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मिड-डे-मील की थाली देखिये... बच्चों को क्या परोसा गया... अब प्रधानाचार्य और रसोइया पर हुआ एक्शन

यूपी के सीतापुर में बच्चों को मिड-डे-मील में जली हुई रोटियां और पानी जैसी सब्जी परोसने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. जांच के बाद विद्यालय की प्रधानाचार्य और रसोइया के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मामले में पहले ही जिलाधिकारी के निर्देश पर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है.

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मिड-डे-मील का वीडियो हुआ था वायरल. (Photo: Screengrab)
मिड-डे-मील का वीडियो हुआ था वायरल. (Photo: Screengrab)

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में सरकारी स्कूल के मिड-डे मील का एक वीडियो वायरल हुआ था। बच्चों की थाली में जली हुई रोटियां और पानी जैसी सब्जी देखकर सवाल उठे कि आखिर सरकारी पैसे से मिलने वाला भोजन इतना बदहाल कैसे हो गया। अब इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज करते हुए प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाचार्य और रसोइया के खिलाफ आपराधिक न्यासभंग का मुकदमा दर्ज कराया है।

बच्चों की थाली में न दाल ढंग की थी... न सब्जी. रोटियां भी ऐसी, जिन्हें देखकर लोग कहने लगें कि ये खाना है या मजबूरी? सीतापुर के महमूदाबाद विकासखंड के छंगापुर प्राथमिक विद्यालय का वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वीडियो में दिखाई दे रही जली हुई रोटियां... और पानी से भरी सब्जी... सिर्फ खाने की क्वालिटी पर सवाल नहीं उठा रही थीं. वे यह भी पूछ रही थीं कि मिड-डे मील के लिए आने वाला सरकारी पैसा आखिर जा कहां रहा है?

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वीडियो वायरल हुआ तो मामला प्रशासन तक पहुंचा. जांच हुई. जिलाधिकारी राजा गणपति आर. ने मामले को गंभीरता से लिया. सबसे पहले कार्रवाई प्रशासनिक स्तर पर हुई. विद्यालय की प्रधानाचार्य कल्पना वर्मा पर कार्रवाई की गई. रसोइया अनीता भी जांच के दायरे में आई. साथ ही क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी उदयामणि पटेल के खिलाफ भी प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई. अब मामला विभागीय कार्रवाई से आगे बढ़कर पुलिस थाने तक पहुंच गया है.

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खंड शिक्षा अधिकारी की एप्लिकेशन पर दर्ज हुई शिकायत

खंड शिक्षा अधिकारी उदयामणि पटेल की तहरीर पर पुलिस ने विद्यालय की प्रधानाचार्य कल्पना वर्मा और रसोइया अनीता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. एफआईआर में आरोप है कि मिड-डे मील के लिए आवंटित सरकारी धन का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया. आरोप यह भी है कि प्रधानाचार्य और रसोइया की मिलीभगत से धनराशि का गबन किया गया, जिसकी वजह से बच्चों को गुणवत्ताहीन भोजन परोसा गया.

यानी मामला अब सिर्फ खराब खाने का नहीं, बल्कि सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का भी बन गया है. मिड-डे मील योजना का मकसद है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पौष्टिक भोजन मिले, ताकि उनकी पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों बेहतर रहें. लेकिन जब बच्चों की थाली में जली रोटियां और पानी जैसी सब्जी पहुंचे तो व्यवस्था का खड़ा होता है. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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