पप्पू यादव (Pappu Yadav) का असली नाम राजेश रंजन (Rajesh Ranjan) है. बिहार से लोकसभा सदस्य हैं. वह कई राजनीतिक पार्टी से उम्मीदावर बनें और 1991, 1996, 1999, 2004 और 2014 में बिहार के कई निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव जीता. वह निर्दलीय, एसपी, लोक जनता पार्टी, राजद के टीकट पर लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं. इतना ही नहीं, आपराधिक छवि होने के बावजूद पप्पू यादव 2015 में 'सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले' सांसदों में से एक बने.
2015 के बिहार चुनाव में उन्होंने अपनी खुद की जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) बनाई और 40 सीटों पर चुनाव लड़ा. हालांकि, पार्टी कोई प्रभाव डालने में विफल रही और मुश्किल से 2 प्रतिशत वोट हासिल कर सकी. 20 मार्च 2024 को उन्होंने आम चुनाव से पहले जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) का कांग्रेस में विलय कर दिया.
2014 के आम चुनाव में पप्पू यादव ने शरद यादव को हराया था. उनकी पत्नी रंजीत रंजन सुपौल से सांसद थीं, लेकिन 2019 के आम चुनाव में जेडीयू से हार गईं और कांग्रेस नेता हैं. उनके बेटे सार्थक रंजन एक क्रिकेटर हैं और दिल्ली टीम के लिए खेलते हैं. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा पप्पू यादव को 'वाई' श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.
पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाते हुए राजनीति पर तीखा हमला बोला. उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए. साथ ही मोतिहारी की घटना में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल की जरूरत बताई.
बिहार विधानसभा में कानून-व्यवस्था पर हुई बहस के दौरान गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने एक ऐसा बयान दिया जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई. इस बयान को पप्पू यादव से जोड़ा गया. इसके जवाब में पप्पू यादव ने भी पलटवार किया। इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और कानून व्यवस्था की स्थिति पर लोगों का ध्यान केंद्रित कर दिया है.
बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सांसद पप्पू यादव पर नीट छात्रा मामले में बयानबाजी को लेकर तंज कसा, पुलिस प्रशासन पर उनके कथित विरोधाभास को उजागर किया और ‘चींटी’ और ‘हाथी’ के उदाहरण दिए. इसके जवाब में पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर बिना नाम लिए डिप्टी सीएम को ‘बंदर’ बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी.
पप्पू यादव ने जेल से बाहर आने के बाद नीट छात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी के सदस्य सहित लगभग सभी पार्टियों के नेता नीट की बच्चियों और उनकी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर एकजुट हुए हैं. इस मामले में व्यक्तिगत आलोचना से बचते हुए, यह समर्थन सभी के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है जो बच्चियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है.
पप्पू यादव ने अपने बयान में कहा कि उन्हें सच बोलने में इतना डर लगता है कि अगर उनकी हत्या हो जाए तो भी वह सच बोलना बंद नहीं करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि आज की स्थिति अंग्रेजों के समय से भी बदतर हो गई है. उन्होनें ये बयान जेल से रिहा होने के बाद दिया.
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव शुक्रवार को बेउर जेल से रिहा हुए. जेल से बाहर निकलते ही उन्होंने बिहार सरकार और पटना के SSP कार्तिकेश शर्मा पर कड़ी टिप्पणियां कीं. पप्पू यादव ने कहा कि उनके खिलाफ हत्या की साजिश रची गई थी और सवाल उठाया कि क्या केवल उनका बेल टूटा है.
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना के तीन मामलों में जमानत मिलने के बाद बेउर जेल से रिहा कर दिया गया है. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने इसे न्याय की जीत बताया और अपने खिलाफ साजिश रचे जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों और नेताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनके बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है.
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव को पटना के एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई है. पुराने मामलों में सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें बेल दी है. इसके बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. इससे पहले उन्हें 31 साल पुराने मामलों में न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. जमानत मिलने की खबर के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल है.
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में पटना की स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट से जमानत मिल गई है. हालांकि, गिरफ्तारी के दौरान हुए एक नए मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है, जिसमें उनकी जमानत अभी तक नहीं हुई है. आज इस नए मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है.
सांसद पप्पू यादव की जमानत याचिका पर पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई. उन्हें 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया था.
पटना सिविल कोर्ट को आज एक मेल के माध्यम से बम धमकी मिली है जिसमें परिसर में तीन RDX IEDs होने का दावा किया गया. सुरक्षा कारणों से कोर्ट परिसर को खाली कराया गया. इस बीच, पप्पू यादव की जमानत सुनवाई टाल दी गई है.
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी के विरोध में सुपौल के छातापुर ब्लॉक चौक पर उनके समर्थकों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया. समर्थकों ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया और नीट छात्रा मामले में आवाज उठाने पर प्रतिशोध की कार्रवाई का आरोप लगाया.
राजद नेता शिवानंद तिवारी ने पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए उन्हें बिहार की राजनीति का विशिष्ट और सक्रिय नेता बताया. उन्होंने कहा कि तीन बार निर्दलीय जीत और छह बार लोकसभा पहुंचना उनकी खास पहचान है. तिवारी ने कोरोना और बाढ़ के दौरान उनकी सक्रियता का जिक्र किया. साथ ही आरोप लगाया कि पुराने मामलों में अचानक गिरफ्तारी न्याय व्यवस्था की खामियों को दिखाती है और उम्मीद जताई कि उन्हें जल्द जमानत मिलेगी.
पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव और उनके 20 अज्ञात समर्थकों पर बुद्धा कॉलोनी थाना में सरकारी काम में बाधा और पुलिसकर्मियों को धमकाने के आरोप में केस दर्ज हुआ है. यह कार्रवाई ड्यूटी के दौरान हुए विवाद के बाद की गई. इससे पहले पप्पू यादव को 1995 के मकान विवाद मामले में कोर्ट वारंट पर पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया. कोर्ट ने समन की अनदेखी पर सख्ती दिखाई थी. पप्पू यादव ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जुड़ा बताया है.
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की पटना सिविल कोर्ट में पेशी हुई, जहां कोर्ट ने उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा. यह हिरासत 31 साल पुराने एक मामले से जुड़ी है, जिसमें पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया है. राहुल गांधी ने इस गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और कहा कि इसे आवाज दबाने की कोशिश माना जाना चाहिए. देखें वीडियो.
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने 31 साल पुराने मामले में शुक्रवार आधी रात गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें IGIMS और फिर पीएमसीएच भेजा गया. अदालत ने दो दिन की न्यायिक अभिरक्षा में इलाज का आदेश दिया है. मामला 1995 में किराए के मकान पर कब्जे से जुड़ा है. अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी.
आधी रात को पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर पुलिस अफसर ने प्रतिक्रिया देेते हुए बताया कि पीएस केस नंबर 552, बावना 1995 में एक मामला दर्ज है यह मामला गर्दनीबाग थाने का है इस केस में माननीय सांसद पर आरोप है कि वे माननीय न्यायालय द्वारा चलाए जा रहे ट्रायल के दौरान तय तारीख को उपस्थित नहीं हुए.
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा से रेप और हत्या के मामले ने सियासत गरमा दी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को 'असंवेदनशीलता' और 'राजनीतिक प्रतिशोध' बताया है. विपक्ष ने बिहार सरकार और भाजपा पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है.
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पटना पुलिस ने पुराने केस में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उन्हें मेडिकल जांच की गई. अब पता चला है कि पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें IGIMS अस्पताल शिफ्ट किया गया है.
बिहार की राजधानी पटना में पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को पुलिस ने एक पुराने मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस टीम ने उन्हें मंदिरी स्थित आवास से हिरासत में लिया और मेडिकल जांच के लिए पहले आईजी आई एमएस अस्पताल ले जाया गया बाद में उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया
कांग्रेस नेता पप्पू यादव के आवास पर एक हाई वोल्टेज ड्रामा आधी रात को हुआ. पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की, लेकिन पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने पुलिस को रोकने की भरपूर कोशिश की. तीन घंटे तक ड्रामा चलता रहा. बाद में पप्पू यादव को मेडिकल जांच के लिए आईजीआईएमएस अस्पताल ले जाया गया.