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Best Tea Gardens in India: पहाड़ और दूर तक फैली हरियाली... भारत के इन चाय बागानों की खूबसूरती देख रह जाएंगे दंग

भारत के चाय बागान सिर्फ चाय उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि अपनी खूबसूरत हरियाली, पहाड़ों, धुंध और शांत माहौल के लिए भी मशहूर हैं. दार्जिलिंग, मुन्नार, असम, नीलगिरी, कांगड़ा, डुआर्स, वालपराई और वायनाड के चाय बागान नेचर लवर्स के लिए शानदार ट्रैवल डेस्टिनेशन हैं.

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चाय के बागान घूम सकते हैं. (PHOTO:ITG)
चाय के बागान घूम सकते हैं. (PHOTO:ITG)

Best Tea Gardens in India: भारत में सुबह और शाम लोग चाय पीते हैं, इतना ही नहीं कुछ लोगों का मानना है कि इसके बिना उनकी सुबह नहीं होती है. चाय भारतीयों की फेवरेट ड्रिंक है, और अलग-अलग इलाकों में इसे अलग तरीके से बनाया भी जाता है. अगर आप भी पहाड़ों पर चाय पीना पसंद करते हैं तो आपको एक बार भारत के सबसे खूबसूरत चाय के बगान जरूर देखने चाहिए. 

देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले चाय के बागान अपनी हरियाली, पहाड़ों, धुंध और शांत माहौल के लिए टूरिस्ट्स को काफी अट्रैक्ट करते हैं. कहीं दूर तक फैली चाय की कतारें नजर आती हैं तो कहीं इन्हीं बागानों के पीछे ऊंचे पहाड़ और घने जंगल दिखाई देते हैं. अगर आपको नेचर के बीच घूमना पसंद है, तो भारत के ये चाय बागान आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होने चाहिए.

दार्जिलिंग के चाय बागान, पश्चिम बंगाल

हिमालय की तलहटी में बसा दार्जिलिंग अपने चाय बागानों के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. यहां पहाड़ों की ढलानों पर दूर-दूर तक फैले हरे चाय के पौधे और उनके बीच चलती धुंध बेहद खूबसूरत नजारा बनाती है. कई जगहों पर पर्यटक चाय बागान घूमने के साथ चाय बनने का प्रोसेस भी देख सकते हैं. सुबह के समय यहां का नजारा खासतौर पर दिल छू लेने वाला होता है, जब पहाड़ियों पर सूरज की हल्की रोशनी पड़ती है.

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मुन्नार के चाय बागान, केरल

केरल का मुन्नार अपनी हरी-भरी पहाड़ियों और चाय के बागानों के लिए मशहूर है. पहाड़ों की ढलानों पर एक जैसी कतारों में लगे चाय के पौधे दूर तक हरे कालीन जैसे दिखाई देते हैं. यहां कई जगहों पर चाय बागान और फैक्ट्री टूर का ऑप्शन मिलता है, जहां पर्यटक चाय की खेती, पत्तियों की प्रोसेसिंग और चाय की अलग-अलग किस्मों के बारे में जान सकते हैं. घुमावदार पहाड़ी सड़कें और ठंडा मौसम सफर को और खूबसूरत बनाते हैं.

असम के चाय बागान

असम भारत के प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है और यहां के बड़े चाय बागान अपने अलग अंदाज के लिए जाने जाते हैं. दूर तक फैली हरियाली और सुबह की हल्की धुंध इन बागानों को बेहद सुंदर बना देती है. असम में कुछ पुराने चाय एस्टेट्स में हेरिटेज बंगले भी देखने को मिलते हैं, जहां ठहरकर पर्यटक चाय बागान से जुड़ी पुरानी जीवनशैली को करीब से समझ सकते हैं.

नीलगिरी के चाय बागान, तमिलनाडु

तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में फैले चाय बागान नेचर लवर्स खूब पसंद आते हैं. यहां पहाड़ियों और घाटियों पर फैली चाय की हरियाली के बीच ड्राइव करना अपने आप में एक खूबसूरत एक्सपीरियंस है. ठंडा मौसम, घुमावदार रास्ते और शांत वातावरण इस जगह को खास बनाते हैं. नीलगिरी की चाय अपनी खुशबू और अलग स्वाद के लिए भी जानी जाती है.

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कांगड़ा के चाय बागान, हिमाचल प्रदेश

धौलाधार की पहाड़ियों की पृष्ठभूमि में फैली कांगड़ा घाटी के चाय बागान बाकी पॉपुलर चाय बागानों से थोड़ा अलग अनुभव देते हैं. यहां आपको हरियाली के साथ ऊंचे पहाड़ों का शानदार नजारा देखने को मिलता है. कांगड़ा के चाय बागान ज्यादा शांत माहौल पसंद करने वाले लोगों के लिए अच्छे हो सकते हैं. यहां स्थानीय चाय और चाय बनाने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली जा सकती है.

डुआर्स के चाय बागान, पश्चिम बंगाल

पूर्वी हिमालय की तलहटी में स्थित डुआर्स अपने बड़े-बड़े चाय बागानों, जंगलों और नदियों के लिए जाना जाता है. यहां चाय के बागानों के साथ प्रकृति और वाइल्डलाइफ का भी एक्सपीरियंस मिलता है. आसपास कई जंगल और वाइल्ड लाइफ एरिया मौजूद हैं, इसलिए अगर आप चाय बागान के साथ नेचर ट्रिप करना चाहते हैं तो डुआर्स अच्छा ऑप्शन हो सकता है.

वालपराई के चाय एस्टेट्स, तमिलनाडु

पश्चिमी घाट में बसा वालपराई उन यात्रियों के लिए खास है जो भीड़ से दूर प्रकृति के बीच समय बिताना चाहते हैं. यहां बड़े-बड़े चाय एस्टेट्स के आसपास घने जंगल, झरने और घुमावदार सड़कें नजर आती हैं. सफर के दौरान अलग-अलग तरह के पक्षी और वन्यजीव भी दिखाई दे सकते हैं. चाय बागानों के बीच से गुजरता रास्ता इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देता है.

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वायनाड के चाय बागान, केरल

वायनाड मसालों के बागानों के लिए ज्यादा मशहूर है, लेकिन यहां की पहाड़ियों पर फैले चाय बागान भी देखने लायक हैं. आसपास के जंगल, झरने और पहाड़ी नजारा इसे शांत छुट्टी के लिए अच्छा डेस्टिनेशन बनाते हैं. हरियाली के बीच कुछ समय सुकून से बिताने और प्रकृति को करीब से देखने के लिए वायनाड का रुख किया जा सकता है.

कब जाएं चाय बागान घूमने?

चाय बागान वाले ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में सितंबर के आखिरी हफ्ते और अक्टूबर से मार्च के बीच मौसम घूमने के लिए सुहावना रहता है. हालांकि मुन्नार, वायनाड और वालपराई जैसे कुछ इलाकों में मौसम की वजह से अलग-अलग समय पर भी घूमने का प्लान बनाया जा सकता है. अगर आप चाय की पत्तियां तोड़ने की प्रक्रिया देखना चाहते हैं, तो लोकल प्लकिंग सीजन के बारे में पहले जानकारी लेना बेहतर रहेगा.

चाय बागान घूमते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. चाय बागानों में कई बार ढलान और कच्चे रास्ते होते हैं, इसलिए आरामदायक जूते पहनकर जाएं.
  2. किसी निजी एस्टेट में बिना अनुमति एंट्री न करें. जहां गाइडेड टूर की सुविधा हो, वहां उसके जरिए बागान और चाय बनाने की प्रक्रिया को समझना बेहतर रहेगा.
  3. पहाड़ी इलाकों में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए हल्की जैकेट साथ रखें. 
  4. चाय की पत्तियां तोड़ रहे कर्मचारियों के काम में रुकावट न डालें और बागान की प्रकृति को नुकसान पहुंचाने से बचें.
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