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मीनाक्षी नटराजन

मीनाक्षी नटराजन

मीनाक्षी नटराजन

मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं. उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति और संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई है. उनका जन्म 23 जुलाई 1973 को मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बिरलाग्राम, नागदा में एक तमिल परिवार में हुआ था. उन्होंने इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में स्नातकोत्तर और कानून (एलएलबी) की पढ़ाई पूरी की.

राजनीति में उनकी शुरुआत रतलाम से हुई, जहां उन्होंने कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) से जुड़कर काम शुरू किया.
मीनाक्षी नटराजन का राजनीतिक सफर संगठनात्मक जिम्मेदारियों से आगे बढ़ा. वह वर्ष 1999 से 2002 तक एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रहीं. इसके बाद 2002 से 2005 तक उन्होंने मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस की अध्यक्ष के रूप में काम किया. वर्ष 2008 में उन्हें राहुल गांधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) का सचिव नियुक्त किया गया.

साल 2009 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश की मंदसौर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लक्ष्मीनारायण पांडे को हराकर जीत दर्ज की. यह उनका संसद में पहला और अब तक का एकमात्र कार्यकाल रहा, जो 2009 से 2014 तक चला. सांसद के रूप में उन्होंने कार्मिक, लोक शिकायत, कानून एवं न्याय समिति तथा महिला सशक्तिकरण समिति में सदस्य के रूप में काम किया.

2014 के लोकसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन को मंदसौर सीट से भाजपा के सुधीर गुप्ता के हाथों हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद उन्होंने 2019 में एक बार फिर इसी सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन दोबारा सुधीर गुप्ता से पराजित हो गईं.

संगठन में उनकी सक्रियता लगातार बनी रही. 14 फरवरी 2025 को कांग्रेस ने उन्हें तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया. इसके बाद जून 2026 में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा जारी सूची में उनका नाम भी शामिल किया गया.

राजनीति के अलावा मीनाक्षी नटराजन लेखन से भी जुड़ी रही हैं. उन्होंने "1857-भारतीय परिप्रेक्ष्य" नामक पुस्तक लिखी है, जबकि "अपने-अपने कुरुक्षेत्र" उनका चर्चित उपन्यास माना जाता है.

उनका नाम एक विवाद में भी चर्चा में आया था, जब एक चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मंच से उनका परिचय देते हुए "सौ टका टंच माल" शब्द का इस्तेमाल किया था. इस बयान पर उस समय राजनीतिक बहस भी हुई थी.
 

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