सिद्धारमैया (Siddaramaiah) एक राजनीतिज्ञ हैं. वह कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री हैं (Former CM Karnataka). सिद्धारमैया ने 28 मई 2026 को अपने पद से इस्तीफे का ऐलान किया. वह 9 दिसंबर 2019 से कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में कार्यरत हैं. सिद्धारमैया भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के नेता हैं और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य भी हैं (Siddaramaiah Member Congress).
कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस ने भारी जीत दर्ज की थी.
सिद्धारमैया कई वर्षों तक जनता परिवार के विभिन्न गुटों के सदस्य रहे हैं. इससे पहले, जनता दल (सेक्युलर) के नेता के रूप में, वह दो अवसरों पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री थें. उन्होंने अपने इस्तीफे के बावजूद वर्तमान में कर्नाटक के विपक्ष के नेता के रूप में काम करना जारी रखा है, जिसे उच्च स्तर पर स्वीकार नहीं किया गया और उन्होंने अपना कार्यकाल जारी रखा (Siddaramaiah Political Career).
उनका जन्म 3 अगस्त 1947 को मैसूर जिले के टी. नरसीपुरा के पास वरुणा होबली में सिद्धारमनहुंडी नाम के एक गांव में हुआ था (Siddaramaiah Born). उनके पिता, सिद्धारमे गौड़ा और मां, बोरम्मा थीं (Siddaramaiah Parents).
उन्होंने बी.एससी और एलएल.बी. मैसूर विश्वविद्यालय से किया है. सिद्धारमैया मैसूर में एक वकील, चिक्काबोरैया के अधीन जूनियर थे और बाद में उन्होंने कुछ समय के लिए कानून पढ़ाया भी (Siddaramaiah Education).
सिद्धारमैया ने पार्वती से शादी की (Siddaramaiah Wife) है और उनके दो बेटे हैं. राजनीति में अपने पिता के उत्तराधिकारी के रूप में देखे जाने वाले उनके बड़े बेटे राकेश की 2016 में 38 वर्ष की उम्र में मल्टी ऑर्गेन्स फेलियर के कारण मृत्यु हो गई. उनके छोटे बेटे, यतींद्र ने 2018 विधानसभा चुनाव लड़ा और मैसूरु में वरुणा की सीट से जीत हासिल की, जो पहले उनके पिता की सीट थी (Siddaramaiah Sons).
बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली में खरीदा गया था और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के ऑफिशियल रेसिडेंस पर प्रज्वल प्रसाद नाम के व्यक्ति को सौंपा गया था.
बेंगलुरु की एक कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की याचिका पर उनसे जुड़े एक स्टिंग वीडियो के प्रसारण और प्रसार पर अंतरिम रोक लगा दी है. सिद्धारमैया ने वीडियो को अपने खिलाफ दुष्प्रचार और मानहानि की कोशिश बताया है. उनके बेटे और कर्नाटक सरकार में मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया ने भी वीडियो को फर्जी बताते हुए इसे छवि खराब करने की साजिश कहा है.
कर्नाटक हाई कोर्ट ने 2022 के SC-ST आरक्षण बढ़ाने वाले कानून की धारा 3 को संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन बताते हुए रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि आरक्षण की कुल सीमा 50% से अधिक नहीं हो सकती.
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया. उनके मुताबिक डीके शिवकुमार ने कथित तौर पर सिद्धारमैया के खिलाफ एक स्टिंग ऑपरेशन किया था. कुमारस्वामी का दावा है कि इसी स्टिंग को बाद में सिद्धारमैया पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया.
INDIA गठबंधन में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर विवाद बढ़ गया है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल में पूरे 3 मिनट 10 सेकेंड तक राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े रहे. इसे लेकर कांग्रेस ने उनपर निशाना साधा था. अब नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कर्नाटक और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों के वीडियो शेयर कर कांग्रेस के विरोध का जवाब दिया है.
कांग्रेस 2027 की जनगणना में जातिगत गणना को बीजेपी के खिलाफ हथियार बना रही है, पर कर्नाटक में उसे अपनी ही पार्टी से चुनौती मिल रही है. पूर्व सीएम सिद्धारमैया ने राज्य सरकार से जातिगत सर्वे रिपोर्ट लागू करने और आरक्षण 75 प्रतिशत करने की मांग की है.
कर्नाटक में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया जिसमें कांग्रेस के 19 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली. हालांकि, पार्टी की इकलौती महिला नेता गायत्री शांतेगौड़ा ने शपथ नहीं ली.
कर्नाटक में कुछ ही देर में कैबिनेट विस्तार होने वाला है. इस कैबिनेट में सबको समान प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है. वोकालिग्गा, लिंगायत और पिछड़े वर्ग को इस कैबिनेट में बहुत तरजीह दी गई है.
कर्नाटक में लंबे वक्त से प्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार को लेकर हलचल तेज हो गई है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा सुबह 10 बजे तक नई सूची मुख्यमंत्री को भेजे जाने की संभावना है. इसके बाद सूची राज्यपाल को भेजी जाएगी और शाम 4 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है.
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली में कांग्रेस की बैठक हुई. मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की सौंपी गई संभावित उम्मीदवारों की सूची में से 16 से 18 नामों को मंजूरी मिली है.
कर्नाटक में लंबे समय से प्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया तेज हो गई है. सूत्रों ने बताया कि आज रात 8 बजे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया केसी वेणुगोपाल के साथ रात 8 बजे अहम बैठक करेंगे.
सिद्धारमैया के चुनाव नहीं लड़ने के ऐलान के बाद बेटे यतींद्र ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है. उनके बयान से इस फैसले को लेकर कई बातें साफ हुई हैं.
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि वह 2028 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे. मंड्या में दिए गए इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में उनके भविष्य और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
कर्नाटक में सत्ता नेतृत्व का परिवर्तन कर कांग्रेस ने नई जाति केमिस्ट्री बनाने की कोशिश की है. वोक्कालिगा समाज से डीके शिवकुमार को सीएम बनाया तो दलित समुदाय से जी परमेश्वर को डिप्टी सीएम की कुर्सी सौंपी है. सियासी बैलेंस बनाए रखने के लिए ओबीसी समुदाय से आने वाले बीके हरिप्रसाद को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है.
कर्नाटक मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद डीके शिवकुमार ने कैबिनेट की पहली बैठक की है. इसके बाद उन्होंने कहा कि सत्ता का ट्रांसफर बेहद आसानी से हुआ है. छात्रों के लिए मुफ्त बस पास, 56 हजार सरकारी नौकरियां और सामूहिक नेतृत्व के बड़े फैसलों के साथ 'डीके युग' की शुरुआत हो चुकी है.
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पदभार संभालने के बाद अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का संकेत दिया है. पहली कैबिनेट बैठक में छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया. सरकार ने छात्र हित और रोजगार सृजन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है. नई सरकार शिक्षा, रोजगार और विकास को केंद्र में रखकर काम करने का संदेश देती नजर आ रही है.
कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. कांग्रेस नेतृत्व की मौजूदगी में हुए भव्य समारोह में 13 मंत्रियों ने भी उनके साथ शपथ ग्रहण की. शिवकुमार ने सिद्धारमैया की जगह ली है, जिन्होंने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था.
सिद्धारमैया को दिल्ली शिफ्ट करने की कोशिश भी बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा जैसी ही लगती है. जब क्षेत्रीय जनाधार वाले नेता राष्ट्रीय ढांचे में जगह पाते हैं, तब यह देखना महत्वपूर्ण हो जाता है कि वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में कितना महत्व मिलता है - कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर यही देखने को मिल रहा है.
Karnataka CM Swearing-In LIVE Updates: डीके शिवकुमार की एक लंबा सियासी सफर अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है. वे मुख्यमंत्री पद की शपथ की तैयारी कर रहे हैं. इसके साथ ही सिद्धारमैया की विदाई के बाद राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है.
कर्नाटक की सत्ता पर डीके शिवकुमार विराजमान होने जा रहे हैं. बुधवार शाम चार बजे शिवकुमार सीएम पद की शपथ लेंगे. सिद्धारमैया ने भले ही सीएम की कुर्सी छोड़ दी हो, लेकिन सियासत में उनकी पकड़ कम नहीं है. इसीलिए कांग्रेस हाईकमान ने कर्नाटक में शिवकुमार सरकार कैसे चलेगी, उसकी रूप रेखा दिल्ली में तय कर ली है.
कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार के शपथ से ठीक पहले कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कांग्रेस वर्किंग कमेटी का सदस्य नियुक्त कर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद उनका राजनीतिक कद बरकरार रहेगा.