अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी की पूरे देश में चर्चा हो रही है. इस मामले में लगातार एक्शन भी हो रहा है. आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा नैतिक आधार पर इस्तीफा दे चुके हैं. इस बीच, राम मंदिर में स्थापित रामलला की प्रसिद्ध प्रतिमा के शिल्पकार अरुण योगीराज का भी बयान सामने आया है.
इस घटना से अरुण योगीराज बेहद आहत हैं. मैसूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन आरोपों की सच्चाई जल्द सामने आएगी. श्रद्धालुओं की आस्था की हर हाल में रक्षा की जानी चाहिए.
योगीराज ने कहा, 'यदि कोई गलती हुई है, तो यह तय किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. इस मामले के दोषियों को जरूर सजा मिलनी चाहिए.'
'आरोपियों को कड़ा दंड मिले'
वहीं, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य मेंबर विश्व प्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने कहा कि ऐसा गंभीर अपराध नहीं होना चाहिए था. यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों को कड़ा दंड मिलना चाहिए. इन आरोपों से जुड़े सभी तथ्य सामने आने चाहिए.
उन्होंने कहा, 'ट्रस्ट का सदस्य होने के नाते मैं दूसरों की बातों के आधार पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता. 11 जुलाई को ट्रस्ट की मीटिंग है. उस बैठक में मैं शिरकत करूंगा. मामले की पूरी जानकारी मिलने के बाद ही मैं इस पर अपनी बात रखूंगा.'
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत की ओर से लगाए गए इस आरोप पर कि ट्रस्ट को दिए गए दान की कोई रसीद उन्हें नहीं मिली, स्वामीजी ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है.जिन लोगों ने इतनी बड़ी राशि का दान दिया है, उन्हें रसीद जरूर लेनी चाहिए. यह जिम्मेदारी दान लेने वाले और दान देने वाले दोनों की होती है.
'सरकार पर पूरा भरोसा'
स्वामीजी ने कहा, 'अयोध्या का राम मंदिर पूरे देश और दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. ऐसा गंभीर अपराध नहीं होना चाहिए था. यदि हुआ है, तो दोषियों को उचित सजा मिलनी चाहिए. यह भी सामने आना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों और कैसे हुआ.'
उन्होंने कहा कि उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह निष्पक्ष और उचित जांच कराएगी. मुझे उम्मीद है कि ऐसा ही होगा.
(पीटीआई इनपुट्स के साथ)