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क्या ममता बनर्जी से बागी हुए सांसदों की बीजेपी में एंट्री पर लग गया ग्रहण?

तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर NCPI में शामिल हुए 20 बागी सांसदों को बड़ा सियासी झटका लगा है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने साफ कर दिया है कि बागियों को पार्टी में शामिल करने की कोई योजना नहीं है. ऐसे में बागी सांसदों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.

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टीएमसी के बागी सांसदों के लिए बीजेपी ने नहीं खोले दरवाजे (Photo-ITG)
टीएमसी के बागी सांसदों के लिए बीजेपी ने नहीं खोले दरवाजे (Photo-ITG)

पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) का दामन थामने वाले 20 सांसदों के गुट को बड़ा झटका लगा है. दुर्गा पूजा के बाद बीजेपी में शामिल होने का दावा कर रहे 17 बागी सांसदों की उम्मीदों पर ग्रहण लग गया है. बीजेपी ने फिलहाल उनके लिए अपने दरवाजे नहीं खोले हैं.

टीएमसी के बागी सांसद जगदीश चंद्र वर्मा बासुनिया ने दावा किया था कि 20 में से 17 सांसद सीधे बीजेपी की सदस्यता लेने जा रहे हैं. हालांकि, बीजेपी ने बागी सांसदों को शामिल किए जाने के सवाल पर अपना रुख और स्टैंड साफ कर दिया है.

बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने साफ कर दिया है कि अभी बागी नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की कोई योजना नहीं है. इस तरह बीजेपी ने यह साफ संकेत दे दिया है कि टीएमसी के बागियों को पार्टी में सीधे शामिल करने का फिलहाल कोई विचार नहीं है.

टीएमसी के 17 बागी सांसदों को नहीं लेगी बीजेपी

समिक भट्टाचार्य ने कहा कि कुछ सांसदों ने एक नई पार्टी बनाई है और उस पार्टी ने एनडीए को समर्थन दिया है. इसके लिए हम उनका स्वागत करते हैं, लेकिन वे बीजेपी में शामिल नहीं हुए हैं. वे एनडीए गठबंधन के साथ हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने अपने दम पर लड़कर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है.

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उन्होंने कहा कि हाल ही में पार्टी ने टीएमसी के 3 राज्यसभा सांसदों को बीजेपी में शामिल करने का फैसला किया था और उन तीनों को पार्टी में ले लिया गया है. उन तीन लोगों को बीजेपी में लेने का मतलब यह नहीं है कि 30 या 23 लोग शामिल हो गए. समिक भट्टाचार्य ने कहा है कि पार्टी महज इस आधार पर किसी को अपने साथ शामिल नहीं करेगी कि वह भाजपा में शामिल होना चाहता है.

भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी केवल इसलिए किसी को अपने साथ शामिल नहीं करेगी, क्योंकि वह भाजपा में आना चाहता हैय उन्होंने सवाल किया कि बासुनिया जिस बीजेपी की बात कर रहे हैं, वो कौन सी है. उन्होंने कहा, 'जहां तक मेरी जानकारी है, तृणमूल या एनसीपीआई से कोई भी बीजेपी में शामिल नहीं हो रहा है. राज्य के लोग यह नहीं भूले हैं कि तृणमूल शासन के दौरान इन नेताओं और सांसदों ने किस तरह के अत्याचार किए थे.

बीजेपी में शामिल होने की उम्मीदों पर लगा ग्रहण

टीएमसी छोड़ने वालों में शामिल रहे सांसद जगदीश चंद्र वर्मा बासुनिया ने दावा किया था कि दुर्गा पूजा के बाद 20 में से 17 सांसद बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं और बाकी तीन मुस्लिम सांसद NCPI में रहते हुए एनडीए (NDA) को समर्थन करेंगे. टीएमसी से बगावत कर NCPI का दामन थामने वाले 20 सांसदों में तीन मुस्लिम सांसद भी हैं. इसमें बहरामपुर के सांसद यूसुफ पठान, मुर्शिदाबाद के सांसद अबु ताहेर खान और जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान हैं.

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अबु ताहेर खान ने बासुनिया के दावों पर कहा, 'हम बीजेपी में नहीं जाएंगे और न ही एनडीए में शामिल होंगे. साथ ही उन्होंने खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान को लेकर भी यही दावा किया. उन्होंने कहा है कि तीनों बाहर से एनडीए को समर्थन देंगे। टीएमसी के बागी सांसदों में काकोली घोष के अलावा, सुदीप बंद्योपाध्याय, सायोनी घोष, यूसुफ पठान, शताब्दी रॉय, अबु ताहेर समेत 20 नाम शामिल हैं.

ममता बनर्जी का साथ छोड़कर अलग गुट बनाने वाले ये सांसद सियासी मझधार में फंस गए हैं. बीजेपी में शामिल होने की उम्मीदों पर ग्रहण लग गया है, जिसके चलते वे अब न घर के रहे न घाट के वाली स्थिति में दिख रहे हैं. एक तरफ टीएमसी में वापसी के रास्ते बंद हो चुके हैं, तो दूसरी तरफ बीजेपी ने भी अपने दरवाजे लॉक कर दिए हैं. ऐसे में यह बागी गुट अब एनसीपीआई के झंडे तले ही संसद में एक अलग क्षेत्रीय धड़े के रूप में अस्तित्व बनाए रखने की कोशिश करेगा.

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