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24 बीघा जमीन पर चला बुलडोजर... संभल में प्रशासन का बड़ा एक्शन, पक्के निर्माण हटाने को दिया अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश के संभल में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है. इसी के तहत प्रशासन ने 24 बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया. राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के नाम दर्ज इस जमीन पर खेती और अवैध निर्माण कर कब्जा किया गया था. प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अस्थायी अतिक्रमण हटाया, जबकि पक्के निर्माण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है.

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अधिकारियों ने गांव में अन्य मकानों की भी जांच की. (Photo: ITG)
अधिकारियों ने गांव में अन्य मकानों की भी जांच की. (Photo: ITG)

यूपी के संभल में सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है. यहां हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के मिठौली गांव में प्रशासन ने 24 बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया. इस दौरान बुलडोजर चलाकर अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया, जबकि स्थायी निर्माण हटाने के लिए कब्जाधारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है।

प्रशासन के मुताबिक, जिस जमीन पर कार्रवाई की गई, वह गाटा संख्या 359 में दर्ज है और राजस्व रिकॉर्ड में तालाब की भूमि के रूप में दर्ज है. आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने इस जमीन पर खेती शुरू कर दी थी. कुछ जगहों पर अवैध निर्माण भी कर लिए थे. लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर मामला जिलाधिकारी कोर्ट पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आदेश दिया गया.

जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के आदेश के बाद तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. प्रशासन ने पहले अस्थायी कब्जे हटवाने की कार्रवाई शुरू की. बुलडोजर की मदद से जमीन पर किया गया अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया और सरकारी भूमि को खाली कराया गया.

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हालांकि, जिन स्थानों पर स्थायी निर्माण पाए गए, उन्हें तत्काल नहीं तोड़ा गया. तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ऐसे निर्माण हटाने के लिए संबंधित लोगों को सात दिन का समय दिया गया है. अगर तय समय में निर्माण नहीं हटाए गए तो प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा.

इस दौरान प्रशासन ने गांव के तीन अन्य मकानों की भी जांच की. अधिकारियों के अनुसार, जांच के समय संबंधित मकान मालिक वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके. ऐसे मामलों की भी अलग से जांच की जा रही है और राजस्व अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गाटा संख्या 359 की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के नाम दर्ज है. इस पर ग्रामीणों ने कब्जा कर रखा था. मामला जिलाधिकारी न्यायालय में विचाराधीन था. न्यायालय के आदेश के बाद अस्थायी कब्जा हटाया जा रहा है, जबकि स्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है. संभल प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा. राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी.

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