उत्तर प्रदेश में जुलाई के आखिरी दिन मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है. एक तरफ कई जिलों में बादलों की आवाजाही और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है तो दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में उमस लोगों को परेशान कर सकती है. मौसम विभाग का कहना है कि 31 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कहीं-कहीं इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और बिजनौर सहित आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक रहने की संभावना है. इन जिलों में दिनभर बादल छाए रह सकते हैं और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है. इसके अलावा गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बरेली, पीलीभीत, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदल सकता है. हालांकि इन जिलों में व्यापक बारिश की संभावना कम है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बौछारें पड़ सकती हैं.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 31 जुलाई को बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है. मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई और आसपास के इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
किसी जिले में नहीं है अलर्ट
राहत की बात यह है कि 31 जुलाई के लिए मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के किसी भी हिस्से में भारी बारिश, वज्रपात या अन्य मौसम संबंधी कोई रंग आधारित चेतावनी जारी नहीं की है. यानी फिलहाल येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट प्रभावी नहीं रहेगा. आईएमडी के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव अब मध्य भारत की ओर बढ़ गया है. इसी वजह से मानसून की मुख्य गतिविधियां फिलहाल उत्तर प्रदेश से हटकर मध्य भारत की ओर केंद्रित हो गई हैं. यही कारण है कि जुलाई के अंतिम दिनों में प्रदेश में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
अगस्त के पहले सप्ताह में फिर होगी अच्छी बारिश
मौसम विभाग का कहना है कि मौजूदा मौसम प्रणाली के कमजोर पड़ने के बाद मानसून ट्रफ दोबारा उत्तर की ओर खिसकेगी. इसके बाद अगस्त के पहले सप्ताह से उत्तर प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय होने की संभावना है और कई जिलों में अच्छी बारिश हो सकती है.
अब तक कितनी कम हुई बारिश
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार 28 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य से 25 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 32 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 14 प्रतिशत वर्षा की कमी रही. सबसे अधिक बारिश की कमी वाले जिलों में अमेठी, भदोही, देवरिया, जौनपुर, कानपुर देहात, कौशांबी, कुशीनगर, मऊ, अमरोहा, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, पीलीभीत और शामली शामिल हैं.
किसानों के लिए क्या है सलाह
हालांकि 31 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना नहीं है, फिर भी जहां बारिश हो वहां किसान खेतों में जलभराव न होने दें. जिन क्षेत्रों में धान की रोपाई चल रही है वहां पानी का संतुलन बनाए रखें. मौसम विभाग ने सलाह दी है कि मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं. यदि आपके जिले में गरज-चमक के साथ बारिश होती है तो खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें. खराब दृश्यता के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और अनावश्यक यात्रा से बचें.
31 जुलाई का मौसम एक नजर में
- पश्चिमी यूपी के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार.
- सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत और बिजनौर में बारिश की संभावना अधिक.
- लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर समेत पूर्वी यूपी में कहीं-कहीं बौछारें.
- पूरे प्रदेश में किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं.
- अगस्त के पहले सप्ताह से मानसून फिर जोर पकड़ने की उम्मीद.