उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में पुलिस और एक परिवार के बीच कथित धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. 31 सेकंड के इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी एक घर के भीतर महिला और पुरुषों के साथ धक्का-मुक्की करते दिखाई दे रहे हैं. परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने से रोक दिया.
मामला जहानगंज थाना क्षेत्र के कोरीखेड़ा गांव का बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी चंद्रप्रकाश गुप्ता का परिवार मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचकर अपने 10 वर्षीय बेटे की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लगाने की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान स्थानीय पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें गांव से बाहर जाने से रोक दिया.
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परिजनों का आरोप है कि मुख्यमंत्री से मिलकर हत्याकांड के खुलासे की मांग करने की बात कहने पर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और धक्का-मुक्की की. परिवार का दावा है कि उन्हें करीब छह घंटे तक घर के भीतर ही रोके रखा गया. इस दौरान महिला थानाध्यक्ष पूनम अवस्थी पर भी परिजनों के साथ मारपीट करने और उनके मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेने का आरोप लगाया गया है.
छत से रिकॉर्ड हुआ वीडियो, सोशल मीडिया पर वायरल
घर के भीतर हुई कथित धक्का-मुक्की का वीडियो परिवार के किसी सदस्य ने छत से रिकॉर्ड कर लिया. यही फुटेज अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिसकर्मियों और परिवार के सदस्यों के बीच तनातनी दिखाई दे रही है. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी.
देखें वीडियो...
बताया जा रहा है कि चंद्रप्रकाश गुप्ता के 10 वर्षीय बेटे का 10 दिसंबर 2025 को अपहरण हुआ था. चार दिन बाद 14 दिसंबर को उसका शव गांव के बाहर एक आलू के खेत में मिला था. इसके बाद परिजनों ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था.
परिवार का आरोप है कि पुलिस की जांच में नामजद आरोपियों को क्लीन चिट दे दी गई, जबकि अब तक बच्चे की हत्या का खुलासा नहीं हो सका है. इसी को लेकर परिजन नाराज थे और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मामले में न्याय और हत्याकांड का खुलासा कराने की मांग करना चाहते थे.
बेटे की हत्या का खुलासा नहीं होने से नाराज परिवार
परिजनों का कहना है कि बेटे की मौत के बाद से वे लगातार न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं. उनका आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद मामले की जांच उस मुकाम तक नहीं पहुंची, जहां से हत्यारे का पता चल सके. इसी वजह से परिवार मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाना चाहता था.
वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल है. मामले को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित फुटेज में पुलिस और कुछ लोगों के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है. पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है.
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल वीडियो और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच के नतीजे से यह साफ होगा कि वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम किन परिस्थितियों में हुआ और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाया जाता है.