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मां ने डेढ़ महीने के बेटे को 1.30 लाख में बेचा... अपहरण की झूठी कहानी बनाई, डॉक्टर समेत 5 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के कासगंज में डेढ़ महीने के बच्चे को कथित तौर पर बेचने और उसके अपहरण की झूठी कहानी बनाने का मामला सामने आया है. पुलिस ने बच्चे की मां, डॉक्टर और उसकी पत्नी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, मां को 1.30 लाख रुपये मिले, जबकि हाथरस के दंपति ने बच्चे को दो लाख रुपये में खरीदने की बात कही है.

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खरीदने वाले दंपति ने दिए थे 2 लाख.(Photo: AI-generated)
खरीदने वाले दंपति ने दिए थे 2 लाख.(Photo: AI-generated)

उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक मां पर अपने डेढ़ महीने के मासूम बेटे को बेचने और फिर उसके अपहरण की झूठी कहानी गढ़ने का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक, महिला ने परिवार को बताया था कि दवा लेने के लिए बाहर जाने के दौरान उसका बच्चा चोरी हो गया. जांच में बच्चे को बेचने की बात सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने मां, एक डॉक्टर, उसकी पत्नी और एक अन्य दंपति समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. 

वहीं, पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया है. पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने बताया कि मामले का खुलासा बच्चे के पिता अरविंद की शिकायत के बाद हुआ. अरविंद कासगंज के बानूपुर पुख्ता गांव का निवासी है और फरीदाबाद की एक सोनपापड़ी बनाने वाली कंपनी में काम करता है. उसने शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.

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शिकायत के मुताबिक, अरविंद की पत्नी 16 अक्टूबर को अपने डेढ़ महीने के बेटे के लिए दवा लेने कासगंज गई थी. महिला ने कथित तौर पर बच्चे को कासगंज बस स्टैंड पर एक अज्ञात महिला के पास छोड़ दिया और खुद कुछ देर के लिए वहां से चली गई. वापस लौटने पर न तो वह महिला मिली और न ही बच्चा. इसके बाद परिवार को 
बच्चे के गायब होने की जानकारी दी गई.

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डॉक्टर और उसकी पत्नी की भूमिका आई सामने

पुलिस के मुताबिक, बाद में अरविंद को पता चला कि उसकी पत्नी ने कथित तौर पर डॉक्टर अरुण कुमार और उनकी पत्नी के साथ मिलकर बच्चे को बेच दिया था. शिकायत के आधार पर सोरों थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के तहत मामला दर्ज किया गया.

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोरों थाना पुलिस और जिला स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की संयुक्त टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की. शनिवार को पुलिस ने चंदपुरा-गौपुरा कट के पास बने एक यात्री आश्रय स्थल से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इनमें बच्चे की मां, डॉक्टर अरुण कुमार, उनकी पत्नी और हाथरस जिले के निवासी दंपति महिपाल और उनकी पत्नी शामिल हैं.

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने डेढ़ महीने के बच्चे को भी सुरक्षित बरामद कर लिया. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बच्चे को बेचने की योजना कैसे बनाई गई और इसमें शामिल लोगों की क्या भूमिका थी.

मां को मिले 1.30 लाख रुपये, दंपति ने 2 लाख में खरीदने का दावा किया

पुलिस की पूछताछ में बच्चे की मां ने कथित तौर पर बताया कि उसे बेटे को बेचने के बदले 1.30 लाख रुपये मिले थे. इसमें से 1.20 लाख रुपये उसके बैंक खाते में जमा कराए गए, जबकि 10 हजार रुपये नकद दिए गए थे.

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वहीं, हाथरस के दंपति ने पुलिस को बताया कि उन्होंने डॉक्टर और उनकी पत्नी के माध्यम से बच्चे को दो लाख रुपये में खरीदा था. पुलिस के अनुसार, इस सौदे में बच्चे की मां की सहमति भी शामिल थी. हालांकि, मामले में सभी आरोपों की जांच की जा रही है. फिलहाल, पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया है. पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.

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