शराब
शराब (Liquor), अनाज, फलों, सब्जियों, या चीनी के आसवन यानी Distillation से बनाया गया एक मादक पेय है. शराब को स्पिरिट ड्रिंक, डिस्टिल्ड बेवरेज या हार्ड लिकर भी कहा जाता है. आसवन प्रक्रिया तरल को मात्रा के हिसाब से अल्कोहल बढ़ाने के लिए केंद्रित करती है. शराब में अन्य मादक पेय की तुलना में काफी अधिक अल्कोहल (Alcohol) होता है, इसलिए इसे हार्ड माना जाता है. शराब के उदाहरणों में ब्रांडी, वोडका, चिरायता, जिन, रम, टकीला और व्हिस्की शामिल हैं (Liquor Brands).
अन्य मादक पेय की तरह, शराब का भी सेवन किया जाता है. शराब undiluted रूप में अक्सर थोड़ा मीठा या कड़वा होता है. आम तौर पर शराब से तेज गंध के साथ एक जलती हुई माउथफिल महसूस किया जा सकता है. शराब का अक्सर किसी और पेय या आइस-क्यूब के साथ लिया जाता है.यह मिश्रित पेय या कॉकटेल शराब के रूप में उपयोग किया जाता है (Liquor Uses).
शराब के तीव्र सेवन से गंभीर शराब का नशा होता है. कभी कभी यह घातक भी हो सकता है. समय के साथ शराब का लगातार सेवन अन्य मादक पेय की तुलना में उच्च मृत्यु दर और अन्य हानिकारक स्वास्थ्य प्रभावों का कारण बनता है (Liquor Cause of Death).
भारत में शराब पीने की कानूनी उम्र और शराब की बिक्री और खपत को नियंत्रित करने वाले कानून अलग-अलग राज्यों में काफी भिन्न होते हैं (Legal Drinking Age in India). भारत में, बिहार, गुजरात, नागालैंड, और मिजोरम राज्यों के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में शराब का सेवन प्रतिबंधित है (Liquor Banned Indian States). अन्य सभी भारतीय राज्य शराब के सेवन की अनुमति देते हैं लेकिन शराब पीने की कानूनी उम्र तय करते हैं, जो प्रति क्षेत्र अलग-अलग उम्र में होती है. कुछ राज्यों में 21 वर्ष या 18 वर्ष की उम्र तय की गई है.
कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद, भारत में शराब की खपत 20 वर्षों की अवधि में 72.5% से अधिक बढ़ गई है (Liquor Consumption India).
गाड़ी चलाते समय रक्त में अल्कोहल की मात्रा (BAC) की कानूनी सीमा 0.03% [46] या 100 मिलीलीटर रक्त में 0.03 मिलीग्राम अल्कोहल है (Blood Alcohol). 1 मार्च 2012 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मोटर वाहन अधिनियम में प्रस्तावित परिवर्तनों को मंजूरी दी. उच्च दंड की शुरुआत की गई, जिसमें 2,000 से 10,000 तक का जुर्माना और 6 महीने से 4 साल तक की कैद शामिल है (Liquor Laws).
अधिकांश भारतीय राज्य इन दिनों को गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती जैसे प्रमुख राष्ट्रीय त्योहारों पर शराब बैन होता है. इसे आमतौर पर ड्राई डे कहते हैं. ड्राई डे पर शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होती है (Liquor, Dry Days in India).
बेहद ही कम बार ऐसा होता है जब कोई एक ऐसा व्यापारिक समझौता हो रहा है, जिसपर पूरी दुनिया की नज़र हो और उस समझौते के केंद्र में शराब भी हो. वो भी खासकर भारत को मद्देनज़र रखते हुए, भारत-ईयू के बीच हुई मदर ऑफ ऑल डील में लग्ज़री कार के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला कीवर्ड लग्ज़री शराब ही रहा और इस डील के बाद कैसे शराबियों की मौज आई, वो भी समझने वाली बात है.
गुजरात यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की छत से शराब की खाली बोतल मिलने के बाद NSUI ने विरोध जताया और हंगामा किया. राज्य में शराबबंदी के बावजूद कैंपस से शराब की बोतलें मिलने पर सवाल उठ रहे हैं. इस मामले में प्रशासन ने 4 सदस्यों की विशेष जांच टीम बनाई है जो 5 दिन में रिपोर्ट सौंपेगी.
छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने आबकारी नीति में बदलाव किया है, जिसके तहत अब शराब कांच की बोतलों की जगह प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी. हालांकि पर्यावरणविदों ने प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग को लेकर चिंता जताई है.
नया साल आने के बाद से ही अलग-अलग वेबसाइट और सोशल मीडिया पर कुछ रिपोर्ट्स घूम रही है कि नई जेनरेशन शराब कम पीती है. अगर ऐसा है तो इसकी वजह से काफी चीज़ें बदल भी रही हैं, उसका असर कैसे ना सिर्फ शराब इंडस्ट्री बल्कि बार इंडस्ट्री और वर्किंग कंडिशन पर पड़ रहा है, ये भी समझने वाली बात है.
पुणे में अवैध शराब बेचने के एक आरोपी के घर से 1 करोड़ 85 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं. आरोपी के घर दो लाख से अधिक मूल्य की शराब की बोतलें भी जब्त की गई हैं, जिनपर अलग-अलग कंपनियों के रैपर लगे हुए हैं.
Pune Police raid में illegal liquor racket का भंडाफोड़. Kondhwa इलाके से लाखों की शराब और 1.85 करोड़ रुपये नकद बरामद, तीन आरोपी गिरफ्तार.
गुजरात सरकार ने गांधीनगर में स्थित गिफ्ट सिटी में शराब पर कड़े नियमों में ढील दी है ताकि वहां आने वाले बाहर के और विदेशी लोग बिना परमिट शराब का सेवन कर सकें. यह कदम गुजरात को वैश्विक कारोबार केंद्र बनाने की दिशा में उठाया गया है. हालांकि गुजरात में शराब बंदी का नियम स्थानीय लोगों के लिए वैसा का वैसा जारी रहेगा. विपक्ष ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है, जबकि सरकार ने इसे निवेश बढ़ाने का अहम कदम बताया है.
गुजरात की शराब नीति पर महात्मा गांधी का गहरा प्रभाव रहा है. गांधी जी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में हुआ था और वे पूर्ण नशामुक्ति के समर्थक थे. वे शराब को सामाजिक बुराई मानते थे, जो गरीबी, घरेलू हिंसा और नैतिक पतन को बढ़ावा देती है. आजादी के बाद उनके विचारों ने उनके गृह राज्य की नीतियों को आकार दिया.
छत्तीसगढ़ ACB/EOW ने शराब घोटाले में चैतन्य बघेल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इसमें दावा किया गया है कि पूर्व सीएम के बेटे ने सिंडिकेट चलाकर ₹250 करोड़ का हिस्सा लिया और उसे रियल एस्टेट में निवेश किया. घोटाले की कुल राशि ₹3,500 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है.
पूर्व क्रिकेटर और अब एक्टर Salil Ankola ने अपनी जिंदगी की दर्दनाक कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने शराब की लत, ICU में भर्ती होने और तीन बार क्लिनिकली मृत घोषित होने का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि कैसे संघर्ष, परिवार और दूसरी पत्नी की सपोर्ट ने उन्हें जिंदगी की ओर वापस लाया.
देशभर में कई ऐसी नौकरियां है जिसके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं. अगर इनमें से कुछ जॉब ऐसे हैं, जिनमें काम कुछ खास नहीं होता है, लेकिन पैसे खूब मिलते हैं. ऐसी ही एक जॉब है वाइन टेस्टर की.
अनुपम खेर ने अपने इंटरव्यू में भांग और जॉइंट का पहला अनुभव साझा किया. 8 घंटे हंसी, उड़ता प्लेन देखता रहा, और फिर लिया फैसला—कभी नहीं दोबारा.
भारत का Nashik Wine City क्यों कहलाता है? यहां 30+ वाइनरी, Sula Vineyards और 50% से ज्यादा Indian Wine Production होता है. जानें वजह.
Liquor Sale In India: आपको ये जानकार हैरानी होगी कि भारत में शराब पीने वालों की संख्या कम होती जा रही है, लेकिन माना जा रहा है कि गांजा पीने वालों की संख्या बढ़ने की वजह से ऐसा हो रहा है.
यह कहानी पौराणिक काल की है जब शुक्राचार्य ने ब्राह्मणों के लिए मदिरा पीने पर शाप लगाया था. देवगुरु बृहस्पति के पुत्र कच ने संजीवनी विद्या सीखने के लिए शुक्राचार्य के आश्रम में कठिन परीक्षाएं दीं और देवयानी से प्रेम के प्रस्ताव को अस्वीकार किया.
गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में पुलिस ने विदेशी शराब की एक बड़ी खेप पकड़ी है. इस खेप को पंजाब से बिहार लाया जा रहा था. पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से एक करोड़ रुपए मूल्य की शराब जब्त कर ली है.
नीतीश कुमार की छवि, उनके प्रति सहानुभूति, महिला वोटरों का समर्थन, शराबबंदी का प्रभाव और चुनाव से पहले किया गया डायरेक्ट कैश ट्रांसफर बिहार विधानसभा चुनाव में फायदेमंद साबित हुए है - नतीजे संकेत दे रहे हैं कि सत्ता विरोधी नहीं, बल्कि ये सत्ता समर्थक लहर का असर है.
Thailand में 8 नवंबर से संशोधित अल्कोहलिक बेवरेज कंट्रोल एक्ट के तहत, प्रतिबंधित घंटों के दौरान शराब पीते या परोसे जाते हुए पकड़े जाने पर मिनिमम 10000 baht या 300 डॉलर का जुर्माना लगेगा.
इसमें कोई दो राय नहीं हो सकती कि पिछले 15 सालों में शराबबंदी के बहुत से नुकसान बिहार को झेलने पड़े हैं. फिर भी बिहार में शराबबंदी का विरोध हर कोई दबी जुबान से ही करता है. पर जब सार्वजनिक रूप से शराबबंदी के खिलाफ बोलना होता है तो लोग संतुलन बनाने की कोशिश करने लगते हैं.
गुजरात जैसे 'ड्राई स्टेट' में शराब की पार्टी होना अपने आप में एक बड़ा अपराध है. लेकिन अहमदाबाद में तो इस पार्टी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्लानिंग की गई थी. अफ्रीकी छात्रों के नाम पर हुए इस गेट-टुगेदर में शराब, हुक्का और टिकट पास का पूरा खेल चल रहा था.
दिवाली पर दिल्ली, तमिलनाडु और नोएडा में शराब की रिकॉर्डतोड़ बिक्री ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. दिल्ली सरकार के मुताबिक, राजधानी में दिवाली के मौके पर लगभग ₹600 करोड़ की शराब बिकी, जो पिछले साल के मुकाबले 15% ज़्यादा है.