समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलयाम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में किया जाएगा. इस बात की जानकारी उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया पर साझा की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि यह परिवार के लिए बेहद दुख की घड़ी है और अंतिम संस्कार में सभी की गरिमामयी उपस्थिति प्रार्थनीय है.
प्रतीक यादव के निधन की खबर बुधवार सुबह सामने आई थी. बताया गया कि अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस खबर के सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी से जुड़े नेताओं और समर्थकों में शोक की लहर है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव के मौत की वजह 'पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म' बताई गई है. आसान भाषा में कहें तो फेफड़ों की नस में खून का थक्का जम गया था, जिसकी वजह से दिल और फेफड़ों ने अचानक काम करना बंद कर दिया. हालांकि, डॉक्टरों ने जांच को पुख्ता करने के लिए विसरा (Viscera) और हार्ट के कुछ हिस्सों को केमिकल और हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए सुरक्षित रखा है. विसरा को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि किसी अन्य रसायन या जहर जैसी संभावना को भी स्पष्ट किया जा सके. अब विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की पूरी वजह साफ हो सकेगी.
डॉक्टरों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर कुछ पुराने चोट के निशान भी मिले हैं. वहीं शुरुआती जांच में हृदय गति रुकने की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बीमारी की वजह से बाएं पैर के अंगूठे का नाखून नीला पड़ा हुआ था.
बता दें कि प्रतीक समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे. वह साधना गुप्ता और मुलायम सिंह यादव के बेटे थे. उनकी शादी अपर्णा से हुई थी, जो वरिष्ठ पत्रकार अरविंद कुमार बिष्ट की बेटी हैं. हालांकि प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे, लेकिन यादव परिवार से जुड़े होने की वजह से उनका नाम अक्सर चर्चा में रहता था. उनके निधन के बाद कई राजनीतिक और सामाजिक लोगों ने शोक जताया.