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ग्राहम स्टेंस केस: दारा सिंह की रिहाई पर 17 सितंबर को निर्णायक सुनवाई

ऑस्ट्रेलियन मिशनरी ग्राहम स्टेंस की हत्या के दोषी दारा सिंह ने अदालत से मांग की है कि बढ़ती उम्र, गिरती सेहत और अच्छे व्यवहार को देखते हुए समय पूर्व उसकी रिहाई का आदेश दिया जाए.

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घटना के वक्त ग्राहम स्टेंस इसी वैगन में सो रहे थे. (File Photo: ITG)
घटना के वक्त ग्राहम स्टेंस इसी वैगन में सो रहे थे. (File Photo: ITG)

सुप्रीम कोर्ट दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई की याचिका पर 17 सितंबर को सुनवाई करेगा. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा सरकार को दारा सिंह की समय से पहले रिहाई पर फ़ैसला न लेने के लिए फटकार लगाई. दारा सिंह ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो नाबालिग बेटों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सज़ा काट रहा है.

जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने तब कड़ी नाराज़गी जताई जब ओडिशा सरकार ने अपने एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड (AoR) की बीमारी का हवाला देते हुए सुनवाई चार हफ़्ते के लिए टालने की मांग की. 

कोर्ट ने पूछा कि दारा सिंह की सजा कम करने के मामले में फ़ैसला लेने के लिए राज्य को पहले दिए गए निर्देश के बावजूद इसमें देरी क्यों हो रही है. 

सुनवाई के दौरान जस्टिस मिश्रा ने राज्य के वकील से कहा, "आप इस तरह देरी क्यों कर रहे हैं? फ़ैसला लें, मंज़ूर करें या नामंज़ूर करें."

कोर्ट ने ओडिशा सरकार के ढीले रवैए पर नाराजगी जताते हुए किसी तरह की रियायत और सुनवाई टालने से साफ इनकार कर दिया. जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने ओडिशा सरकार के वकील से कहा कि सरकार से निर्देश लेकर आइए. हम आपको अब सुनवाई टालने का कोई और मौका नहीं देंगे.  हम 17 सितंबर को इस पर निर्णायक सुनवाई करेंगे. 

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बता दें कि ओडिशा के आदिवासी बहुल इलाके क्योंझर में ईसाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो बच्चों को 1999 में जिंदा जला देने के अपराध में रबीन्द्र कुमार पाल उर्फ दारा सिंह सन 2000 से उम्रकैद की सजा काट रहा है. 

यूपी के औरैया जिले के निवासी दारा सिंह को जेल में रहते 25 साल से ज्यादा हो चुके हैं.उसने वर्षों पहले राज्य सरकार से गुहार लगाई कि उसकी बढ़ती उम्र, गिरती सेहत और अच्छे व्यवहार को देखते हुए समय पूर्व रिहाई का आदेश दिया जाए. सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर राज्य सरकार कई बार समय मांग चुकी है. लेकिन इस बार कोर्ट ने कड़ी चेतावनी दी है.

जब जला दिए गए थे ग्राहम स्टुअर्ट स्टेंस

ग्राहम स्टुअर्ट स्टेंस ऑस्ट्रेलियाई ईसाई मिशनरी थे. वे 1965 से ओडिशा में कुष्ठ रोगियों और आदिवासियों की सेवा कर रहे थे. 22-23 जनवरी 1999 की रात को केंदुझर जिले के मनोहरपुर गांव में वे अपने दो बेटों फिलिप (10) और टिमोथी (6) के साथ स्टेशन वैगन में सो रहे थे. बजरंग दल से जुड़े दारा सिंह के नेतृत्व में लगभग 50 लोगों की भीड़ ने गाड़ी को घेर लिया, उसमें आग लगा दी और तीनों को जिंदा जला दिया.

 इस में सीबीआई अदालत ने 2003 में दारा सिंह को मौत की सजा सुनाई, जिसे बाद में आजीवन कारावास में बदल दिया गया. स्टेंस की पत्नी ग्लैडिस ने सेवा कार्य जारी रखा और उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया. यह मामला धार्मिक हिंसा और धर्मांतरण के मुद्दे से जुड़ा रहा. 
 

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