टोरंटो (Toronto) कनाडा का सबसे बड़ा शहर और ओंटारियो प्रांत की राजधानी है. यह लेक ओंटारियो के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित है. 2021 की जनगणना के अनुसार, इसकी आबादी लगभग 2.79 मिलियन है और महानगरीय क्षेत्र में लगभग 6.2 मिलियन लोग रहते हैं.
शहर एक बड़े पठार पर फैला है, जिसमें गहरी रुईन घाटियां हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा अर्बन रैविन सिस्टम है. विस्तार में लगभग 641 वर्ग किमी फैला है, जिसमें सैकड़ों पार्क, जल नदियां हैं.
लगभग 10,000 साल पहले मूल आदिवासी समुदायों जैसे सेनेका और मिस्सिसौगा ने इस शहर को बसया था. 1793 में इसे यॉर्क के नाम से स्थापित किया गया था, और 1834 में टोरंटो नाम पाकर शहर का दर्जा मिला. 1954 में हरिकेन हेजल नामक तूफान ने शहर को बुरी तरह प्रभावित किया था. इस घटना के बाद रैविन संरचना सुरक्षा कानून मजबूत हुए.
यह देश की वित्तीय राजधानी है, टोरंटो स्टॉक एक्सचेंज यहां स्थित है. टक्नोलॉजी, वित्त, जीवन-शास्त्र, फैशन, डिजाइन और पर्यावरण नवाचार की यह एक मुख्य केंद्र है. जीडीपी 2021 में लगभग 473.7 बिलियन CAD थी, प्रति व्यक्ति आय 73,176 CAD थी.
यहां के प्रमुख टूरिस्ट प्लेस में सीएन टॉवर, हॉकी हॉल ऑफ फेम, रिप्ले का एक्वेरियम, रॉयल ओंटारियो म्यूज़ियम, सेंट लॉरेंस मार्केट, और केस्ल कैसा लोमा शामिल है.
अदालत के फैसले के बाद अल्बर्टा में अलगाव की बहस और तेज हो गई है. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने साफ कहा कि प्रांत का भविष्य कनाडा के भीतर ही सुरक्षित और मजबूत है, जबकि प्रीमियर डेनिएल स्मिथ फैसले को चुनौती देने की तैयारी में हैं.
मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने की प्रक्रिया 15 साल से ज्यादा समय से चल रही है. यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि कनाडा की नागरिकता व्यवस्था, कानूनी ढांचे और “न्याय बनाम राष्ट्रीय सुरक्षा” की बहस का बड़ा उदाहरण बन चुका है.
बेहतर भविष्य और नौकरी के सपने लेकर कनाडा पहुंचे हजारों भारतीय छात्रों की भारी फीस से कॉलेजों ने रिकॉर्ड कमाई की. अब सरकारी ऑडिट में करोड़ों डॉलर के विवादित खर्च और वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद ओंटारियो सरकार ने Conestoga College को अपने नियंत्रण में ले लिया है.
अस्पताल प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद समस्या खत्म नहीं हो रही, मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए ऑपरेशन रोक दिए गए और पूरे परिसर में कीट नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है.
दक्षिण अटलांटिक में अंटार्कटिका और दूरदराज द्वीपों की रोमांचक यात्रा पर निकला एक लग्जरी एक्सपेडिशन क्रूज शिप अब अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है. जहाज पर फैले खतरनाक हंतावायरस संक्रमण से तीन लोगों की मौत के बाद कई देशों ने अलर्ट जारी कर दिया है.
मां बनना एक ऐसा सुखद एहसास है, जिसकी शायद ही दुनिया की किसी दूसरी खुशी से तुलना की जा सके लेकिन कुछ स्थितियां ऐसी भी बन जाती हैं, जब ये एहसास सबसे बुरा एहसास बन जाता है.
2025 में कनाडा द्वारा जारी किए गए नए स्टडी परमिट्स की संख्या में 64% की भारी गिरावट आई है, जो कोविड-19 महामारी के चरम दौर से भी कम है.
भारतीय मूल के इन पांच आरोपियों पर चोरी, हथियार रखने और अन्य आपराधिक धाराओं सहित कुल 33 आरोप लगाए गए हैं. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है.
कनाडा के प्रांत अल्बर्टा में अलग देश बनने की मांग अचानक तेज हो गई है. एक नागरिक-आधारित याचिका और संभावित जनमत संग्रह ने इस बहस को फिर से सुर्खियों में ला दिया है कि आखिर यह समृद्ध प्रांत कनाडा से अलग क्यों होना चाहता है.
कनाडा ने 30 अप्रैल 2026 से PR फीस में 4% से 6% तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे एक्सप्रेस एंट्री, PNP और फैमिली स्पॉन्सरशिप समेत सभी प्रमुख इमिग्रेशन रास्ते महंगे हो गए हैं और नए आवेदकों के लिए कुल खर्च पहले से ज्यादा बढ़ जाएगा.
जब हम “दिल्ली” नाम सुनते हैं तो दिमाग भारत की राजधानी की तरफ जाता है, लेकिन कनाडा के ओंटारियो में भी एक छोटा सा कस्बा है जिसका नाम Delhi है.
नए नियम के तहत उम्मीदवारों को हर साल अपनी प्रोफाइल अपडेट या दोबारा जमा करनी होगी, ताकि केवल सक्रिय और योग्य आवेदक ही चयन प्रक्रिया में बने रहें.
कनाडा की नई TR to PR योजना में टोरंटो, वैंकूवर और मॉन्ट्रियल जैसे प्रमुख शहरी क्षेत्रों को बाहर रखा गया है. सरकार का फोकस अब ग्रामीण और छोटे शहरों की ओर बढ़ता दिख रहा है, जहां अस्थायी विदेशी कामगारों को स्थायी निवास पाने के ज्यादा अवसर मिल सकते हैं.
कनाडा के नए बिल C-3 के लागू होने के बाद अमेरिकी नागरिकों में कनाडाई नागरिकता के लिए आवेदन में भारी वृद्धि देखी गई है. जनवरी 2026 में लगभग 2,500 अमेरिकी नागरिकों ने वंश के आधार पर नागरिकता के लिए आवेदन किया, जो अन्य देशों से दस गुना अधिक है.
अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद को लेकर कनाडा ने साफ संकेत दिया है कि वह किसी भी दबाव में आकर जल्दबाजी या घाटे वाला समझौता नहीं करेगा. प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि ओटावा केवल ऐसा व्यापारिक समझौता चाहता है जो लॉन्ग टर्म में देश की अर्थव्यवस्था और उद्योगों के लिए फायदेमंद हो.
यह मामला 6 अप्रैल 2018 की भयावह सड़क दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें 16 खिलाड़ियों और स्टाफ सदस्यों की मौत हो गई थी. यह हादसा कनाडा के सबसे दर्दनाक सड़क हादसों में से एक माना जाता है.
पीड़ित सिख व्यक्ति अपने काम से सार्वजनिक स्थान पर मौजूद था, तभी एक युवक ने उनके साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी ने पहले पीड़ित को घेरा और फिर उन्हें धक्का दिया.
कनाडा आज भले ही बहुसांस्कृतिक समाज और आप्रवासियों के लिए खुले देश के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसका इतिहास हमेशा ऐसा नहीं रहा. 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी की शुरुआत में हालात बिल्कुल अलग थे. उस दौर में एशियाई, खासकर भारतीय प्रवासियों को रोकने के लिए कई सख्त और भेदभावपूर्ण कानून बनाए गए. इन्हीं में से एक था “Continuous Journey” नियम, जिसने हजारों भारतीयों के कनाडा आने का रास्ता लगभग बंद कर दिया.
कैलगरी में ऋषि कुमार नाम के रेडियो होस्ट ने अपने शो में एक ऐसी घटना पर बात की, जिसमें एक कम्युनिटी सेंटर के बाहर बंदूक लहराने और एक्सटॉर्शन (उगाही) से जुड़ी चिंताओं का जिक्र था.
हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक और ड्राइवर की एक बड़ी लापरवाही ने पलभर में दो जिंदगियां छीन लीं. जांच में सामने आया कि आरोपी ड्राइविंग के दौरान बार-बार मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था और हादसे से ठीक पहले ऑनलाइन गेम खेल रहा था.
अदालत ने माना कि यह सिर्फ शारीरिक उत्पीड़न का मामला नहीं था, बल्कि एक ऐसा पैटर्न था जिसमें डर, धमकी और भावनात्मक दबाव के जरिए पीड़िता को तोड़ने की कोशिश की गई.