बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने पार्टी संगठन में सख्त कार्रवाई करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता डॉ. अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी विरोधी गतिविधियों और गुटबाजी में शामिल होने के कारण यह कड़ा कदम उठाया गया है.
रिश्ते की बात करें तो अशोक सिद्धार्थ बसपा के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं. अशोक सिद्धार्थ की डॉक्टर बेटी प्रज्ञा का विवाह आकाश आनंद के साथ हुआ है.
मायावती ने इसके साथ-साथ संगठन के अन्य प्रमुख नेताओं के कामकाज और प्रभार में भी बड़े फेरबदल किए हैं. पार्टी के मोर्चे को मजबूत करने और आगामी रणनीतियों के तहत जिन अन्य नेताओं की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है, उनका विवरण इस प्रकार है:
राजाराम: नेशनल कोऑर्डिनेटर और मध्य प्रदेश प्रभारी राजाराम को अब केरल, गुजरात और कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.
रामजी गौतम: मायावती ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर किए गए फेरबदल के तहत वरिष्ठ नेता रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पंजाब स्टेट का पुनः प्रभारी बनाया गया है. वह आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक पंजाब में जिम्मेदारी निभाएंगे.
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नितिन सिंह: अशोक सिद्धार्थ के करीबी माने जाने वाले नितिन सिंह को भी उनके पहले के संगठनात्मक पदों और जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है.
मायावती ने एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक नीति का भी ऐलान किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निवासी जो भी वरिष्ठ पदाधिकारी या कोऑर्डिनेटर यूपी से बाहर के राज्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उनमें से किसी को भी उत्तर प्रदेश में पार्टी की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. मायावती ने BSP कार्यकर्ताओं से ऐसे तत्वों से सावधान रहने की अपील की, जो उनके मुताबिक उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की BSP सरकार बनाने के अभियान को कमजोर करने या उसका ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं.