उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में रात के समय बिना हेडलाइट जलाए केवल टॉर्च की रोशनी के सहारे यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस सड़क पर दौड़ती नजर आई. बांदा से बबेरू मार्ग पर जा रही इस बस का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. सड़क पर आने-जाने वाले लोग इस लापरवाही को देखकर हैरान रह गए और हादसे से बाल-बाल बचे.
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग के अफसर ऑफिस में बैठकर कागजी चेकिंग अभियान चला रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता किया जा रहा है. मामले का वीडियो वायरल होने के बाद बांदा एसपी पलाश बंसल के मीडिया सेल ने ट्रैफिक पुलिस को जांच कर कठोर कार्रवाई का आदेश दिया है.
सड़क पर टॉर्च की रोशनी में दौड़ती रही बस
वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस चालक बगैर हेडलाइट जलाए केवल टॉर्च की रोशनी के दम पर बेहिचक गाड़ी चला रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार बस में यात्री भी सवार थे. सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालक और राहगीर अचानक सामने आई इस बस से टकराते-टकराते बचे. इस लापरवाही ने परिवहन विभाग के सुरक्षा और चेकिंग दावों की पोल खोलकर रख दी है.
परिवहन विभाग पर उठ रहे सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिले में कई प्राइवेट बसें बिना फिटनेस और परमिट के सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही हैं. परिवहन विभाग के अधिकारी महज खानापूर्ति करके उच्च अधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं. टॉर्च की रोशनी में यात्रियों की जान जोखिम में डालकर बस चलाने वाले संचालकों पर कार्रवाई न होना विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है.
एसपी के निर्देश पर पुलिस जांच में जुटी
मामले को संज्ञान में लेते हुए बांदा के एसपी पलाश बंसल के मीडिया सेल ने जानकारी दी है कि वायरल वीडियो की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. ट्रैफिक पुलिस को पूरे प्रकरण की पड़ताल करने को कहा गया है. जांच पूरी होने के बाद नियमों के तहत दोषी बस संचालक और चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.