समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पश्चिम बंगाल के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं. 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने उन्हें राज्य अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी दी थी. इस चुनाव में भाजपा प्रचंड जीत के साथ पहल बार सरकार बना रही है. 3 जुलाई 2025 को वे निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने गए. कोलकाता के साइंस सिटी में हुए कार्यक्रम में उन्होंने पदभार संभाला था.
जुलाई 2025 से वह पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इसके साथ ही वह 2024 से राज्यसभा सांसद भी हैं और पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं.
समिक भट्टाचार्य का जन्म 5 नवंबर 1963 को असम के मालिगांव गांव में हुआ था. बचपन से ही उनका झुकाव सामाजिक और राष्ट्रवादी गतिविधियों की ओर रहा. उन्होंने 1971 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़कर अपनी सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की. बाद में 1980 के दशक की शुरुआत में वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. उन्होंने कोलकाता के सुरेन्द्रनाथ कॉलेज से 1988 में कला स्नातक (बीए) की पढ़ाई पूरी की.
पार्टी संगठन में लंबे समय तक काम करने के बाद समिक भट्टाचार्य धीरे-धीरे भाजपा के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल हो गए. 2020 में वे पश्चिम बंगाल भाजपा के मुख्य प्रवक्ता बने.
उन्होंने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में राजारहाट गोपालपुर सीट से चुनाव भी लड़ा. हालांकि चुनावी राजनीति में उन्हें बड़ी सफलता नहीं मिली, लेकिन संगठन और पार्टी रणनीति में उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती गई. अप्रैल 2024 में समिक भट्टाचार्य राज्यसभा के लिए चुने गए. संसद में उन्हें गृह मामलों की स्थायी समिति का सदस्य बनाया गया. इसके अलावा वे AIIMS कल्याणी से भी जुड़े रहे.
2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा भेजे गए संसदीय प्रतिनिधिमंडल में भी उन्हें शामिल किया गया. इस प्रतिनिधिमंडल ने यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, इटली और डेनमार्क का दौरा कर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर भारत का पक्ष रखा.
पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की कवायद फिर तेज हो गई है. बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य सरकार जल्द विधानसभा में विधेयक पेश करेगी. उन्होंने बताया कि नाम बदलने का उद्देश्य राज्य को उसके इतिहास से जोड़ना है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस के हमले के बीच पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य उनके बचाव में उतर आए हैं. उन्होंने ज्ञानेश कुमार के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें पद्म भूषण देना चाहिए. वहीं राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से CEC के इस्तीफे की मांग की जा रही है.
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत कर NCPI में शामिल हुए 20 बागी सांसदों को बड़ा सियासी झटका लगा है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने साफ कर दिया है कि बागियों को पार्टी में शामिल करने की कोई योजना नहीं है. ऐसे में बागी सांसदों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है.
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा उपचुनावों और निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने 263 सदस्यों वाली जंबो कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया है. पार्टी ने शुभेंदु अधिकारी और सुकांत मजूमदार समेत अपने सभी दिग्गजों को जिलेवार जिम्मेदारी सौंपकर चुनावी बिसात बिछा दी है.
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बंगाल की सियासत गरमा गई है. पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस मामले पर कहा है कि बाहर के लोग बंगाल की परंपराओं को नहीं समझ सकते.
पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के दुर्गा पूजा में मांसाहारी भोजन छोड़ने वाले बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बाहरी व्यक्ति बंगालियों के खान-पान और परंपराएं तय नहीं कर सकता।
बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन को लेकर बहस छिड़ गई है. विश्व हिंदू परिषद और धीरेंद्र शास्त्री ने नॉनवेज से परहेज की सलाह दी, जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बंगाल की पारंपरिक खान-पान संस्कृति का समर्थन करते हुए लोगों की भोजन पसंद की स्वतंत्रता पर जोर दिया.
पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने धीरेंद्र शास्त्री के 'बंगालियों को दुर्गा पूजा में मांसाहारी न खाने की अपील' पर प्रतिक्रिया दी है. उनका कहना है कि कोई बाहरी यह तय नहीं करेगा कि बंगाली क्या खाएं या क्या पहनें.
राज्यसभा में केरल का नाम बदलकर 'केरलम' करने के प्रस्ताव के साथ ही पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'पश्चिम बंग' करने की मांग उठी है. बीजेपी सांसद समिक भट्टाचार्य ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा है.
सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है. ममता बनर्जी ने इसे लेकर बीजेपी पर हमला बोला है, जबकि कांग्रेस और सपा ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है. दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोपों को खारिज किया है.
फलता उपचुनाव से पहले पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने टीएमसी और अभिषेक बनर्जी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ने टीएमसी को 'वनवास' भेज दिया है और अभिषेक बनर्जी को फलता आकर प्रचार करने की चुनौती दी.