समुद्र में एक छोटी सी नाव पलट गई. देखते ही देखते तीन लोग बर्फ जैसे ठंडे पानी में फंस गए. 15 साल का एक लड़का किसी तरह पलटी हुई नाव के ऊपर चढ़ गया, लेकिन उसके भाई की बॉडी नाव के नीचे थी. कुछ समय बाद उसके कजिन की बॉडी भी पानी में चली गई. इसके बाद शुरू हुआ करीब तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच चलने वाला संघर्ष.
डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कहानी अमेरिका के अलास्का की है, जहां 15 साल के डेरेक पार्कर अघनांगा ने करीब 62 घंटे तक समुद्र में पलटी नाव के ऊपर बैठकर गुजारे. चारों तरफ सिर्फ ठंडा समुद्र था और मदद का कोई पता नहीं. आखिरकार अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने उसे खोज लिया और उसकी जान बचा ली.
भाई और कजिन के साथ मछली पकड़ने निकला था
डेरेक अलास्का के सवोंगा इलाके का रहने वाला है. वह अपने 35 साल के भाई सिडनी कुलोवियी और 34 साल के कजिन बार्टन रूकूक के साथ छोटी नाव से मछली पकड़ने निकला था. तीनों जिस छोटी नाव यानी स्किफ पर सवार थे, वह समुद्र में अचानक पलट गई. नाव किस वजह से पलटी, इसकी जानकारी अभी साफ नहीं है.
नाव पलटते ही तीनों मुश्किल में फंस गए. डेरेक किसी तरह नाव के ऊपर पहुंच गया. लेकिन उसके भाई सिडनी नाव के नीचे फंस गए.
शनिवार से मंगलवार तक नाव पर बैठा रहा
जब तीनों घर वापस नहीं लौटे तो परिवार और अधिकारियों को चिंता हुई. अलास्का स्टेट ट्रूपर्स ने अमेरिकी कोस्ट गार्ड को इसकी जानकारी दी. इसके बाद समुद्र और आसपास के इलाके में खोज शुरू की गई.
रेस्क्यू टीम ने करीब तीन दिन बाद डेरेक को ढूंढ लिया. वह लगभग 62 घंटे से पलटी हुई नाव के ऊपर था. रेस्क्यू टीम के कैप्टन एडम व्हाइट ने डेरेक की हिम्मत की तारीफ की. उन्होंने बताया कि शनिवार से मंगलवार तक वह बच्चा उसी स्किफ के ऊपर टिका रहा. उन्होंने उसे बेहद मजबूत और हिम्मती बताया.
कांपते हुए बताया- भाई नाव के नीचे है
डेरेक की हालत देखकर रेस्क्यू टीम भी हैरान थी. वह बर्फ जैसे ठंडे पानी के बीच इतने लंबे समय तक किसी तरह खुद को बचाए हुए था. रेस्क्यू टीम के मुताबिक, डेरेक ने बताया कि उसका भाई अभी भी नाव के नीचे था. उसने यह भी बताया कि रेस्क्यू से पिछली रात उसका कजिन नाव के ऊपर से फिसलकर समुद्र में चला गया था.
यानी जिस नाव पर डेरेक अपनी जान बचाने के लिए बैठा था, उसके नीचे उसके भाई की बॉडी थी और आसपास समुद्र में उसके कजिन की तलाश चल रही थी.
शरीर का तापमान गिरने लगा था
जब कोस्ट गार्ड की टीम ने डेरेक को नाव से निकाला तो उसके शरीर में हाइपोथर्मिया के लक्षण दिखाई दे रहे थे. लंबे समय तक ठंडे पानी और तेज ठंड के संपर्क में रहने से शरीर का तापमान काफी नीचे चला गया था.
रेस्क्यू टीम ने उसे तुरंत कंबल में लपेटा और गर्म रखने की कोशिश की. रास्ते में उससे लगातार बात की गई ताकि वह जागता रहे और उसकी हालत पर नजर रखी जा सके. इसके बाद टीम उसे नोम ले गई, जहां वह अपने परिवार से मिला.
भाई और कजिन की नहीं बच सकी जान
इस पूरी घटना में डेरेक तो बच गया, लेकिन उसके भाई और कजिन की जान नहीं बच सकी. अलास्का डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक सेफ्टी के मुताबिक, सर्च टीम ने दोनों को मृत पाया. उनकी पहचान 35 साल के सिडनी कुलोवियी और 34 साल के बार्टन रूकूक के रूप में हुई. दोनों सवोंगा के रहने वाले थे. दोनों के शवों को समुद्र से निकालकर किनारे लाया गया.
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15 साल के डेरेक के लिए समुद्र में बिताए ये करीब तीन दिन शायद जिंदगी के सबसे मुश्किल पल रहे होंगे. बर्फ जैसे ठंडे पानी, पलटी नाव, सामने मौत और मदद का इंतजार. इन सबके बीच 62 घंटे तक जिंदा रहना वाकई किसी चमत्कार से कम नहीं है.