उत्तरी कोलकाता के चर्चित चोरबागन सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में हाल ही में हुई भगदड़ और अफरा-तफरी की घटना के बाद अब एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है. इस दर्दनाक हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए चोरबागन सार्वजनीन दुर्गोत्सव समिति के महासचिव जयंत बनर्जी और कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है. घटना के बाद से ही पूजा समिति और स्थानीय प्रबंधन पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे.
समिति की ओर से जारी आधिकारिक त्यागपत्र के मुताबिक, महासचिव जयंत बनर्जी ने अपने हस्ताक्षर से लिखे पत्र में लिखा है कि वे इस वर्ष की दुर्गा पूजा के संदर्भ में सभी दायित्वों और पदों से पूर्णतः मुक्ति ले रहे हैं.
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि सिर्फ महासचिव ही नहीं, बल्कि इस समिति के अंतर्गत बतौर सदस्य और कार्यकारिणी के रूप में कार्य कर रहे अन्य सभी पदाधिकारियों को भी उनके पदों व दायित्वों से मुक्त किया जाता है. समिति ने उम्मीद जताई है कि आगामी दिनों में नई समिति पूजा की पूरी व्यवस्था और जिम्मेदारी संभालेगी, जिसके प्रति उन्होंने अपनी शुभकामनाएं भी प्रेषित की हैं. पत्र में अन्य पदाधिकारियों के भी हस्ताक्षर मौजूद हैं.
क्यों उठाया गया यह कदम?
गौरतलब है कि चोरबागन सार्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में भारी भीड़ और बारिश के बीच निकास द्वार पर भगदड़ से 17 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 40 घायल हो गए, उन्हें तुरंत कलकत्ता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था.
चश्मदीदों ने पंडाल के संकरे रास्तों और प्रकाश व्यवस्था की कमी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे. इस अप्रिय घटना के बाद से ही प्रशासन और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं, जिसके चलते समिति पर नैतिक दबाव काफी बढ़ गया था