एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शुक्रवार देर रात एक और वीडियो मैसेज जारी किया है. उन्होंने इस वीडियो मैसेज में उन सवालों पर आपत्ति जताई है, जो उनके अनशन तोड़ने के बाद उठ रहे हैं. असल में सोनम वांगचुक ने बीते गुरुवार आधी रात को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद अपना अनशन तोड़ा था.
उनके अनशन तोड़ने को लेकर उनपर आरोप लग रहा था कि 'सोनम वांगचुक ने सरकार से डील कर ली है.' लगातार उठ रहे इन सवालों को लेकर सोनम वांगचुक ने शुक्रवार रात नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि क्या 26 दिन के अनशन के बाद भी ईमानदारी साबित करनी होगी?'
बता दें कि, सोनम वांगचुक की 26 दिनों की हंगर स्ट्राइक खत्म होने के बाद एक तरफ जहां कुछ लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं तो दूसरी तरफ बड़ी संख्या में लोग उन पर निशाना भी साध रहे हैं. इसको लेकर कुछ देर पहले उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी. उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि 'लोगों को अपने राजनीतिक आकलन पर कुछ समय के लिए विराम लगाना चाहिए और यह भी याद रखना चाहिए कि वांगचुक ने इस आंदोलन के लिए पर्सनल तौर पर कितनी बड़ी कीमत चुकाई है.'
गीतांजलि आंग्मो ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया था कि 'लंबे समय तक हंगर स्ट्राइक पर रहने की वजह से सोनम वांगचुक का वजन 11 किलो कम हो गया है. फिलहाल उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है.'
उन्होंने लिखा, 'सोनम वांगचुक की आलोचना करने से पहले 26 दिनों तक खुद से बड़े किसी उद्देश्य के लिए भूखे रहने के मायने समझने चाहिए.' उन्होंने आगे कहा, 'वह आज ICU में हैं. उनका 11 किलो वजन कम हो गया है, जिसमें मसल्स मास भी शामिल है, क्योंकि उन्होंने आराम के बजाय त्याग को चुना. हम कम से कम एक दिन तो उनके प्रति सहानुभूति दिखा सकते हैं, इससे पहले कि हम उन पर अपनी उम्मीदों और राजनीतिक आकलन का बोझ डालें.'