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बांदा रोडवेज में डीजल घोटाले का बड़ा खुलासा, 14 हजार लीटर का हिसाब गायब, 3 कर्मचारी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के बांदा रोडवेज डिपो में डीजल रिकॉर्ड में कथित अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है. जांच में दस्तावेजों में हेराफेरी मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करा दी है. वहीं पर्यवेक्षण अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भी पत्र भेजा गया है.

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शिकायत के बाद खुला मामला.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)
शिकायत के बाद खुला मामला.(Photo: Siddhartha Gupta/ITG)

उत्तर प्रदेश के बांदा में परिवहन निगम के डिपो में डीजल रिकॉर्ड में कथित अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है. दस्तावेजों में गड़बड़ी का खुलासा होने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है. मामले की जांच में प्रथम दृष्टया अनियमितता मिलने पर क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) ने तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

जानकारी के अनुसार, मामला बांदा रोडवेज डिपो के डीजल सेक्शन से जुड़ा है, जहां डीजल के रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित तौर पर हेराफेरी की गई. शिकायत मिलने के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक ने मामले की जांच के आदेश दिए, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं.

यह भी पढ़ें: बांदा में गजब लापरवाही: बिना हेडलाइट, केवल टॉर्च के दम पर दौड़ी प्राइवेट बस, देखें- VIDEO

प्राथमिक जांच के आधार पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है. इसके साथ ही मामले की निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है.

शिकायत के बाद खुला मामला, जांच में मिली रिकॉर्ड में गड़बड़ी

परिवहन निगम के सूत्रों के अनुसार, डीजल सेक्शन में तैनात एक कर्मचारी ने क्षेत्रीय प्रबंधक से शिकायत की थी कि डीजल से जुड़े रिकॉर्ड में बड़े स्तर पर हेराफेरी की जा रही है. शिकायत मिलने के बाद RM ने बांदा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (ARM) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी.

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ARM की जांच में दस्तावेजों में अनियमितता की पुष्टि होने के बाद विभाग में हलचल मच गई. आरोप है कि बसों में दिनभर डीजल भरने के बाद शाम की क्लोजिंग और अगली सुबह की ओपनिंग का रिकॉर्ड कई बार दस्तावेजों में दर्ज ही नहीं किया जाता था. रिकॉर्ड संधारण में गंभीर लापरवाही और कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद कार्रवाई की गई.

बांदा

मामले के सामने आते ही क्षेत्रीय प्रबंधक ने तीन कर्मचारियों को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी. साथ ही पर्यवेक्षण अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी गई है.

भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी उठे सवाल

विभागीय सूत्रों का दावा है कि परिवहन निगम में लंबे समय से कई तरह की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं. आरोप यह भी हैं कि चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली जैसी शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा और गड़बड़ियों को बढ़ावा मिला.

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मौजूदा जांच के बाद विभाग के कामकाज पर कई सवाल जरूर खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए तो और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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फिलहाल परिवहन निगम ने पूरे मामले की विभागीय जांच तेज कर दी है और संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की जा रही है.

RM बोले- दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

क्षेत्रीय प्रबंधक (RM) रामलवट ने बताया कि डीजल से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितता पाई गई है. प्रथम दृष्टया तीन कर्मचारी दोषी पाए गए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षण अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है. साथ ही पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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