23 अक्टूबर 2026 को बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद की 28 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज यानी 27 अक्टूबर 2026 को मतगणना शुरू हो गई है.
एमएलसी चुनाव (MLC Elections) का संबंध विधान परिषद के सदस्यों के चुनाव से है. एमएलसी का पूरा नाम मेंबर ऑफ लेजिस्लेटिव काउंसिल (Member of Legislative Council) है. भारत के कुछ राज्यों में विधानसभा के साथ विधान परिषद भी होती है. विधान परिषद राज्य की विधायिका का उच्च सदन है, जबकि विधानसभा को निचला सदन कहा जाता है.
भारत के सभी राज्यों में विधान परिषद नहीं है. जिन राज्यों में यह व्यवस्था है, वहां विधान परिषद के सदस्यों का चयन अलग-अलग तरीकों से होता है. विधान परिषद के सदस्यों का कार्यकाल छह साल होता है. इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में सेवानिवृत्त होते हैं. इस कारण परिषद कभी पूरी तरह भंग नहीं होती.
संविधान के अनुसार, विधान परिषद के लगभग एक-तिहाई सदस्य स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों द्वारा चुने जाते हैं. इनमें नगर निगम, नगर पालिका और जिला परिषद जैसे निकायों के निर्वाचित सदस्य शामिल हो सकते हैं. लगभग एक-बारहवां हिस्सा ऐसे मतदाताओं द्वारा चुना जाता है, जिन्होंने निर्धारित शर्तों के अनुसार स्नातक की पढ़ाई पूरी की हो. इसी तरह लगभग एक-बारहवां हिस्सा शिक्षकों द्वारा चुना जाता है, जो तय योग्यता और अनुभव की शर्तें पूरी करते हैं.
विधान परिषद के लगभग एक-तिहाई सदस्य विधानसभा के विधायकों द्वारा चुने जाते हैं. बाकी सदस्यों को राज्यपाल मनोनीत करते हैं. इनमें साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष अनुभव रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं.
एमएलसी चुनाव में मतदान की प्रक्रिया सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होती है. इसमें सभी आम मतदाता सीधे मतदान नहीं करते, बल्कि संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निर्धारित मतदाता अपने प्रतिनिधि को चुनते हैं. चुनाव में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली और एकल संक्रमणीय मत का इस्तेमाल किया जाता है.
विधान परिषद का उद्देश्य राज्य में कानून बनाने की प्रक्रिया पर विचार-विमर्श करना और विधेयकों की समीक्षा करना है. एमएलसी सदस्य सदन में जनहित के मुद्दे उठाते हैं और सरकार के कामकाज पर चर्चा करते हैं. इस तरह एमएलसी चुनाव राज्य की विधायी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के MLC चुनाव की कांउटिंग के दौरान देवरिया के बनकटा क्षेत्र की एक बैलट बॉक्स की सील टूटी हुई मिली. इससे मतगणना केंद्र पर हलचल मच गई. निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह ने मामले में आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की है.
यूपी और बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव की मतगणना शुरू हो चुकी है. आम चुनावों से अलग एमएलसी चुनावों में सिर्फ सबसे ज्यादा वोट पाना जीत की गारंटी नहीं होता, बल्कि प्रथम और द्वितीय वरीयता के वोटों के आधार पर एक तय 'कोटा' हासिल करने के बाद ही हार-जीत का फैसला होता है.
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के नतीजे आज यानी मंगलवार को घोषित किए जाएंगे. ये नतीजे सत्ताधारी NDA, विपक्षी महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के लिए अहम होंगे.
चुनाव आयोग ने गोरखपुर-फैजाबाद एमएलसी क्षेत्र के इलेक्शन ऑब्जर्वर को पद से हटा दिया है. अब 2009 बैच के IAS अधिकारी प्रकाश बिंदु को नया इलेक्शन ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है.
आज उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में एमएलसी (विधान परिषद) चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक और कड़े इंतजाम किए गए हैं. मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा. मतदाताओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न इलाकों में अलग-अलग बूथ और केंद्र बनाए गए हैं.
बिहार के दरभंगा शिक्षक एमएलसी चुनाव में बेगूसराय के 42 इंच के प्रोफेसर गौतम कुमार ने मतदान कर लोकतंत्र के प्रति अपना जज्बा दिखाया. टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल गौतम कुमार ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए सही प्रतिनिधि चुनना जरूरी है.
वाराणसी में एमएलसी चुनाव की मतगणना के लिए पुलिस प्रशासन ने त्रिस्तरीय सुरक्षा योजना और ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है. मतगणना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और ड्रोन व सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है.
यूपी के MLC चुनावों में 11 सीटों पर चुनाव हुए. उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला EVM में कैद हो गया और अब 27 अक्टूबर को इसके परिणाम आएंगे. इस बार के यूपी MLC चुनाव में काफी हंगामा देखने को मिला और सियासत भी खूब गरमाई. चुनाव के दौरान भिड़ंत, टकराव और गड़बड़ी के आरोप भी देखने को मिले. देखें यूपी पर आधारित ये स्पेशल शो.
उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों पर हुए मतदान के दौरान राज्य के कई जिलों में भारी हंगामा और सियासी बवाल देखने को मिला. आगरा, गोरखपुर, फतेहपुर, मुजफ्फरनगर, सीतापुर, मुरादाबाद और प्रयागराज जैसे शहरों में मतदान केंद्रों पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. इस दौरान जबरन वोट डलवाने और बूथ कैप्चरिंग के गंभीर आरोप लगाए गए.
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को MLC इलेक्शन के लिए मतदान हुआ. 11 सीटों पर 152 उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला EVM में कैद हो गया. 27 अक्टूबर को इसके नतीजे आएंगे. आमतौर पर MLC चुनाव इतना चर्चा में नहीं रहते लेकिन इस बार यूपी में दिनभर हंगामा होता रहा. आगरा में तो सपा प्रत्याशी ने रोते हुए धांधली का आरोप लगाया. देखें खबरदार.
उत्तर प्रदेश और बिहार में विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के दौरान कई जगहों पर भारी हंगामा और तीखी झड़प देखने को मिली. यूपी की 11 सीटों पर मतदान के दौरान अलग-अलग जिलों से विवाद की खबरें सामने आईं. फतेहपुर में जबरन मतदान कराने के आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट और नोकझोंक हुई. बिहार के मोकामा में भी चुनाव के दौरान भारी तनाव का माहौल रहा. जेडीयू विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ मोर्चा खोलते नजर आए.
शिक्षक एमएलसी चुनाव पर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ने शिक्षक मतदाताओं से अपने अधिकारों के लिए मतदान करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र का महापर्व है और शिक्षकों के पास अपनी समस्याओं का समाधान कराने के लिए सही प्रतिनिधि चुनने का सुनहरा मौका है. लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना की बहाली, वित्तविहीन शिक्षकों के लिए मानदेय और सेवा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे लंबित पड़े हैं. प्रत्याशी का कहना है कि इन सभी समस्याओं का स्थाई और वास्तविक समाधान केवल समाजवादी पार्टी की सरकार में ही संभव है.
मेरठ सहारनपुर खंड शिक्षक एवं स्नातक एमएलसी चुनाव के दौरान मुजफ्फरनगर में मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है. सुबह 8 बजे से ही मतदान केंद्रों पर शिक्षकों और स्नातक मतदाताओं की भीड़ जुटने लगी. मुजफ्फरनगर के वैदिक पुत्री कन्या इंटर कॉलेज में बने मतदान केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए काफी जागरूक नजर आ रहे हैं. चुनाव में भाग ले रहे मतदाताओं का कहना है कि अब एमएलसी चुनाव को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है. मतदाता ऐसे उम्मीदवार को चुनना चाहते हैं जो उनकी समस्याओं को विधान परिषद में प्रमुखता से उठा सके.
बिहार एमएलसी चुनाव के दौरान राजद उम्मीदवार डॉ. संजीव के आवास पर पुलिस छापेमारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. डॉ. संजीव ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे चुनाव को प्रभावित करने की साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा कि बिना किसी सर्च वारंट के पुलिस उनके घर में दाखिल होने की कोशिश कर रही थी, जिसे उन्होंने रोक दिया. डॉ. संजीव के अनुसार, जब से उन्होंने जदयू छोड़कर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सदस्यता ली है, तब से सरकार उन्हें लगातार परेशान कर रही है.
उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद (एमएलसी) सीटों के लिए मतदान प्रक्रिया तेजी से जारी है. इस चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी दोनों ही दल अपनी पूरी राजनीतिक ताकत झोंक चुके हैं. मतदान के दौरान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक अपनी पत्नी नम्रता पाठक के साथ लखनऊ के महानगर स्थित पॉलिटेक्निक मतदान केंद्र पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
बीजेपी MLC देवेंद्र प्रताप सिंह ने गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक MLC चुनाव की मतगणना में लगे कर्मियों को खुला पत्र लिखा. उन्होंने पारदर्शिता बनाए रखने और कथित दबाव के बावजूद धांधली रोकने की अपील की.
कर्नाटक एमएलसी चुनाव के दौरान बीजेपी ने कांग्रेस पर 'वोट चोरी' का आरोप लगाया है. वेस्ट ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव में हावेरी असिस्टेंट कमिश्नर ऑफिस स्थित पोलिंग स्टेशन नंबर 85 पर वोटर इंपर्सनेशन का आरोप लगाया गया है.
आगरा मंडल शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव आयोग ने मतदान को लेकर बड़ा फैसला लिया है. तीन बूथों पर हुई वोटिंग रद्द कर दी गई है. अब दोबारा मतदान कराने के साथ गड़बड़ी की जिम्मेदारी तय करने की जांच भी होगी.
यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के आधिकारिक X हैंडल से मतदाता सूची में दर्ज एक विवादित नाम पर की गई तीखी टिप्पणी के बाद बवाल खड़ा हो गया. आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद संजय सिंह समेत अन्य नेताओं की कड़ी आपत्ति के बाद CEO UP ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है.
पटना के एक मतगणना केंद्र के बाहर उस समय अचानक अफरा-तफरी और भारी हंगामा मच गया, जब कुछ कर्मचारियों को संदिग्ध परिस्थितियों में फाइलों के बंडल बाहर ले जाते देखा गया, वहां मौजूद लोगों और विभिन्न राजनीतिक प्रतिनिधियों की नजर जैसे ही इन कर्मचारियों पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उन्हें रोक लिया और फाइलें बाहर ले जाने का विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते मतगणना केंद्र परिसर के बाहर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई और भारी विरोध प्रदर्शन होने लगा.
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चल रही मतगणना के दौरान पटना में फाइलों के बंडल को लेकर विवाद और हंगामा हुआ. एक कर्मचारी फाइलें लेकर बाहर आ रहा था, जिसे लोगों और यूट्यूबर्स ने घेर लिया और फाइलें खोलने की मांग की. फाइलें खोलने के बाद अफरा-तफरी मची और फर्जी वोट के आरोप लगे.