काशी के आसमान में बुधवार को ऐसा नजारा दिखा कि गंगा किनारे मौजूद लोग अपनी नजरें आसमान से नहीं हटा सके. कहीं राफेल और सुखोई जैसे लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई दी, तो कहीं हेलीकॉप्टरों ने अपने करतब से लोगों का ध्यान खींचा. गंगा की लहरों पर चल रहे क्रूज पर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे जवानों का उतरना भी लोगों के लिए खास आकर्षण रहा. भारतीय वायुसेना के एयर शो की ग्रैंड रिहर्सल ने नमो घाट से अस्सी घाट तक रोमांच का माहौल बना दिया.
21 अक्टूबर को हुई इस रिहर्सल के जरिए वायुसेना ने अपने आगामी विशेष कार्यक्रम की तैयारियों का प्रदर्शन किया. भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम को ‘विंग्स ओवर गंगा’ नाम दिया गया है. मुख्य एयर शो 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट पर प्रस्तावित है. इस दौरान कुल 100 लड़ाकू, परिवहन विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन की योजना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 25 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचेंगे.
रिहर्सल के दौरान नमो घाट से अस्सी घाट तक आसमान में विमानों और हेलीकॉप्टरों की गतिविधियां देखने को मिलीं. राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन ने लोगों में उत्साह भर दिया. इन विमानों की गर्जना ने गंगा किनारे मौजूद दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. वहीं, सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम ने भी अपने करतब दिखाए. गंगा के ऊपर हेलीकॉप्टरों की उड़ान और लड़ाकू विमानों की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास बना दिया. काशी के ऐतिहासिक घाटों के ऊपर आधुनिक सैन्य विमानन का यह नजारा लोगों के लिए यादगार रहा.
क्रूज पर रस्सियों के सहारे उतरे जवान
रिहर्सल का सबसे खास दृश्य उस समय देखने को मिला, जब हेलीकॉप्टर से जवान रस्सियों के सहारे गंगा में चल रहे क्रूज पर उतरे. नमो घाट के ठीक सामने हुए इस प्रदर्शन में जवानों ने अपनी तैयारी, तालमेल और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता का परिचय दिया. इसके बाद जवानों ने अपना युद्ध कौशल भी प्रदर्शित किया. हेलीकॉप्टर से क्रूज पर उतरने का यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग रोमांचित हो उठे. यह प्रदर्शन वायुसेना के जवानों की दक्षता और विशेष परिस्थितियों में अभियान को अंजाम देने की क्षमता दिखाने का हिस्सा था. सारंग हेलीकॉप्टर टीम ने नमो घाट से अस्सी घाट की दिशा में उड़ान भरकर भी दर्शकों का ध्यान खींचा. गंगा की लहरों, घाटों और आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टरों के बीच यह अभ्यास कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा.
एयर शो की ग्रैंड रिहर्सल देखने के लिए गंगा किनारे बड़ी संख्या में लोग जुटे. नमो घाट पर करीब एक हजार स्कूली बच्चे और दूसरे दर्शक मौजूद रहे. आसपास के जिलों से भी लोग काशी पहुंचे, ताकि मुख्य आयोजन में संभावित भीड़ से पहले वायुसेना के करतब देख सकें. बच्चों और युवाओं में विमानों को करीब से देखने को लेकर खास उत्साह नजर आया. लड़ाकू विमानों की आवाज, हेलीकॉप्टरों की उड़ान और जवानों के प्रदर्शन ने उन्हें आकर्षित किया. इस आयोजन का उद्देश्य केवल वायुसेना की ताकत और आधुनिक तकनीक दिखाना नहीं, बल्कि युवाओं को देशसेवा, अनुशासन और विमानन क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना भी है.
मुख्य एयर शो में कुल 100 विमानों के शामिल होने की योजना है. इनमें 52 लड़ाकू विमान, 32 हेलीकॉप्टर, 15 परिवहन विमान और एक ऐतिहासिक विमान शामिल हैं. राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और स्वदेशी तेजस जैसे लड़ाकू विमान इस आयोजन का हिस्सा होंगे. इनके साथ सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम भी अपने करतब दिखाएंगी. अलग-अलग विमानों और टीमों के प्रदर्शन के जरिए वायुसेना की तकनीकी क्षमता और संचालन कौशल को सामने लाया जाएगा. गंगा और काशी के ऐतिहासिक घाटों की पृष्ठभूमि में होने वाला यह आयोजन भारतीय वायुसेना की कार्यशैली को करीब से देखने का अवसर देगा. इसके जरिए युवाओं को वायुसेना में करियर बनाने और राष्ट्रसेवा से जुड़ने के लिए प्रेरित करने की भी कोशिश की जा रही है.
इस कार्यक्रम का एक अहम उद्देश्य युवाओं को सैन्य सेवाओं और विमानन क्षेत्र के बारे में जागरूक करना है. रिहर्सल के दौरान नमो घाट पर मौजूद बच्चे और युवा काफी उत्साहित दिखाई दिए. विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन ने उन्हें वायुसेना की कार्यशैली को करीब से समझने का अवसर दिया. सारंग हेलीकॉप्टर टीम की स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने बताया कि एयर शो से लोग काफी प्रभावित और प्रेरित हुए हैं, जो अच्छी बात है. इस तरह के आयोजन युवाओं में वायुसेना के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ जल, थल और वायु सेनाओं में देशसेवा के अवसरों को समझने के लिए भी प्रेरित कर सकते हैं.
22, 24 और 25 अक्टूबर को होगा मुख्य एयर शो
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ के मुख्य कार्यक्रम 22, 24 और 25 अक्टूबर को नमो घाट पर प्रस्तावित हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को दोपहर करीब एक बजे कार्यक्रम में शामिल होने का कार्यक्रम है. 21 अक्टूबर की ग्रैंड रिहर्सल ने आयोजन को लेकर लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है. अब दर्शकों को मुख्य एयर शो का इंतजार है, जहां 100 विमानों के प्रदर्शन के जरिए भारतीय वायुसेना की ताकत, तकनीक और कौशल देखने को मिलेगा. काशी में गंगा के ऊपर होने वाला यह आयोजन सैन्य विमानन और ऐतिहासिक घाटों के अनूठे संगम के रूप में सामने आएगा.