काकोली घोष (Kakoli Ghosh Dastidar) पश्चिम बंगाल की वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं. 27 मई 2026 को घोष ने टीएमसी पार्टी के संगठन में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया. वह ATC की महिला इकाई ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष थीं. काकोली घोष लगातार 15वीं, 16वीं और 17वीं लोकसभा की सदस्य रह चुकी हैं और उन्होंने 2014 तथा 2019 के लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी. पेशे वो एक डॉक्टर हैं.
वह लोकसभा में पैनल ऑफ चेयरपर्सन्स की सदस्य के रूप में भी काम कर चुकी हैं. इसके अलावा 18वीं लोकसभा में उन्हें बुल्गारिया के लिए भारतीय संसदीय मैत्री समूह की ग्रुप लीडर की जिम्मेदारी दी गई थी.
काकोली घोष का जन्म 23 नवंबर 1959 को हुआ था. उनका परिवार लंबे समय से राजनीति और सार्वजनिक जीवन से जुड़ा रहा है. उनके नाना पश्चिम बंगाल के पोस्टमास्टर जनरल थे. उनके चाचा अरुण मोइत्रा स्वतंत्रता सेनानी और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके थे. वहीं उनके मामा गुरुदास दासगुप्ता भारतीय संसद के सदस्य थे.
उनका बचपन पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात इलाके में स्थित परिवार के फार्महाउस में बीता. उनके पति डॉ. सुदर्शन घोष दस्तीदार बांझपन और IVF विशेषज्ञ हैं और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. उनके दो बेटे हैं.
शिक्षा की बात करें तो काकोली घोष ने कोलकाता के R. G. Kar Medical College and Hospital से मेडिकल डिग्री हासिल की. उस समय यह संस्थान University of Calcutta से संबद्ध था. इसके बाद उन्होंने King's College London से ऑब्स्टेट्रिक अल्ट्रासाउंड में पोस्ट ग्रेजुएट ट्रेनिंग भी की.
राजनीतिक जीवन में आने से पहले वह स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी रहीं. उन्होंने गरीब और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम किया. दक्षिण 24 परगना में तस्करी से प्रभावित महिलाओं के बच्चों के लिए स्कूल और डिस्पेंसरी शुरू कराने में भी उनकी भूमिका रही.
काकोली घोष दस्तीदार ने 2009 के लोकसभा चुनाव में बारासात सीट से जीत हासिल की. उन्होंने करीब 1.22 लाख वोटों के अंतर से चुनाव जीता था. इससे पहले वह डायमंड हार्बर, हावड़ा, बालीगंज और जादवपुर सीटों से चुनाव लड़ चुकी थीं, लेकिन उन चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है. टीएमसी नेताओं पर लगातार कार्रवाई, गिरफ्तारियां और इस्तीफों से पार्टी के भीतर हलचल बढ़ गई है. काकोली घोष और कल्याण बनर्जी विवाद के बीच कई नेताओं ने पार्टी छोड़ी है, जबकि बीजेपी दावा कर रही है कि कई टीएमसी सांसद और विधायक उसके संपर्क में हैं.
बंगाल में शुभेंदु सरकार के आने से TMC में कोहराम मचा हुआ है. अब विवाद TMC के दो सांसदों के झगड़े को लेकर है. दरअसल TMC सांसद काकोली घोष ने लोकसभा में अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उन्होंने कल्याण बनर्जी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. अब कल्याण बनर्जी ने काकोली के आरोपों के पीछे की वजह बताई है. देखें वीडियो.
तृणमूल कांग्रेस में काकोली घोष दस्तीदार और कल्याण बनर्जी के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है. काकोली घोष ने लोकसभा स्पीकर से शिकायत कर कल्याण बनर्जी पर महिला विरोधी व्यवहार का आरोप लगाया है. ममता बनर्जी से नाराज काकोली घोष टीएमसी में रहते हुए ही उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
काकोली घोष ने आरोप लगाया है कि कल्याण बनर्जी ने लोकसभा के भीतर उनके साथ दुर्व्यवहार किया और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया.
पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में आंतरिक विवाद गहराता जा रहा है, खासकर विधानसभा चुनाव में हार के बाद से. बारासात से सांसद काकोली घोष ने पार्टी संगठन के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, हालांकि वे टीएमसी की सदस्य बनी हुई हैं.
टीएमसी सांसद काकोली घोष ने पार्टी के संगठन में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इस्तीफे का पत्र प्रदेश अध्यक्ष को भेज दिया है.
काकोली घोष के अलावा बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी की इस बैठक में देगंगा से टीएमसी विधायक अनीसुर रहमान बिस्वास, स्वरूपनगर की बीना मंडल, हरोआ के मोहम्मद अब्दुल मतीन और बसीरहाट क्षेत्र के तीन अन्य विधायक भी शामिल हुए.
बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर चुनावी हार, संगठन की कार्यशैली और बाहरी एजेंसियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार को ममता बनर्जी ने लोकसभा में चीफ व्हिप के पद से हटा दिया. केंद्र सरकार ने काकोली घोष को लगे हाथ वाई कैटेगरी की सुरक्षा दे दी. काकोली घोष दस्तीदार कौन हैं?
बंगाल में टीएमसी सांसद काकोली घोष को Y कैटेगरी सुरक्षा मिलने के बाद चर्चा तेज हो गई है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं, कई लोग इसे बीजेपी में शामिल होने की संभावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस सांसद काकोली घोष दस्तीदार को केंद्र सरकार ने Y कैटेगरी सुरक्षा प्रदान की है. यह सुरक्षा 19 मई से लागू हुई है और गृह मंत्रालय की इंटेलिजेंस ब्यूरो की थ्रेट असेसमेंट रिपोर्ट के आधार पर दी गई है.