उत्तर प्रदेश में स्थित वाराणसी भारत की सबसे प्राचीन और पवित्र नगरी मानी जाती है. गंगा नदी के तट पर बसे वाराणसी के घाट (Varanasi Ghats, Uttar Pradesh) न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन शैली का जीवंत प्रतीक भी हैं. कहा जाता है कि काशी की भूमि पर मृत्यु मोक्ष का मार्ग खोल देती है, और इसी विश्वास के कारण लाखों श्रद्धालु हर वर्ष यहां आते हैं.
वाराणसी में लगभग 80 से अधिक घाट हैं, जिनमें दशाश्वमेध घाट, मणिकर्णिका घाट, हरिश्चंद्र घाट, अस्सी घाट और केदार घाट प्रमुख हैं. प्रत्येक घाट का अपना अलग धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है. दशाश्वमेध घाट को सबसे प्रसिद्ध माना जाता है, जहां प्रतिदिन भव्य गंगा आरती का आयोजन होता है. इस आरती को देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं और वातावरण भक्ति से सराबोर हो जाता है.
मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट को मोक्षदायी घाट माना जाता है. यहां निरंतर अंतिम संस्कार होते रहते हैं. मान्यता है कि इन घाटों पर देह त्याग करने से आत्मा को जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति मिल जाती है. यही कारण है कि जीवन के अंतिम पड़ाव में कई लोग काशी आकर बस जाते हैं.
वाराणसी के घाट केवल धार्मिक क्रियाओं तक सीमित नहीं हैं. सुबह के समय यहां योग, ध्यान और स्नान करते श्रद्धालु दिखाई देते हैं, जबकि दिन में साधु-संतों, नाविकों और पर्यटकों की चहल-पहल रहती है. शाम होते ही घाटों पर दीपों की रोशनी और मंत्रोच्चार से अलौकिक वातावरण बन जाता है.
घाटों के आसपास की गलियां, प्राचीन मंदिर, संगीत और बनारसी संस्कृति वाराणसी को एक अद्वितीय पहचान देते हैं. गंगा किनारे बहती जीवनधारा और घाटों पर सिमटी सदियों पुरानी परंपराएं वाराणसी को भारत की आत्मा से जोड़ती हैं. वास्तव में, वाराणसी के घाट केवल स्थान नहीं, बल्कि आस्था और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक हैं.
वाराणसी के दालमंडी में काशी विश्वनाथ धाम मार्ग चौड़ीकरण के लिए 21 जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई शुरू हुई. इस दौरान भारी विरोध, धक्का-मुक्की और एक भवन स्वामी द्वारा आत्मदाह की कोशिश देखी गई. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और ड्रोन से निगरानी जारी है.
वाराणसी में मणिकर्णिका घाट के नवीनीकरण को लेकर विवाद तेज हो गया है. मूर्तियाँ तोड़ने के आरोपों के बाद अब इस मसले पर राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है. अखिलेश यादव के प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के आठ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मणिकर्णिका घाट का निरीक्षण करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रवेश से रोक दिया.
काशी में गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले सपाइयों ने मणिकर्णिका घाट का रुख किया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया. सपाइयों का कहना था कि वे मणिकर्णिका घाट की स्थिति जानने के लिए वहां जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने इजाजत नहीं दी. देखें ये वीडियो.
वाराणसी के दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण के लिए ध्वस्तीकरण अभियान तेज हो गया है. बुधवार को PWD की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ 8 मकानों और दुकानों को मैनुअली तोड़ने का काम शुरू किया. अब तक कुल 25 संपत्तियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिसका लक्ष्य यातायात सुधारना है.
बनारस पर नजर रखने वालों के मन में यह कौतूहल है कि आखिर बनारस के मणिकर्णिका घाट पर हुआ क्या है. ऐसा क्या हो गया कि इस मामले में 8 एफआईआर दर्ज हो गए. वहां पाल समाज क्यों आंदोलित है, और क्या सचमुच सरकार नहीं कोई मंदिर या मूर्ति तोड़ दी है?
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रही बुल्डोजर कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में गुस्सा और विरोध को जन्म दिया है. घाट के विस्तार और अतिक्रमण हटाने की योजना के तहत हो रही तोड़फोड़ ने विवाद को और बढ़ा दिया है.
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को लेकर पाल समाज के प्रदर्शन के दौरान पुलिस से तीखी झड़प हुई. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठी भांजकर भीड़ को खदेड़ा और डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में लिया. एसीपी के मुताबिक, स्थिति नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल प्रयोग किया गया.
वाराणसी में बुलडोजर पर एक और 'धर्मयुद्ध' छिड़ गया है. दरअसल वहां मणिकर्णिका घाट का पुनर्विकास चल रहा है. लेकिन पिछले हफ्ते गिरी मूर्तियों के वीडियो वायरल हुए. लेकिन, आरोपों के मुताबिक जो वीडियो और तस्वीरें डाली गईं, उनमें कुछ पुरानी और कुछ तो AI जेनरेटेड हैं. इस मामले में योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद 8 FIR दर्ज हुई है. आखिर क्या है इस मामले का सच? देखें हल्ला बोल.
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य के बारे में डोम राजा विश्वनाथ चौधरी ने स्पष्ट किया कि कोई मंदिर नहीं तोड़ा गया है, बल्कि पुरानी संरचनाओं को हटाकर नए प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं ताकि दाह संस्कार की प्रक्रिया बेहतर और सुविधाजनक हो सके. यह परियोजना लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से चल रही है और इसमें 18 से 19 नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे.
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से ढहाए जाने पर आक्रोश भड़क गया है. पाल समाज और तीर्थ पुरोहितों ने इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया, जिसके बाद प्रशासन ने मूर्तियों को सुरक्षित होने का दावा कर शांत कराने की कोशिश की.
मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियों को तोड़े जाने की अफवाह और 'फेक' वीडियो फैलाने के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. राज्यसभा सांसद संजय सिंह और कांग्रेस नेता पप्पू यादव समेत कई दिग्गजों पर FIR दर्ज की गई है. उन्हें 72 घंटे के भीतर बयान दर्ज कराने का नोटिस मिला है.
मणिकर्णिका घाट में विकास का काम अब सियासी जंग का अखाड़ा बन गया है. कुछ दिन पहले घाट में बुलडोजर की तस्वीरें वायरल हुई. जिसके बाद इसे लेकर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया. तमाम सियासत के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ वाराणसी पहुंचे. मणिकर्णिका घाट पहुंचकर विकास के कामों का जायजा लिया. योगी आदित्यनाथ ने मामले पर पूरी स्थिति स्पष्ट की और सियासत करने वालों पर पलटवार किया. देखें विशेष.
काशी के प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट में विकास कार्य विवादों में फंस गया है. घाट में बुलडोजर की तस्वीरों के वायरल होने के बाद से विरोध प्रदर्शन शुरु हो गए हैं. इस सियासी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी पहुंचकर मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य का निरीक्षण किया.
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर सौंदर्यीकरण का काम शुरू होते ही सवाल उठने लगे. कई आरोप लगे. जिसके बाद सीएम योगी ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया.
काशी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्य को लेकर मढ़ी तोड़े जाने और मूर्तियों के नुकसान के आरोपों से विवाद खड़ा हो गया है. वायरल तस्वीरों के बाद विपक्ष ने सरकार पर विरासत के विध्वंस का आरोप लगाया. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निरीक्षण कर कहा कि कोई मंदिर या मूर्ति नहीं टूटी है. सरकार के मुताबिक मूर्तियां सुरक्षित रखी गई हैं.
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद लोगों के गुस्सा फूट पड़ा है. हालांकि, वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय विधायक ने मणिकर्णिका घाट पहुंचे इस मामले पर सफाई भी दी है. इसी बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी भी वारासणी पहुंच गए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कुछ लोग काशी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि टूटी हुई मूर्तियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं.