
बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली में जूता फेंकने के दोनों आरोपी हैप्पी शर्मा और सुमित गिरी बुलंदशहर जिले के निवासी हैं. रविवार को दोनों आरोपी दोस्त दिल्ली स्थित सांसद के आवास पर पहुंचे थे.दोनों ही सत्ताधारी दल से जुड़े हैं. हैप्पी शर्मा बीजेपी का ग्रामीण मंडल का उपाध्यक्ष है और सुमित गिरी नगर सचिव के पद पर है. सुमित 3 बजे ऑफिस जाने की बात कहकर निकला था, जिसके बाद दिल्ली में सांसद के घर पहुंचने की जानकारी परिजनों को रात में टीवी के माध्यम से मिली.
कौन है आरोपी हैप्पी शर्मा?
बुलंदशहर के कोतवाली देहात क्षेत्र के नैथला गांव का रहने वाला हैप्पी शर्मा भारतीय जनता पार्टी के ग्रामीण मंडल का उपाध्यक्ष है. वह पहले बीजेपी में एक कार्यकर्ता के रूप में जुड़ा हुआ था और हाल ही में उसे यह पद मिला है. पेशागत रूप से हैप्पी शर्मा ठेकेदारी का काम करता है, जबकि उसका बड़ा भाई गांव में ही राशन डीलर है.
सुमित गिरी का बीजेपी कनेक्शन और पारिवारिक बैकग्राउंड
दूसरा आरोपी सुमित गिरी सिकंदराबाद के शहपानी गांव का निवासी है और बीजेपी के सिकंदराबाद मंडल में नगर सचिव बताया गया है. सुमित खेती और प्रॉपर्टी आदि का काम करता है. गाज़ियाबाद में भी अपने अन्य दोस्तों के साथ उसका एक ऑफिस होना बताया गया है. सुमित की माता के अनुसार वह रविवार दोपहर करीब 3 बजे घर से ऑफिस जाने की बात कहकर निकला था.
पुरानी दोस्ती और सोशल मीडिया कनेक्शन
हैप्पी शर्मा और सुमित गिरी रविवार को एक साथ दिल्ली गए थे. ये दोनों आरोपी पहले से ही एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं और आपस में दोस्त हैं. दोनों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक साथ ली गई कई तस्वीरें भी मौजूद हैं. रात में टीवी पर खबर देखने के बाद ही परिजनों को मामले की जानकारी हुई.
आरोपी की सफाई
दिल्ली में 'आजतक' से बात करते हुए हैप्पी शर्मा ने कहा कि पप्पू यादव के घर के बाहर तैनात पुलिस ने उन्हें और सह-आरोपी सुमित को अंदर जाने देने से पहले उनकी तलाशी ली थी और उनके पास कोई हथियार नहीं मिला था.

गौरतलब है कि दिल्ली में सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जूता फेंका गया, जिससे उनके समर्थकों और आरोपियों के बीच झड़प हो गई. बुलंदशहर के निवासी आरोपी सुमित को मौके पर ही पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया. पुलिस को सौंपा गया चाकू कहां से आया, इसकी जांच की जा रही है. दूसरी ओर, आरोपी शर्मा का दावा है कि वे बिना हथियार के गए थे और सुरक्षा जांच के बाद ही अंदर पहुंचे. उनका कहना है कि वे सनातन धर्म और हिंदुओं के अपमान पर सवाल पूछने गए थे, जिसके बाद समर्थकों ने उनसे मारपीट की.
इस बीच, पप्पू यादव ने इसे जानलेवा हमला और हत्या की बड़ी साजिश करार दिया है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के नेताओं के साथ आरोपी की तस्वीरें साझा कर राजनीतिक संबंधों की जांच की मांग की. वहीं, उनके समर्थकों का दावा है कि समय पर चाकू न छीना जाता तो सांसद की जान को खतरा हो सकता था. सांसद के मीडिया संयोजक ने दिल्ली पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले और दावों की जांच में जुटी है.