उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम मंदिर इन दिनों सुर्खियों में है. सुर्खियां वो भी चंदे चोरी को लेकर. राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर अयोध्या के संतों ने साफ इनकार कर दिया है.
शनिवार को अयोध्या संत मंडल की एक बैठक हुई जिसके बाद संतों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सभी संतों ने एक सुर में कहा कि चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. संतों का कहना है कि उन पर लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और उन्हें हटाने के पीछे एक बड़ी साजिश चल रही है.
साकेत भवन के संत सीताराम दास ने कहा कि आज अयोध्या संत मंडल की बैठक हुई और प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को चंपत राय जी का इस्तीफा स्वीकार नहीं करना चाहिए.
उनके मुताबिक चंपत राय ने जो काम, त्याग, तपस्या और समर्पण दिखाया है, वह अपने आप में गर्व की बात है और पूरी दुनिया इसे जानती है. उन्होंने कहा कि इसे भुलाया नहीं जा सकता और उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद और बेमतलब हैं.
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वैदेही भवन के महंत वैदेही वल्लभ शरण ने कहा कि संघ का हर प्रचारक ईमानदार है. उन्होंने कहा कि संघ के प्रचारक समर्पित और अडिग होते हैं. उनके अनुसार यह सिर्फ कुछ बादल हैं जो जल्द ही छंट जाएंगे.
संत रघवेश दास वेदांती ने कहा कि अयोध्या के संत ट्रस्ट से मांग कर रहे हैं कि चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार न किया जाए. उन्होंने बताया कि जिन आरोपियों को एसआईटी ने पकड़ा है, उन्हें रिमांड पर लिया गया है और कुछ दिनों बाद रिपोर्ट आने पर पूरा मामला साफ हो जाएगा.
राम कचहरी मंदिर के महंत शशिकांत दास ने कहा कि आज हुई बैठक में चंपत जी को दोषी ठहराया जा रहा है, जो पूरी तरह बेबुनियाद है. उन्होंने कहा कि चंपत की इसमें कोई गलती नहीं है और उन्हें हटाने के लिए एक बड़ी साजिश रची जा रही है.
इनपुट: IANS