बीजेपी की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह शामिल नहीं हुए. हालांकि, पार्टी ने उन्हें प्रदेश कार्यसमिति में जगह दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 40 साल में यह पहला मौका है जब बृजभूषण शरण सिंह को इस समिति में शामिल किया गया है. वह कई बार सांसद रह चुके हैं. पूर्वांचल से लेकर अवध तक उनका राजनीतिक प्रभाव माना जाता है.
लखनऊ में हुई बैठक से पहले बृजभूषण शरण सिंह के स्वागत में कई पोस्टर लगाए गए थे. उनके समर्थकों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के स्वागत में भी पोस्टर लगाए थे. ऐसे में माना जा रहा था कि बृजभूषण भी बैठक में शामिल होंगे. लेकिन वह नहीं पहुंचे. उनके दोनों बेटे प्रतीक भूषण और करण भूषण बैठक में मौजूद रहे.
करण भूषण बोले- पिता संगठन में मिली जगह से संतुष्ट
करण भूषण ने बताया कि उनके पिता को प्रदेश कार्यसमिति में जगह मिलने से उनके समर्थक और चाहने वाले खुश हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने पहली बार उन्हें अपनी प्रदेश कार्यसमिति में शामिल किया है. उनके मुताबिक, उनके पिता भी पार्टी से मिले इस सम्मान से संतुष्ट हैं.
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बृजभूषण के बैठक में नहीं आने की वजह पूछे जाने पर करण भूषण ने कोई जवाब नहीं दिया. वह सिर्फ मुस्कुरा दिए. वहीं, उनके समर्थकों ने कहा कि कार्यसमिति के कई सदस्य और विशेष आमंत्रित नेता बैठक में शामिल नहीं हुए. इसलिए इसे नाराजगी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.
अमित शाह के दौरे के बीच क्यों नहीं आए बृजभूषण?
बृजभूषण के कुछ करीबी लोगों का मानना है कि बैठक में अमित शाह की मौजूदगी के कारण वह नहीं पहुंचे. उनका कहना है कि अगर बृजभूषण बैठक में आते तो मीडिया का ध्यान उनकी तरफ चला जाता. इसके अलावा, कार्यसमिति के सदस्य के तौर पर उन्हें मंच पर जगह मिलने के बजाय सामने बैठना पड़ता. हालांकि, उनके बैठक में नहीं आने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है.
BJP से नाराजगी जताते रहे हैं बृजभूषण
बृजभूषण शरण सिंह पिछले कुछ समय से कई मुद्दों पर बीजेपी को घेरते रहे हैं. वह समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तारीफ भी कर चुके हैं. महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में भी वह लगातार अपनी बात रखते रहे हैं और आरोपों से इनकार करते रहे हैं.
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अब उनके एक बेटे के सांसद और दूसरे बेटे के विधायक होने के साथ ही प्रदेश कार्यसमिति में जगह मिलने को बीजेपी की ओर से उन्हें संगठन में महत्व देने के तौर पर देखा जा रहा है. रिपोर्ट में उनके समर्थकों के हवाले से कहा गया है कि वह जल्द ही पार्टी के कामों में सक्रिय होंगे. बीजेपी को उम्मीद है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बृजभूषण पार्टी के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे.