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पंखा लगा कर सुखाया जा रहा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे, अखिलेश यादव ने शेयर किया Video

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क मरम्मत के दौरान बड़े-बड़े पंखों से सतह सुखाने का वीडियो वायरल है. वीडियो शेयर कर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है. वहीं NHAI ने निर्माण कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते हुए अधिकारियों को हटा दिया है जबकि IIT खड़गपुर से जांच कराने का फैसला होने के साथ ही मरम्मत तक टोल वसूली रोक दी गई है.

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पंखा लगाकर लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे को सुखाया जा रहा है (Photo ITG)
पंखा लगाकर लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे को सुखाया जा रहा है (Photo ITG)

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे इन दिनों चर्चा में है. उद्घाटन के केवल 20 दिन में पांच बार सड़क के धंसने और मरम्मत की तस्वीरें सामने आने के बाद अब पंखों से सड़क सुखाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसी वीडियो को शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधा है.

अखिलेश यादव ने X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि यह भाजपाई तरक्की की नई हवा है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस सड़क का कुछ दिन पहले ही उद्घाटन हुआ हो, उसे इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत पड़ना गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने यह भी लिखा कि मरम्मत वाले हिस्से को जल्दी सुखाने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अपने आप में हास्यास्पद स्थिति है. उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक्सप्रेसवे उद्घाटन के दो-तीन सप्ताह के भीतर ही बार-बार मरम्मत मांग रहा है, तो उस पर तेज रफ्तार से सफर करने का जोखिम कौन उठाएगा. सपा प्रमुख ने 'अटल प्रोग्रेस-वे' योजना पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता लगातार सवालों के घेरे में है.

13 जुलाई को हुआ था उद्घाटन

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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था. करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 4,200 करोड़ रुपये खर्च हुए. उद्घाटन के बाद एक तरफ के सफर के लिए 275 रुपये टोल निर्धारित किया गया था. हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने और सतह खिसकने की शिकायतें सामने आने लगीं. अधिकारियों के अनुसार, करीब 20 दिनों के भीतर पांच बार सड़क कई जगह धंस गई. 

ग्राउंड पर क्या हैं हालात

आजतक की टीम बुधवार शाम मौके पर पहुंची. जहां मरम्मत का काम लगातार जारी था. प्रभावित हिस्से में एक तरफ की लेन बंद कर दी गई है. ऐसे में दोनों दिशाओं का ट्रैफिक एक ही कैरिजवे से निकाला जा रहा था. इस व्यवस्था के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से सफर करना पड़ रहा था. कई जगह बैरिकेडिंग की गई और भारी मशीनों की मदद से सड़क की मरम्मत की जा रही थी. 

टोल प्लाजा से आगे बदल रहा रास्ता

यात्रियों का कहना है कि टोल प्लाजा से प्रवेश के बाद उन्हें आगे जाकर यू-टर्न लेना पड़ रहा है. कई किलोमीटर तक वाहनों को विपरीत दिशा वाली लेन से निकाला जा रहा है. कुछ यात्रियों ने शिकायत की कि टोल प्लाजा पर उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं दी गई कि आगे सड़क प्रभावित है और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है. हालांकि, अब NHAI ने मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली भी रोकने का फैसला लिया है.

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NHAI का बड़ा एक्शन

लगातार शिकायतों के बाद NHAI ने निर्माण एजेंसी PNC इंफोटेक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. प्राधिकरण ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की संस्तुति भेजी है. इसके अलावा परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को हटा दिया गया. पूर्व परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया को चार्जशीट जारी की गई.  प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और स्वतंत्र अभियंता टीम के प्रमुख सुरेंद्र कुमार को दो वर्ष तक NHAI और मंत्रालय की परियोजनाओं में काम करने से प्रतिबंधित कर दिया गया.

आखिर बार-बार सड़क क्यों धंसी 

NHAI अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के नीचे की मिट्टी की परतों तक पानी पहुंच गया. इससे मिट्टी की मजबूती प्रभावित हुई और किलोमीटर-64 के आसपास सड़क के एक हिस्से में स्लिपेज (धंसाव) की स्थिति बनी. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक तकनीकी कारणों की विस्तृत जांच अभी जारी है. इसी उद्देश्य से IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही पूरे एक्सप्रेसवे की पेवमेंट स्थिति का लेजर प्रोफिलोमीटर तकनीक से परीक्षण कराया जा रहा है.

मरम्मत का खर्च कंपनी उठाएगी

NHAI ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित हिस्से की मरम्मत पर आने वाला लगभग 3 करोड़ रुपये का खर्च निर्माण कंपनी को ही वहन करना होगा. इसके साथ ही निर्माण और निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही की जवाबदेही तय की जाएगी. यात्रियों को राहत देते हुए NHAI ने मरम्मत पूरी होने तक टोल वसूली रोकने का फैसला लिया है. इस अवधि में एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों से कोई टोल नहीं लिया जाएगा. टोल राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई निर्माण कंपनी से की जाएगी.

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