उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में 6 साल की बीमार बच्ची उर्मी की इलाज के दौरान मौत हो गई. बच्ची के पिता कन्हैया लाल अनाज मंडी में मजदूरी करते हैं और बच्ची कुछ समय से तेज बुखार से पीड़ित थी. 2 सितंबर को तबीयत बिगड़ने पर चाचा वीरपाल उसे मोटरसाइकिल से अस्पताल ले जा रहे थे. परिजनों का आरोप है कि टेंटी गांव तिराहे और खैर कस्बे में भारी जाम में फंसने के कारण वे करीब एक घंटे तक फंसे रहे, जिससे बच्ची ने गोद में दम तोड़ दिया. वहीं पुलिस ने मामले को भ्रामक बताते हुए दावा किया है.
परिजनों का आरोप और जाम का दावा
मृतका के चाचा वीरपाल का कहना है कि वे बच्ची को इलाज के लिए खैर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे. रास्ते में भारी जाम के कारण उन्हें गलियों के रास्ते जाना पड़ा, जिसमें एक घंटे से ज्यादा समय लग गया. सीएचसी पहुंचने पर डॉक्टरों ने उर्मी को मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने दावों को बताया भ्रामक
खैर पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर जाम में फंसने की खबर का खंडन किया है. पुलिस के अनुसार बच्ची 28 अगस्त से बीमार थी. 2 सितंबर को हालत बिगड़ने पर परिजन उसे डॉ. अशोक और फिर मोहिनी अस्पताल ले गए, जहां से रिफर किए जाने पर वे सीएचसी खैर पहुंचे.
परिजनों के बयान का पुलिसिया हवाला
पुलिस का दावा है कि पिता और चाचा ने स्पष्ट किया कि वे मोटरसाइकिल से श्रीराम कॉलेज और करबन नदी पुल के रास्ते गए थे और कहीं भी जाम में नहीं फंसे. पुलिस के मुताबिक मौत गंभीर बीमारी और तेज बुखार के कारण हुई है, न कि जाम में फंसने से.