अयोध्या में राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नई तस्वीर सामने आई है. 2 सितंबर को हुई बैठक में तीन नए सदस्यों को शामिल किया गया. इनमें शिकोहाबाद की डॉ. निर्मला यादव भी हैं. वह ट्रस्ट की इकलौती महिला सदस्य हैं. शिक्षा के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाली निर्मला यादव ने अपनी नई जिम्मेदारी को प्रभु श्रीराम का प्रसाद बताया है. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गौरव का पल है, साथ ही देश की महिलाओं के सम्मान से जुड़ा अवसर भी है.
फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद की रहने वाली निर्मला यादव लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हैं. उन्होंने हिंदी और संस्कृत में परास्नातक किया है. वह करीब 15 साल तक विश्वविद्यालय में काम कर चुकी हैं. इस दौरान उन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काम करने का अच्छा अनुभव मिला.
निर्मला यादव शिकोहाबाद के बीडीएम डिग्री कॉलेज और फिरोजाबाद के एमजी डिग्री कॉलेज की प्राचार्या भी रह चुकी हैं. शिक्षा के साथ वह सामाजिक कामों से भी जुड़ी रही हैं. उन्होंने शिक्षक संघ में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली है.
‘मेरे लिए यह प्रभु श्रीराम का प्रसाद’
आजतक से खास बातचीत में निर्मला यादव ने अपनी इस नई जिम्मेदारी को प्रभु श्रीराम का सच्चा प्रसाद बताया. इसे अपने लिए गौरव का पल बताते हुए वह कहती हैं कि यह असल में देश की तमाम महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मौका है. उन्होंने याद दिलाया कि भगवान राम ने भी लंका पर चढ़ाई से पहले शक्ति की पूजा की थी, ठीक उसी तरह आज मंदिर के इस बड़े काम में मातृशक्ति को भागीदारी मिलना भी प्रभु की ही कृपा है.
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परिवार का राम मंदिर आंदोलन से पुराना जुड़ाव
निर्मला यादव के मुताबिक, उनके परिवार की जड़ें राम मंदिर आंदोलन से काफी पुरानी हैं. उनके ससुर और पति के साथ वह खुद भी इस आंदोलन से जुड़ी रही हैं. उन्होंने कहा कि कॉलेज में बतौर प्राचार्या प्रशासनिक काम संभालने और शिक्षक संघ में नेतृत्व करने का अनुभव अब ट्रस्ट की नई जिम्मेदारियां निभाने में मददगार साबित होगा.
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद निर्मला यादव ने ट्रस्ट के कामकाज को लेकर अपनी प्राथमिकता भी साफ की. उन्होंने कहा कि वह हर जिम्मेदारी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ निभाने की कोशिश करेंगी. खास तौर पर चंदे को लेकर उठे विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के काम में पारदर्शिता बनाए रखना उनकी कोशिश रहेगी. उन्होंने इस जिम्मेदारी को सिर्फ अपने व्यक्तिगत सम्मान नहीं माना. उनके मुताबिक, यह देशभर की महिलाओं के लिए भी गौरव का क्षण है.
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ट्रस्ट में तीन नए सदस्य
2 सितंबर की बैठक में निर्मला यादव के साथ मदन मोहन पांडेय और महेश भागचंदका को भी ट्रस्ट का नया सदस्य बनाया गया. मदन मोहन पांडेय अयोध्या के रहने वाले हैं, जबकि महेश भागचंदका दिल्ली से हैं. महेश भागचंदका अशोक सिंघल के रिश्तेदार बताए जाते हैं. वहीं मदन मोहन पांडेय रामलला की ओर से राम जन्मभूमि मामले में अदालत में पैरवी कर चुके हैं.
ये नियुक्तियां ट्रस्ट में खाली हुए पदों को भरने के लिए की गई हैं. चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद खाली हुए थे. विमलेंद्र मोहन के निधन से भी एक जगह खाली हुई थी.
ट्रस्ट में हुए दूसरे बड़े बदलाव
बैठक में गोविंद देव गिरि को महासचिव बनाया गया. वह पहले कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. जबकि महेश भागचंदका को नया कोषाध्यक्ष बनाया गया. ट्रस्ट में पहली बार CEO का पद भी बनाया गया है. इसके लिए 16 लोगों के इंटरव्यू के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया गया था. इसमें पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, मेजर जनरल संजय प्रताप सिंह और श्रुति भारद्वाज शामिल हैं. आखिरकार जितेंद्र मिश्र को CEO बनाने का फैसला हुआ.
इन फैसलों के बीच निर्मला यादव की नियुक्ति इसलिए खास है, क्योंकि वह ट्रस्ट की इकलौती महिला सदस्य हैं. शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र का उनका अनुभव अब राम मंदिर से जुड़े इस महत्वपूर्ण ट्रस्ट के काम में दिखाई देगा.