अमेरिका की 26 साल की एंजेलिक खियू का ऑफिस लॉस एंजिल्स में नहीं, बल्कि करीब 600 किलोमीटर दूर सैन फ्रांसिस्को में है. खास बात यह है कि वह नौकरी के लिए हर बार शहर बदलने के बजाय फ्लाइट से ऑफिस जाती हैं. उनकी कंपनी हाइब्रिड वर्क मॉडल पर काम करती है और कर्मचारियों को हफ्ते में तीन दिन ऑफिस आना होता है. इसलिए एंजेलिक लॉस एंजिल्स से सैन फ्रांसिस्को तक हवाई सफर करती हैं.
सुबह 4:30 बजे शुरू होता है सफर
ऑफिस वाले दिन एंजेलिक की सुबह करीब 4:30 बजे शुरू होती है. वह कार से एयरपोर्ट जाती हैं और सुबह 6 बजे की फ्लाइट पकड़ती हैं. उनका कहना है कि टीएसए प्रीचेक और क्लियर की सुविधा होने की वजह से एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी से गेट तक पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगता.
करीब डेढ़ घंटे की फ्लाइट के बाद वह सैन फ्रांसिस्को पहुंचती हैं. वहां से पब्लिक ट्रांसपोर्ट लेकर सीधे ऑफिस जाती हैं और अक्सर सुबह 8:30 बजे तक काम शुरू करने के लिए तैयार हो जाती हैं.
ऑफिस से लौटते समय भी उन्हें यही सफर उल्टा करना पड़ता है. उनके पास दोनों शहरों में रहने की जगह है. अगर लगातार दो दिन ऑफिस जाना हो तो वह सैन फ्रांसिस्को में रुक जाती हैं और फिर लॉस एंजिल्स लौटती हैं.
महीने में 6 से 10 फ्लाइट
एंजेलिक ने बताया कि साल के शुरुआती छह महीनों में वह लगभग हर हफ्ते इस तरह सफर करती थीं. उस दौरान वह महीने में करीब 6 से 10 फ्लाइट लेती थीं. हालांकि अब उनकी फ्लाइट्स कुछ कम हो गई हैं.
उन्हें हवाई सफर से खास परेशानी भी नहीं होती. उनका कहना है कि बचपन से ही उन्हें फ्लाइट में बैठना पसंद रहा है. यहां तक कि छुट्टियों में एयरपोर्ट जाने की खुशी में वह रात को सो नहीं पाती थीं.
हालांकि इस तरह के सफर में परेशानी भी आती है. कई बार वह यात्रा से सिर्फ एक दिन पहले टिकट बुक करती हैं. फ्लाइट में देरी या कैंसिलेशन होने पर उनकी मुश्किल बढ़ जाती है.
फ्लाइट कैंसिल हुई तो 7 घंटे कार चलानी पड़ी
एक बार उनकी फ्लाइट लेट होते-होते कैंसिल हो गई. अगली उपलब्ध फ्लाइट अगले दिन दोपहर 3 बजे की थी. ऐसे में एंजेलिक ने चार अन्य यात्रियों के साथ कार किराए पर ली और करीब 7 घंटे का सफर सड़क से तय किया.
उन्होंने बताया कि उस दौरान उनके पास सुबह 8 बजे मीटिंग थी और वह मीटिंग से सिर्फ 30 मिनट पहले घर पहुंच पाईं. उन्होंने कहा कि उस दिन उन्हें सोने का मौका तक नहीं मिला.
लोग कहते थे- 'तुम पागल हो'
एंजेलिक के मुताबिक, जब लोगों को उनकी इस यात्रा के बारे में पता चला तो कई लोगों ने उन्हें पागल तक कहा. लेकिन उनके लिए यह अब सामान्य हो चुका है. उनका कहना है कि इस रूट पर सफर करने वाले कई लोगों के चेहरे अब उन्हें पहचान में आने लगे हैं और धीरे-धीरे वे एक-दूसरे से बात करने लगे हैं.
करियर भी नहीं छोड़ा, घर भी नहीं
एंजेलिक का कहना है कि वह लॉस एंजिल्स में अपनी निजी जिंदगी छोड़ना नहीं चाहती थीं, लेकिन सैन फ्रांसिस्को में मिली नौकरी उनके करियर के लिए सही कदम थी. इसलिए उन्होंने दोनों के बीच संतुलन बनाने के लिए यह तरीका चुना.
उनके मुताबिक, जब लोग किसी लक्ष्य को लेकर गंभीर होते हैं तो वे रास्ता निकाल ही लेते हैं. उनके लिए सैन फ्रांसिस्को में करियर और लॉस एंजिल्स में अपनी निजी जिंदगी, दोनों को साथ रखना ज्यादा जरूरी है. यही वजह है कि वह लंबी दूरी तय करने के बावजूद हफ्ते में कई बार फ्लाइट लेकर ऑफिस पहुंचती हैं.