उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर प्रशासन ने कमर कस ली है. कांवड़ मार्गों पर पड़ने वाले सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर स्वच्छता और शुद्धता के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों को सभी कांवड़ रूटों पर तैनात किया गया है जो खान-पान की दुकानों का नियमित निरीक्षण करेंगी.
खाद्य सुरक्षा सहायक आयुक्त डॉ. चमन पाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सहारनपुर जनपद के कांवड़ मार्गों पर स्थित करीब 150 ढाबों और रेस्टोरेंटों पर विभाग 'फूड सेफ्टी ऐप' की क्यूआर कोड स्लिप और निर्धारित रेट लिस्ट चस्पा कर दी गई है.
इस क्यूआर कोड को स्कैन करके कोई भी कांवड़ यात्री या श्रद्धालु ढाबा संचालक का पूरा नाम, लाइसेंस नंबर और अन्य जरूरी विवरण देख सकता है. अगर कोई संचालक निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलता है या खाद्य सामग्री की क्वालिटी में गड़बड़ी पाई जाती है, तो श्रद्धालु उसी बारकोड को स्कैन करके ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं.
अंडा, मांस, मछली की बिक्री पर रोक
डॉ. चमन पाल ने साफ किया कि कांवड़ यात्रा की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए पूरे रूट पर अंडा, मांस और मछली की बिक्री को पूरी तरह से बंद कराया जा रहा है.
इसके अलावा सभी ढाबा व होटल संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि भोजन की तैयारी में शुद्धता और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और किसी भी स्थिति में लहसुन और प्याज का उपयोग न किया जाए.
अगर कोई भी संचालक खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
'कांवड़ियों की सेवा करना हमारा सौभाग्य'
अंबाला रोड स्थित 'लक्ष्मी ढाबा' के संचालक धर्म सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से जारी रेट लिस्ट और नोटिफिकेशन स्लिप उनके ढाबे पर लगा दी गई है.
उन्होंने कहा, "लाखों की संख्या में शिवभक्त कांवड़िये हमारे मार्ग से गुजरते हैं. उनकी सेवा का अवसर मिलना हमारे लिए सौभाग्य की बात है. विभाग द्वारा तय रेट लिस्ट के हिसाब से ही सभी को सामान बेचा जाएगा ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो."