
यूपी के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अवैध घोषित मस्जिद को आज तड़के बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. अब इसको लेकर सियासी बवाल मच गया है. समाजवादी पार्टी ने इस प्रशासनिक एक्शन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. वहीं, कैराना से पार्टी की सांसद इकरा हसन समेत कई नेताओं को पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर दिया. जिसके बाद इकरा और पुलिस अधिकारी के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. आइये जानते हैं पूरी कहानी...
इकरा हसन Vs यूपी पुलिस
दरअसल, सहारनपुर की मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन की सूचना मिलने पर इकरा हसन अपने कैराना स्थित आवास से निकल रही थीं, तभी रात में भारी संख्या में पुलिस बल उनके घर पहुंच गया. पुलिसकर्मियों ने उन्हें बाहर जाने से रोक दिया. इसके बाद सांसद को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया गया. इकरा हसन का कहना है कि वह सहारनपुर जाकर अधिकारियों से मिलना और क्षेत्र की जनता की आवाज उनके सामने रखना चाहती थीं.
पुलिस अधिकारी: मैडम, रुक जाइये, आप बाहर नहीं जा सकती हैं, रिक्वेस्ट है आपसे.
इकरा हसन: आदेश इसमें कभी नहीं होता, हर बार यही बात... बात क्या है? बात बताएं.
पुलिस: थोड़ा सा वो है (कानून व्यवस्था/सुरक्षा का मुद्दा), उसके लिए आप रुक जाइए.
इकरा हसन: किसके लिए? बताइए... स्पष्ट बताइए.
पुलिस: अरे, आप रुक जाइए न.
इकरा हसन: मैं तो किसी भी समय कहीं भी जा सकती हूं, यह मेरी इच्छा पर निर्भर है. आप बताइए, आप किस लिए रोक रहे हैं? क्या मैंने कोई अपराध किया है? कोई बात है? वह बात बताओ.
पुलिस अधिकारी: नहीं, अपराध कोई नहीं है. लेकिन इस समय जाना ठीक नहीं है, ज्यादा समय (रात) हो गया है. अब आप मत जाइए.
इकरा हसन: रोज़ तो आते नहीं आप मेरी ख़ैर-ख़बर लेने.
पुलिस अधिकारी: नहीं, जब भी आप बुलाएंगी, हम आएंगे.
इकरा हसन: मैं तो रोज़ 2 बजे आती हूं. आप लोग आया करें फिर. अब बताओ आप, क्या बात है?
महिला पुलिस अधिकारी: हम चाहते हैं कि आपकी सुरक्षा के लिए... ऐसा नहीं है कि हम आपको विघ्न डाल रहे हैं.
इकरा हसन: मैं आपसे समझना चाहती हूं, किस वजह से रोका जा रहा है? क्या खतरा है?
पुलिस अधिकारी: नहीं, खतरा कुछ नहीं है. जन्माष्टमी का त्यौहार है, इसलिए रोक रहे हैं मैम को.
इकरा हसन: तो हम क्या कहीं उपद्रव फैला रहे हैं? क्या पता हम किसी त्यौहार में ही शरीक होने जा रहे हों?
पुलिस अधिकारी: नहीं, आप बिल्कुल भी नहीं फैलाएंगे. लेकिन हमारा आपसे निवेदन है, अब आप मत जाइए.
इकरा हसन: निवेदन आप करिए, यह मत कहिए कि 'अब नहीं जाएंगी आप'. रोक कर दिखा दो आप... रोकने का यही तरीका होता है न आपका?
पुलिस अधिकारी: नहीं-नहीं, आपसे निवेदन है. रिक्वेस्ट तो बिल्कुल है, हम तो कह रहे हैं निवेदन है आपसे.
इकरा हसन: आपने रिक्वेस्ट करी, मैंने रिजेक्ट कर दी.
पुलिस अधिकारी: नहीं, आप रिजेक्ट मत करिए.
इस बीच सांसद इकरा हसन की मां ने कहा- यह परिवार बिल्कुल नहीं डरता- न किसी चीज़ से, न मरने से, न किसी और चीज़ से. हम तो लोगों की सेवा के लिए हैं.
पुलिस अधिकारी: नहीं, उसके लिए तो हम आए नहीं हैं. हम तो बस जन्माष्टमी के अवसर पर निवेदन करने और रोकने आए हैं.
कैराना आवास पर हाउस अरेस्ट का आरोप
कैराना में देर रात सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से पुलिस द्वारा रोक दिया गया. भारी पुलिस बल ने उनके कैराना स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें बाहर निकलने से मना किया. इकरा हसन सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण में अधिकारियों से मिलकर जनता की आवाज़ रखने जा रही थीं. पुलिस अधिकारियों ने जन्माष्टमी त्योहार और देर रात का हवाला देकर उनसे न जाने का निवेदन किया. बिना किसी ठोस कारण के रोके जाने पर सांसद ने इसे जनप्रतिनिधि के अधिकारों का हनन बताया.
सहारनपुर जाने से रोके जाने पर हंगामा
कैराना सांसद इकरा हसन सहारनपुर कलेक्ट्रेट मस्जिद प्रकरण के सिलसिले में अधिकारियों से मिलने जा रही थीं. जैसे ही वह अपनी गाड़ी से निकलने लगीं, यूपी पुलिस की भारी टीम ने उन्हें घेर लिया और आगे बढ़ने से मना कर दिया.

पुलिस और सांसद के बीच बहस
गाड़ी में बैठी इकरा हसन ने पुलिस अधिकारियों से रोके जाने की वजह पूछी. पुलिस ने जन्माष्टमी और देर रात का समय होने की बात कही, जबकि इकरा हसन का कहना था कि उन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और वे अपनी इच्छा से कहीं भी जा सकती हैं.
जनप्रतिनिधि के अधिकारों पर सवाल
इकरा हसन ने प्रशासन से सवाल किया कि क्या निर्वाचित सांसद का जनता के मुद्दों पर अधिकारियों से मिलना अपराध है. उन्होंने कहा कि पुलिस के इस रवैये से जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता.