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संभल में जामा मस्जिद से 500 मीटर दूर पहुंची ASI टीम, मुसाफिरखाने की जांच क्यों हुई, मस्जिद क्यों छूटी?

संभल में ASI और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जामा मस्जिद से करीब 500 मीटर दूर मुसाफिरखाने का निरीक्षण किया. टीम ने निर्माण और जमीन से जुड़ी जानकारी जुटाई और मौके की फोटोग्राफी की. शिकायत में बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद की जमीन को लेकर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन टीम ने गाटा संख्या 116 स्थित मस्जिद का निरीक्षण नहीं किया.

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सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मुसाफिरखाने का हुआ निरीक्षण. (Photo: Abhinav Mathur/ITG)
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच मुसाफिरखाने का हुआ निरीक्षण. (Photo: Abhinav Mathur/ITG)

उत्तर प्रदेश के संभल में ASI और प्रशासन की संयुक्त टीम ने मंगलवार को जामा मस्जिद से करीब 500 मीटर दूर स्थित मुसाफिरखाने का निरीक्षण किया. टीम के साथ राजस्व विभाग के लेखपाल और तहसीलदार समेत अधिकारी मौजूद रहे. मौके पर टीम ने मुसाफिरखाने के निर्माण और जमीन से जुड़ी जानकारी जुटाई और फोटोग्राफी भी की. हालांकि, शिकायत में जिस बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद को लेकर आरोप लगाए गए हैं, वहां टीम जांच के लिए नहीं पहुंची. दरअसल, श्री कल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक अधिवक्ता सुभाष त्यागी ने जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को शिकायत देकर इस मामले की जांच की मांग की थी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि गाटा संख्या 116 ASI संरक्षित जामा मस्जिद की संपत्ति है और वहां बिना अनुमति बाबा बहाउद्दीन मस्जिद का निर्माण किया गया है. शिकायत में मुसाफिरखाने के निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए गए थे.

शिकायत में गाटा नंबर 170, 171/1 और 171/2 की जमीन का जिक्र किया गया है. आरोप है कि इन जमीनों पर पुरातत्व विभाग की अनुमति के बिना मुसाफिरखाना बनाया गया. शिकायत के मुताबिक, गाटा संख्या 171 में 16 एयर जमीन ASI संरक्षित जामा मस्जिद की संपत्ति है और इसी जमीन पर मुसाफिरखाना बनाया गया है. वहीं, गाटा संख्या 171/2 में 454 जमीन होने का उल्लेख है. इसमें करीब डेढ़ बीघा जमीन मनोकामना तीर्थ के नाम दर्ज होने की बात शिकायत में कही गई है और आरोप लगाया गया है कि इसी जमीन पर भी मुसाफिरखाना बनाया गया. इस मामले को लेकर 31 अगस्त और 7 सितंबर को जिलाधिकारी को शिकायत दी गई थी. जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम संभल विकास चंद्र को मामले की जांच सौंपी गई. मामला ASI से जुड़ा होने के कारण पुरातत्व विभाग के अधिकारी को भी जांच में शामिल किया गया.

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DM के निर्देश पर शुरू हुई जांच

इसके बाद ASI अधिकारी और एसडीएम विकास चंद्र की टीम ने गाटा संख्या 170 और 171/1 के साथ मुसाफिरखाने का निरीक्षण किया. टीम ने मौके की स्थिति देखी और जरूरी जानकारी जुटाई. मौके की फोटोग्राफी भी की गई. अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इसी रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आएगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं. हालांकि, ASI की टीम ने अपनी जांच के निष्कर्ष या जांच के सभी बिंदुओं को लेकर फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है. इतना साफ है कि टीम ने मुसाफिरखाने की जमीन और निर्माण को लेकर मौके पर भौतिक निरीक्षण किया, लेकिन गाटा संख्या 116 स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद का निरीक्षण नहीं किया.

ASI और प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान संभल में सुरक्षा व्यवस्था भी काफी कड़ी रही. मुसाफिरखाने और आसपास के इलाके में चार थानों की पुलिस फोर्स, चार प्लाटून PAC और RRF को तैनात किया गया था. एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी, सीओ कुलदीप कुमार और एएसपी कुलदीप सिंह ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. पूरे इलाके में ड्रोन से निगरानी की गई. इसके अलावा जामा मस्जिद के सामने सत्यव्रत पुलिस चौकी स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से CCTV कैमरों के जरिए भी आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी गई. पुलिस और प्रशासन की कोशिश थी कि जांच के दौरान कोई असामाजिक तत्व माहौल खराब न कर सके.

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ADM सत्यप्रिया सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद प्रशासन और ASI की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया है. शिकायत में दिए गए बिंदुओं के आधार पर भौतिक निरीक्षण किया गया. अब निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार की जाएगी और उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन, पुलिस और ASI की टीम ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया. शिकायत में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया था, उनके आधार पर मौके की स्थिति देखी गई. सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स और PAC को तैनात किया गया था. अधिकारियों ने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान लोगों से संवाद बनाए रखा गया.

शिकायत में ASI संरक्षित जमीन पर निर्माण का आरोप

इस जांच को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम पहले से ही मजबूत रखे थे. मुसाफिरखाने के आसपास भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच ASI की टीम ने मौके का निरीक्षण किया. अब इस निरीक्षण के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी. रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. फिलहाल इस मामले में ASI की टीम ने मुसाफिरखाने से जुड़े जमीन और निर्माण के बिंदुओं की जांच की है. शिकायत में बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद की जमीन को लेकर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन उस हिस्से का निरीक्षण नहीं किया गया. प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मौके की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार होगी और उसी के आधार पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

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