरिफिक वैल्यू कम होने की वजह से इससे माइलेज भी घटता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि E20 प्रोग्राम से किसानों को भी अपेक्षित फायदा नहीं मिल रहा है.

अरविंद केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि E20 पेट्रोल पर शनिवार को संविधान क्लब में प्रस्तावित राष्ट्रीय टाउन हॉल कार्यक्रम को रद्द कराने की कोशिश की जा रही है. उनके मुताबिक पुलिस इस कार्यक्रम को रुकवाने का प्रयास कर रही है. बता दें कि, हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने 1 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में "नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20" आयोजित करने की घोषणा की है.

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हालांकि, केजरीवाल के इन आरोपों पर खबर लिखे जाने तक न तो किसी वाहन निर्माता कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई थी और न ही केंद्र सरकार की तरफ से कोई जवाब सामने आया था.

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