मेरठ के चर्चित नीला ड्रम सौरभ हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद अब एक और सवाल परिवार के सामने है. मुस्कान की बेटी अपनी मां से मिलना चाहती है. वह स्कूल जाने लगी है, लेकिन मां के बारे में पूछे जाने पर खामोश हो जाती है. उसकी अपनी एक छोटी-सी दुनिया है, जिसमें नाना-नानी का प्यार है और बड़े होकर शिक्षक बनने का सपना भी. अब मुस्कान के मायके वाले जेल जाकर उससे मिलने और बेटी को भी मां से मिलाने की तैयारी कर रहे हैं. मुस्कान की मां कविता रस्तोगी ने घर पर हुई बातचीत में परिवार की स्थिति, बेटी की भावनाओं और आगे की योजना के बारे में जानकारी दी. बातचीत के दौरान मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी भी मौजूद थे.
बेटी ने मां से मिलने की इच्छा जताई
मुस्कान की बेटी अब स्कूल जाने लगी है. परिवार के मुताबिक, जब उससे उसकी मां के बारे में पूछा जाता है तो वह चुप हो जाती है. बच्ची ने अपनी मां से मिलने की इच्छा जताई है. उसने यह भी कहा कि वह बड़ी होकर शिक्षक बनना चाहती है. कविता रस्तोगी के मुताबिक, बच्ची अपने नाना-नानी के साथ रहती है और उन्हें बहुत प्यार करती है. जब उससे दादा-दादी के पास जाने के बारे में पूछा गया तो उसने वहां जाने से इनकार कर दिया. परिवार का कहना है कि शुरुआत में बच्ची अपनी मां को बहुत याद करती थी. परिवार अब उसे उसकी मां से मिलाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, मुलाकात कब होगी, इस बारे में अभी कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है.
बेटी के जन्मदिन पर छत पर रखा था केक
कविता रस्तोगी ने बातचीत में एक भावुक प्रसंग भी बताया. उनके मुताबिक, सौरभ की मौत के बाद बच्ची के जन्मदिन पर छत पर केक रखा गया था. उस दौरान बच्ची ने आसमान की ओर देखकर हाथ हिलाया. यह प्रसंग परिवार के लिए उस मुश्किल दौर की यादों से जुड़ा है, जब सौरभ की मौत के बाद बच्ची की परवरिश और उसके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हुए. हालांकि, बच्ची ने उस समय ऐसा क्यों किया, इसकी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. अब परिवार की कोशिश है कि बच्ची की परवरिश सामान्य तरीके से हो और उसे परिवार का स्नेह मिलता रहे. मां से मुलाकात की उसकी इच्छा को भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है.
मां कविता ने साहिल पर लगाए आरोप
मुस्कान को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद उसके मायके में भी इस मामले को लेकर तनाव है. कविता रस्तोगी ने आरोप लगाया कि साहिल शुक्ला ने मुस्कान का इस्तेमाल किया और उसे नशे का आदी बनाया. उन्होंने कहा कि उनके अनुसार, इस मामले में मुस्कान की भूमिका पर अधिक चर्चा हो रही है, जबकि साहिल की भूमिका पर उतनी बात नहीं होती. हालांकि, कविता ने मुस्कान को निर्दोष नहीं बताया. उन्होंने साहिल से दोस्ती को मुस्कान का गलत फैसला माना. कविता ने मुस्कान की सास के व्यवहार को लेकर भी आरोप लगाए. उनका कहना था कि उस व्यवहार से मुस्कान में गुस्सा बढ़ा. सौरभ के परिवार के साथ संबंधों को लेकर उन्होंने दावा किया कि परिवार ने सौरभ को दो गद्दे देकर अलग कर दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राय में सौरभ को अपनी पत्नी के प्रति अधिक सख्ती बरतनी चाहिए थी और उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहिए था.
मृत्युदंड के खिलाफ अपील पर क्या बोलीं कविता?
मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के बारे में पूछे जाने पर कविता ने इनकार किया. उन्होंने बताया कि पहले उनके बेटे ने उन्हें जेल जाकर मुस्कान से मिलने से मना किया था. इसी वजह से वे अब तक मुस्कान से मिलने नहीं गई थीं. अब परिवार जेल जाकर मुस्कान से मिलने और उसकी बेटी को भी उससे मिलाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि, मुलाकात की अनुमति, तारीख और आगे की कानूनी रणनीति को लेकर कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है. मृत्युदंड के मामलों में अपील और उच्च न्यायालय की पुष्टि से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है.
पिता की मानसिक स्थिति पर भी पड़ा असर
कविता रस्तोगी ने बताया कि हत्याकांड के बाद उनके पति प्रमोद रस्तोगी की मानसिक स्थिति प्रभावित हुई. परिवार के लिए यह दौर आसान नहीं रहा है. एक ओर बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी है, दूसरी ओर मुस्कान से जुड़ा गंभीर आपराधिक मामला और अदालत का फैसला है. कविता ने यह भी बताया कि मुस्कान पहले पूजा-पाठ करती थी और केदारनाथ जा चुकी है. परिवार की बातचीत से यह भी सामने आया कि अब वे उससे मिलने की तैयारी कर रहे हैं. फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि मां से मिलने की इच्छा रखने वाली बच्ची की मुलाकात कब हो पाएगी. परिवार की तैयारी के बीच यह देखना बाकी है कि जेल की निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुलाकात की अनुमति कब मिलती है. सौरभ हत्याकांड ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी है, लेकिन इस मामले में एक बच्ची का भविष्य और उसकी भावनाएं भी संवेदनशीलता से देखे जाने की जरूरत है.