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Bad Luck का ऐसा डर... फड़कती आंख पर शख्स ने मारा थप्पड़, रोशनी ही चली गई

बदकिस्मती या अपशगुन के डर से एक चीनी शख्स ने अपनी फड़कती दाहिनी आंख पर बार-बार थप्पड़ मारे, जिससे उसकी एक आंख की से देखने की क्षमता खत्म हो गई.

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फड़कती को आंख को अपशगुन मान एक शख्स ने ऐसा काम किया कि उसकी देखने की क्षमता खत्म हो गई (Photo - Pexels)
फड़कती को आंख को अपशगुन मान एक शख्स ने ऐसा काम किया कि उसकी देखने की क्षमता खत्म हो गई (Photo - Pexels)

मध्य चीन में एक अंधविश्वासी व्यक्ति को अपनी फड़कती दाहिनी पलक पर बार-बार थप्पड़ मारना महंगा पड़ा. क्योंकि, ऐसा करने के बाद उसकी रेटिना अलग हो गई. आंख फड़कने से उसे डर था कि  यह उसके लिए दुर्भाग्य का अपशगुन लेकर न आए, इसे बंद करने के लिए उसने जोर- जोर से अपनी आंख पर थप्पड़ मारे और ऐसा हुआ कि उसकी आंख की रोशनी ही चली गई. 

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, दाहिने आंख फड़कने पर इसे अपशगुन समझना एक लोकप्रिय चीनी कहावत से उपजी है. यहां कहा जाता है कि  'बाईं आंख का फड़कना धन लाता है, जबकि दाईं आंख का फड़कना विपत्ति लाता है'.

ले नाम का यह व्यक्ति हुबेई प्रांत के वुहान शहर में रहता है. पिछले कई दिनों से उनकी दाहिनी पलक फड़क रही थी. आंखों को आराम देने और गर्म सिकाई करने से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली. उसे लगा कि पलकों का फड़कना एक अपशगुन है. फिर वह चिंतित होता गया. उसने डॉक्टर के पास जाने के बजाय इंटरनेट पर निदान की तलाश की. वहां उसे ऐसे दावे मिले कि पलकों को थपथपाने से बदकिस्मती दूर हो जाती है.

चीन में कुछ बुजुर्ग लोगों का यह भी मानना ​​है कि पलक पर सफेद कागज की पट्टी चिपकाने से पलकों का फड़कना बंद हो सकता है. स्थानीय समाचार पत्र चांगजियांग डेली के अनुसार, ले ने तीन दिनों तक अपनी दाहिनी आंख के आसपास के हिस्से पर थप्पड़ मारे. अंततः आंख का फड़कना बंद हो गया, लेकिन इससे कहीं अधिक गंभीर समस्या सामने आ गई.

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उसकी दृष्टि धीरे-धीरे धुंधली होती चली गई. वह केवल सीधे आगे ही देख पाता था. दोनों ओर की देखने की क्षमता खत्म हो गई. इसके बाद उसे सामने भी नहीं दिखाई देने लगी. ले ने चिकित्सा सहायता ली और उन्हें रेटिना के अलग होने की बीमारी का पता चला. सर्जरी के बाद, डॉक्टर उनकी दृष्टि वापस लाने में सफल रहे.

डॉक्टरों का कहना है कि मानव रेटिना की मोटाई औसतन 0.3 मिमी से भी कम होती है और जोर से थप्पड़ मारने से इसका प्रभाव आंख की पुतली तक पहुंच सकता है, जिससे रेटिना के फटने का खतरा बढ़ जाता है.ले ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.

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डॉक्टरों का कहना है कि पलकों का अल्पकालिक फड़कना ज्यादातर आंखों पर जोर पड़ने, नींद की कमी या तनाव के कारण होता है. आमतौर पर आराम करने से ठीक हो जाता है. लेकिन अगर यह फड़कना एक सप्ताह से अधिक समय तक बना रहता है, फैलता है, या गालों या मुंह के कोनों को प्रभावित करता है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

यह पहली बार नहीं है जब चीन में इस तरह के अंधविश्वासों ने लोगों का ध्यान खींचा हो. हुनान प्रांत में रहने वाली एक महिला ने  तीन साल तक अपनी बाईं पलक के फड़कने की समस्या का इलाज नहीं करवाया, क्योंकि वह इसे सौभाग्य का संकेत मानती थी. जून तक, यह स्थिति बिगड़कर चेहरे के एक हिस्से में ऐंठन में बदल गई.

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पिछले साल फरवरी में ताइवान की एक महिला ने अपनी बाईं पलक फड़कने के बाद एक स्क्रैच कार्ड खरीदा, यह मानते हुए कि यह धन का संकेत है. बताया जाता है कि उसने 10 लाख ताइवानी डॉलर (31,400 अमेरिकी डॉलर) जीते.

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