इकरा हसन (Iqra Hasan) एक राजनीतिज्ञ हैं. वह उत्तर प्रदेश के कैराना से समाजवादी पार्टी की विधायक हैं. इकरा हसन पूर्व सांसद मुनव्वर हसन और तबस्सुम की बेटी हैं. विधायक नाहिद हसन इकरा के भाई हैं. उन्हें लगातार तीसरी बार सपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है.
इकरा हसन एक राजनीतिक परिवार से आती हैं. इकरा 2016 में जिला पंचायत सदस्य का चुनाव हार गई थी. इस बार उनका सामना बीजेपी के प्रदीप चौधरी से है. प्रदीप चौधरी गुर्जर समुदाय आते हैं.
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर हमला बोला है. उन्होंने इस गठबंधन को 'ठगबंधन' कहा और अंदरूनी लड़ाई और विवादों का जिक्र किया. राजभर ने दावा किया कि सपा नेता 'आत्मनिर्भर' होकर काम कर रहे हैं.
पश्चिमी यूपी में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और दिग्गज नेता अमीर आलम की नई जुगलबंदी ने 2027 से पहले सियासी पारा चढ़ा दिया है. इसे सपा पर सीटों का दबाव बनाने और कैराना सांसद इकरा हसन के बढ़ते कद को घेरकर सियासी हिसाब बराबर करने के मास्टर प्लान के तौर पर देखा जा रहा है.
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान के बीच नेताओं की बयानबाजी भी तेज है. इकरा हसन के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने पलटवार किया और कहा कि 2024 का चुनाव दोनों दलों ने साथ मिलकर लड़ा था. वहीं उन्होंने अखिलेश यादव की PDA रथ यात्रा को लेकर भी कहा कि आखिरकार 2024 वाले समीकरण पर ही चुनाव लड़ा जाएगा.
यूपी में 2027 के चुनावों से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन की रस्साकशी अब इमरान मसूद और इकरा हसन की जुबानी जंग में बदल गई है. मसूद जहां सीटों के जल्द बंटवारे के लिए दबाव बना रहे हैं, वहीं इकरा हसन ने पलटवार कर साफ किया है कि प्रदेश में भाजपा को हराने में केवल अखिलेश यादव ही सक्षम हैं.
यूपी चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस में जुबानी जंग तेज हो गई है. इमरान मसूद ने कांग्रेस के बिना भाजपा को हराना असंभव बताते हुए सीटों पर जल्द फैसले की मांग की. इकरा हसन ने पलटवार कर अखिलेश यादव को ही भाजपा का एकमात्र विकल्प बताया, जिसके बाद कांग्रेस नेता असीम वकार ने इकरा को राजनीति में नया बता दिया.
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन और सीट बंटवारे को लेकर खींचतान के बीच सहारनपुर सांसद इमरान मसूद और कैराना सांसद इकरा हसन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
उत्तर प्रदेश में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर अब संशय गहराने लगा है. हालांकि दोनों पार्टियों ने पहले गठबंधन में चुनाव लड़ने की बात कही थी, लेकिन सीट शेयरिंग को लेकर तनातनी शुरू हो गई है. कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का कहना है कि अखिलेश यादव की सक्रियता से कोई फर्क नहीं पड़ता, अगर गठबंधन करना है तो सीट शेयरिंग को तुरंत अंतिम रूप दिया जाना चाहिए. इस पर पलटवार करते हुए सपा सांसद इकरा हसन ने मसूद के बयान को बेवकूफी भरा बताया और कहा कि यूपी में भाजपा को सिर्फ अखिलेश यादव ही हरा सकते हैं.
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की रस्साकशी अब इमरान मसूद और इकरा हसन की तीखी जुबानी जंग में बदल गई है. मसूद के अल्टीमेटम के जवाब में सपा ने अपनी युवा सांसद इकरा हसन को फ्रंटफुट पर उतारकर कांग्रेस को साफ संदेश दे दिया है.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से बड़ी खबर आ रही है. यहाँ कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर बनी एक अवैध मस्जिद पर प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद सुबह-सुबह भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. इस मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अवैध घोषित किया था, जिसके बाद मुस्लिम पक्ष की अपील भी खारिज हो गई थी.
सहारनपुर कलेक्ट्रेट में सुबह 4 बजे बुलडोजर पहुंचा और 6 बजे वहां बनी मस्जिद पर एक्शन शुरू हो गया. यह मामला उस जमीन का है, जिसे प्रशासन सरकारी बताता है, जबकि मस्जिद कमेटी इसे वक्फ की जमीन कहती है. कोर्ट ने मस्जिद को अवैध मानते हुए 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति भी तय की थी. इसके बाद इकरा हसन, ओवैसी और इमरान मसूद ने कार्रवाई पर सवाल उठाए. आखिर पूरा विवाद क्या है?
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अवैध घोषित मस्जिद को प्रशासन द्वारा बुलडोजर से ध्वस्त करने के बाद राज्य में बड़ा सियासी घमासान छिड़ गया है. सपा सांसद इकरा हसन, विधायक आशु मलिक और इमरान मसूद समेत कई नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए कोर्ट जाने का ऐलान किया है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक तीखी बहस देखने को मिल रही है. इस वीडियो में बातचीत के दौरान एक व्यक्ति दूसरे से थोड़ा रुकने और कुछ प्रेजेंट करने के लिए कह रहा है. हालांकि, दूसरी तरफ से तुरंत जवाब आता है कि आदेश इसमें कभी नहीं होता और हर बार यही बात सामने आती है. इस नोकझोंक में बात क्या है, इस पर स्पष्टता मांगी जा रही है.
समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. सहारनपुर जाने की कोशिश में थीं इकरा हसन. कलेक्टरेट परिसर में मस्जिद तोड़े जाने के को लेकर सहारनपुर जा रहीं थी इकरा हसन. यूपी कैराना से समाजवादी पा्टी सांसद हैं इकरा हसन सांसद है.
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 5 सितंबर की सुबह डीएम परिसर में बनी मस्जिद को प्रशासन ने अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त कर दिया। प्रशासन के अनुसार, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने इसे सरकारी जमीन पर बना पाया था और मस्जिद कमेटी की पहली अपील भी खारिज हो चुकी थी।
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध घोषित मस्जिद को शनिवार तड़के प्रशासन ने चार बुलडोजर लगाकर ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई के बाद सपा सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट किया गया और असदुद्दीन ओवैसी समेत कई राजनीतिक नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है.
कैराना सांसद इकरा हसन को देर रात सहारनपुर जाने से रोककर उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया. कलेक्ट्रेट मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले में अधिकारियों से मिलने जा रही इकरा ने रोके जाने पर आपत्ति जताई. पुलिस ने देर रात और जन्माष्टमी का हवाला दिया, जिस पर सांसद ने इसे जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन बताया.
समाजवादी पार्टी सांसद इकरा हसन को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. सहारनपुर जाने की कोशिश में थीं इकरा हसन. कलेक्टरेट परिसर में मस्जिद तोड़े जाने के को लेकर सहारनपुर जा रहीं थी इकरा हसन. यूपी कैराना से समाजवादी पा्टी सांसद हैं इकरा हसन सांसद है.
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर आज सुबह प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया. सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत के आदेश और पहली अपील खारिज होने के बाद मस्जिद को अवैध निर्माण बताते हुए ये एक्शन लिया गया. इस दौरान भारी पुलिस फोर्स की तैनाती रही. वहीं, सहारनपुर जाने की कोशिश कर रहीं कैराना सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया गया.
सहारनपुर में दिशा की बैठक के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा विधायक आशु मलिक के बीच तीखी बहस हो गई. जनता के सवाल पूछने और बोलने की बारी को लेकर दोनों नेता आमने-सामने आ गए. अधिकारियों के सामने हुई इस नोकझोंक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
उत्तर प्रदेश के शामली में एक युवक के कथित धर्मांतरण का मामला गरमा गया है. युवक के पिता ने करोड़ों की संपत्ति हड़पने और बेटे की हत्या की धमकी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है, जिसके बाद पुलिस ने पत्नी और उसके पिता सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
सहारनपुर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने पर सपा सांसद इकरा हसन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वे मुकदमों से डरने वाली नहीं हैं और गरीबों व मजलूमों के इंसाफ की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेंगी. इकरा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां सिर्फ अमीरों की सुनवाई होती है.